Saturday, October 10, 2026

आरोहण–सीखने की ऊँचाइयों की ओर’ का आयोजन

Partap College on Saturday 10th October 2026 at 2:38 PM

नए विद्यार्थियों के स्वागत हेतु सात दिवसीय भव्य उद्घाटन

लुधियाना: 10 अक्टूबर 2026:  >>के के सिंह >>एजुकेशन स्क्रीन>> 


प्रताप कॉलेज ऑफ एजुकेशन
, लुधियाना द्वारा बी.एड. सत्र 2026-28
के नए विद्यार्थियों के स्वागत हेतु सात दिवसीय भव्य उद्घाटन एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम ‘आरोहण – सीखने की ऊँचाइयों की ओर’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की विषयवस्तु कॉलेज के दृष्टिकोण एवं मिशन के अनुरूप तैयार की गई थी, जिसका उद्देश्य इस संस्थान को एक उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करना तथा कुशल शिक्षण समुदाय के निर्माण के लिए मानव संसाधन का विकास करना है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य कॉलेज में प्राप्त शैक्षणिक ज्ञान और विद्यालयों में प्राप्त वास्तविक शिक्षण अनुभव के बीच की दूरी को कम करना था। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, समन्वयक, कॉलेज की काउंसलर तथा प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थी उपस्थित रहे, जो वर्तमान में लुधियाना के प्रसिद्ध विद्यालयों में कार्यरत हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और स्वागत भाषण के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों एवं पूर्व विद्यार्थियों में श्री हरनीत सिंह, प्रधानाचार्य, पोदार इंटरनेशनल स्कूल, लुधियाना सुश्री अनु, वरिष्ठ अध्यापिका, पोदार इंटरनेशनल स्कूल श्री नितिन गौर, टीHजीHटीH विज्ञान, बीHसीHएमH आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल; सुश्री प्राची पोपले, टीHजीHटीH, बीHसीHएमH आर्य इंटरनेशनल स्कूल, शास्त्री नगर तथा श्रीमती शैल शर्मा, मिडिल विंग समन्वयक, बीHसीHएमH आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल थे। इस उद्घाटन कार्यक्रम में कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. मनप्रीत कौर, कॉलेज की काउंसलर सुश्री नवकिरण कौर तथा सभी शिक्षण संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रधानाचार्या डॉ. मनप्रीत कौर का संबोधन रहा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘आरोहण’ केवल एक स्वागत समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के महान एवं पवित्र कार्य से जुड़ने की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को गढ़ने वाला शिल्पकार भी होता है।

सत्र 2026-28 के लिए उनके दृष्टिकोण में मजबूत शैक्षणिक आधार, विद्यालयों में गहन इंटर्नशिप, मूल्य-आधारित अभिमुखीकरण तथा रोजगार के लिए विद्यार्थियों को तैयार करना शामिल है। उनके कुशल नेतृत्व में कॉलेज ने विश्वविद्यालय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए हैं। उन्होंने नए विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया और उन्हें उनके संपूर्ण विकास एवं सफलता के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कॉलेज की काउंसलर सुश्री नवकिरण कौर द्वारा एक महत्वपूर्ण परिचयात्मक सत्र (आइस-ब्रेकिंग सेशन) आयोजित किया गया। इस सत्र में मनोरंजक एवं संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से नए विद्यार्थियों को एक-दूसरे को जानने, आपस में घुलने-मिलने तथा अपनी झिझक दूर करने का अवसर मिला।

एक विशेष संवादात्मक सत्र में श्री हरनीत सिंह और सुश्री अनु ने ‘शिक्षण का नया दृष्टिकोण’ विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने अपने वास्तविक कक्षा-कक्ष अनुभव साझा किए तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंतर्गत भारतीय शिक्षा प्रणाली में सीबीएसई द्वारा निर्धारित नए लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने दक्षता-आधारित शिक्षण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया।

श्री नितिन गौर ने ‘कक्षा शिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एHआईH) का उपयोग – एक अभिनव दृष्टिकोण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि एHआईH उपकरणों की सहायता से विज्ञान शिक्षण को अधिक संवादात्मक, व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप तथा प्रभावशाली बनाया जा सकता है।

सुश्री प्राची पोपले ने बी.एड. पूरा करने के तुरंत बाद लुधियाना के प्रतिष्ठित विद्यालयों में से एक में नियुक्ति प्राप्त करने की अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा की। उन्होंने नए विद्यार्थियों को संचार कौशल विकसित करने तथा विद्यालय इंटर्नशिप को पूरी ईमानदारी और गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित किया। सभी पूर्व विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय प्रताप कॉलेज को दिया और अपने मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्रीमती शैल शर्मा ने ‘भावी शिक्षकों का पोषण एवं व्यक्तित्व विकास’ विषय पर संबोधित करते हुए शिक्षकीय नैतिकता, सहानुभूति तथा कक्षा-कक्ष प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया।

