Saturday, October 10, 2026

आरोहण–सीखने की ऊँचाइयों की ओर’ का आयोजन

Partap College on Saturday 10th October 2026 at 2:38 PM

नए विद्यार्थियों के स्वागत हेतु सात दिवसीय भव्य उद्घाटन

लुधियाना: 10 अक्टूबर 2026:  >>के के सिंह >>एजुकेशन स्क्रीन>> 


प्रताप कॉलेज ऑफ एजुकेशन
, लुधियाना द्वारा बी.एड. सत्र 2026-28
के नए विद्यार्थियों के स्वागत हेतु सात दिवसीय भव्य उद्घाटन एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम ‘आरोहण – सीखने की ऊँचाइयों की ओर’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की विषयवस्तु कॉलेज के दृष्टिकोण एवं मिशन के अनुरूप तैयार की गई थी, जिसका उद्देश्य इस संस्थान को एक उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करना तथा कुशल शिक्षण समुदाय के निर्माण के लिए मानव संसाधन का विकास करना है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य कॉलेज में प्राप्त शैक्षणिक ज्ञान और विद्यालयों में प्राप्त वास्तविक शिक्षण अनुभव के बीच की दूरी को कम करना था। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, समन्वयक, कॉलेज की काउंसलर तथा प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थी उपस्थित रहे, जो वर्तमान में लुधियाना के प्रसिद्ध विद्यालयों में कार्यरत हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और स्वागत भाषण के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों एवं पूर्व विद्यार्थियों में श्री हरनीत सिंह, प्रधानाचार्य, पोदार इंटरनेशनल स्कूल, लुधियाना सुश्री अनु, वरिष्ठ अध्यापिका, पोदार इंटरनेशनल स्कूल श्री नितिन गौर, टीHजीHटीH विज्ञान, बीHसीHएमH आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल; सुश्री प्राची पोपले, टीHजीHटीH, बीHसीHएमH आर्य इंटरनेशनल स्कूल, शास्त्री नगर तथा श्रीमती शैल शर्मा, मिडिल विंग समन्वयक, बीHसीHएमH आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल थे। इस उद्घाटन कार्यक्रम में कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. मनप्रीत कौर, कॉलेज की काउंसलर सुश्री नवकिरण कौर तथा सभी शिक्षण संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रधानाचार्या डॉ. मनप्रीत कौर का संबोधन रहा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘आरोहण’ केवल एक स्वागत समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के महान एवं पवित्र कार्य से जुड़ने की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को गढ़ने वाला शिल्पकार भी होता है।

सत्र 2026-28 के लिए उनके दृष्टिकोण में मजबूत शैक्षणिक आधार, विद्यालयों में गहन इंटर्नशिप, मूल्य-आधारित अभिमुखीकरण तथा रोजगार के लिए विद्यार्थियों को तैयार करना शामिल है। उनके कुशल नेतृत्व में कॉलेज ने विश्वविद्यालय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए हैं। उन्होंने नए विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया और उन्हें उनके संपूर्ण विकास एवं सफलता के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कॉलेज की काउंसलर सुश्री नवकिरण कौर द्वारा एक महत्वपूर्ण परिचयात्मक सत्र (आइस-ब्रेकिंग सेशन) आयोजित किया गया। इस सत्र में मनोरंजक एवं संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से नए विद्यार्थियों को एक-दूसरे को जानने, आपस में घुलने-मिलने तथा अपनी झिझक दूर करने का अवसर मिला।

एक विशेष संवादात्मक सत्र में श्री हरनीत सिंह और सुश्री अनु ने ‘शिक्षण का नया दृष्टिकोण’ विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने अपने वास्तविक कक्षा-कक्ष अनुभव साझा किए तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंतर्गत भारतीय शिक्षा प्रणाली में सीबीएसई द्वारा निर्धारित नए लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने दक्षता-आधारित शिक्षण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया।

श्री नितिन गौर ने ‘कक्षा शिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एHआईH) का उपयोग – एक अभिनव दृष्टिकोण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि एHआईH उपकरणों की सहायता से विज्ञान शिक्षण को अधिक संवादात्मक, व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप तथा प्रभावशाली बनाया जा सकता है।

सुश्री प्राची पोपले ने बी.एड. पूरा करने के तुरंत बाद लुधियाना के प्रतिष्ठित विद्यालयों में से एक में नियुक्ति प्राप्त करने की अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा की। उन्होंने नए विद्यार्थियों को संचार कौशल विकसित करने तथा विद्यालय इंटर्नशिप को पूरी ईमानदारी और गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित किया। सभी पूर्व विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय प्रताप कॉलेज को दिया और अपने मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्रीमती शैल शर्मा ने ‘भावी शिक्षकों का पोषण एवं व्यक्तित्व विकास’ विषय पर संबोधित करते हुए शिक्षकीय नैतिकता, सहानुभूति तथा कक्षा-कक्ष प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया।

कॉलेज के संकाय सदस्यों ने भी विभिन्न सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावसायिक नैतिकता, शिक्षण में एआई के उपयोग, भारतीय समाज एवं शिक्षा की वर्तमान स्थिति तथा संचार कौशल को बेहतर बनाने के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की।

इस कार्यक्रम का समन्वयन कॉलेज की सहायक प्राध्यापिका सुश्री बैशाखी बनर्जी द्वारा किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम का समापन हुआ।