कॉलेज के संकाय सदस्यों ने भी विभिन्न सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावसायिक नैतिकता, शिक्षण में एआई के उपयोग, भारतीय समाज एवं शिक्षा की वर्तमान स्थिति तथा संचार कौशल को बेहतर बनाने के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की।

इस कार्यक्रम का समन्वयन कॉलेज की सहायक प्राध्यापिका सुश्री बैशाखी बनर्जी द्वारा किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम का समापन हुआ।

Friday, July 17, 2026

BKM विश्वास स्कूल में इन्वेस्टिचर समारोह आयोजित

BKM Vishvas School Email on 17th July 2026 at 12:13 PM Regarding  Investiture Ceremony

 निदेशक साध्वी नीलिमा विश्वास ने भी सफल जीवन के गुर बताए 


पंचकूला
: 17 जुलाई 2026: (कार्तिका कल्याणी सिंह//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

बी.के.एम. विश्वास स्कूल, सेक्टर-9, पंचकूला में नवगठित छात्र परिषद के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियों का दायित्व सौंपने हेतु इन्वेस्टिचर  समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सेवा भावना एवं उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रार्थना के साथ हुआ। इसके उपरांत नव-निर्वाचित छात्र परिषद के सदस्यों को  बेज व् सेशे पहनाकर उनके पद एवं दायित्व सौंपे गए। सभी छात्र नेताओं ने विद्यालय के आदर्शों एवं मूल्यों का पालन करते हुए ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की शपथ ली।

इस अवसर पर हेड बॉय निपुण, हेड गर्ल आव्या, हाउस कैप्टन रेहान, गौरांश, दीपिका एवं चार्वी, डिसिप्लिन इंचार्ज मिलन तथा स्पोर्ट्स कैप्टन अंश कुमार को उनके पदों की जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं।

विद्यालय की निदेशक साध्वी नीलिमा विश्वास जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि "सच्चा नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि सेवा, ईमानदारी, अनुशासन, करुणा और अपने कार्यों से दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता से पहचाना जाता है।" उन्होंने छात्र परिषद के सदस्यों को विद्यालय के आदर्शों का पालन करते हुए सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया।

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजु बाला ने सभी नव-नियुक्त छात्र पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन एवं टीम भावना के साथ करें तथा विद्यालय की गरिमा को सदैव ऊँचा रखें।

समारोह के अंत में नव-नियुक्त छात्र परिषद के सभी पदाधिकारियों ने परम पूज्य गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी के श्री चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन कर उनका दिव्य आशीर्वाद प्राप्त किया। यह भावपूर्ण क्षण विद्यालय की उस गौरवशाली परंपरा का प्रतीक था, जो विद्यार्थियों में नेतृत्व के साथ-साथ विनम्रता, संस्कार, कृतज्ञता एवं आध्यात्मिक मूल्यों का भी विकास करती है।

कुल मिला कर यह एक बहुत ही यादगारी आयोजन रहा। 

Wednesday, March 11, 2026

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने संस्कार समारोह आयोजित किया

आयुष//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 at 7:23 PM by PIB Delhi

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में 29वां दीक्षांत समारोह और शिष्योपनयन संस्कार समारोह

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में 29वां दीक्षांत समारोह और शिष्योपनयन संस्कार समारोह आयोजित किया

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित किया, आयुर्वेद की वैश्विक क्षमता और गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर बल दिया

नई दिल्ली: 1 मार्च 2026: (PIB Delhi//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत स्वायत्त संगठन, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (आरएवी) का 29वां दीक्षांत समारोह और शिष्योपनयन संस्कार समारोह आज वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में आयोजित किया गया। इस समारोह में 'सर्टिफिकेट ऑफ राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ' (सीआरएवी) कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित विद्वानों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया और आयुर्वेद की शाश्वत गुरु-शिष्य परंपरा को पुनः स्थापित किया गया।


भारत सरकार के आयुष मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने मुख्य अतिथि के रूप में वर्चुअल संदेश के माध्यम से सभा को संबोधित किया।

इस अवसर पर श्री जाधव ने कहा कि काशी जैसे पवित्र शहर में विद्वानों की ऐसी गरिमामयी सभा को संबोधित करना अत्यंत गर्व का विषय है; उन्होंने कहा कि काशी आयुर्वेद ज्ञान का प्राचीन केंद्र है और वह भूमि है जिसका संबंध धन्वंतरि दिवोदास से है। धन्वंतरि दिवोदास को अष्टांग आयुर्वेद में शल्य चिकित्सा विज्ञान का जनक माना जाता है। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी दूरदृष्टि ने बीएचयू को आयुर्वेद शिक्षा के ऐतिहासिक केंद्रों में से एक बनाया।

मंत्री महोदय ने इस बात पर जोर दिया कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा की प्रणाली मात्र नहीं है, बल्कि यह समग्र ज्ञान प्रणाली है जो स्वास्थ्य और जीवन के संबंध में व्यापक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर बल दिया, जिसने पीढ़ी-दर-पीढ़ी आयुर्वेद के ज्ञान को संरक्षित और हस्तांतरित किया है। उन्होंने कहा कि धन्वंतरि, चरक, सुश्रुत और वाग्भट जैसे महान व्यक्तित्व इसी परंपरा से ही उभरे हैं।

श्री जाधव ने राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के प्रयासों की सराहना की, जिसने सीआरएवी और एमआरएवी जैसे व्यवस्थित कार्यक्रमों के माध्यम से युवा चिकित्सकों को प्रख्यात और अनुभवी वैद्यों से सीधे सीखने का अवसर देकर इस परंपरा को बनाए रखा है। उन्होंने आयुर्वेद शिक्षा और प्रशिक्षण को सुदृढ़ बनाने के लिए आरएवी की शासी निकाय के अध्यक्ष और पद्म भूषण से सम्मानित वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा, तथा आरएवी की निदेशक डॉ. वंदना सिरोहा के नेतृत्व की भी प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष प्रणालियों की बढ़ती पहुंच पर बल देते हुए, मंत्री ने कहा कि योग और आयुष को वैश्विक पहचान मिली है और वे भारत की स्वास्थ्य कूटनीति में लगातार योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय पारंपरिक चिकित्सा की मान्यता प्राप्त पद्धतियों—आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा रिग्पा और होम्योपैथी—में शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

दीक्षांत समारोह में उपस्थित विद्वानों को संबोधित करते हुए, श्री जाधव ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह न केवल शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक है, बल्कि नई जिम्मेदारी की शुरुआत भी है। उन्होंने उनसे पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ एकीकृत करने और आयुर्वेद को साक्ष्य-आधारित तथा विश्व स्तर पर स्वीकार्य बनाने में योगदान देने का आग्रह किया। श्री जाधव ने चिकित्सा अभ्यास में करुणा, नैतिकता और 'सॉफ्ट स्किल्स' (मृदु कौशल) के महत्व पर भी बल दिया।

आयुष मंत्रालय के सचिव पद्म श्री वैद्य राजेश कोटेचा ने उत्तीर्ण हुए विद्वानों को बधाई दी और उन्हें अनुसंधान तथा वैज्ञानिक लेखन में सक्रिय रूप से संलग्न होने के लिए प्रोत्साहित किया; उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आयुष पद्धतियों की विश्वसनीयता और वैश्विक स्वीकृति को सुदृढ़ बनाने के लिए साक्ष्य-आधारित अध्ययन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने मंत्रालय की विभिन्न पहलों पर भी बल दिया। इनमें 'अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान' (एआईआईए) संस्थाओं का विकास और ' डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र' का उन्नयन शामिल है। इस केंद्र का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने इस बात पर बल दिया कि विद्यार्थियों को आयुष क्षेत्र की प्रगति में योगदान देते हुए भी अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान और लगन बनाए रखनी चाहिए।

पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित तथा आरएवी के शासी निकाय के अध्यक्ष वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि यह संस्थान कुशल आयुर्वेदिक चिकित्सकों को तैयार करने के अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष क्षेत्र का भविष्य बहुत उज्ज्वल है, क्योंकि पारंपरिक चिकित्सा को समर्पित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने युवा चिकित्सकों को प्रोत्साहित किया कि वे "वैद्य" की उपाधि पर गर्व करें और आयुर्वेद को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में अपना योगदान दें।

इससे पहले, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ की निदेशक डॉ. वंदना सिरोहा ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने उन्नत प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और आयुर्वेद की "गुरु-शिष्य परंपरा" को संरक्षित करने में संस्थान की भूमिका पर बल दिया।

इस समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की, जिनमें डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर (अध्यक्ष, भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग - एनसीआईएसएम), प्रो. एस. एन. संखवार (निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान - बीएचयू), प्रो. अमित पात्रा (निदेशक, आईआईटी-बीएचयू), और प्रो. (डॉ.) पी. के. गोस्वामी (डीन, आयुर्वेद संकाय - बीएचयू) शामिल थे।

इस अवसर पर, आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली जानी-मानी हस्तियों को "आजीवन उपलब्धि पुरस्कार" से सम्मानित किया गया। इनमें वैद्य निर्मला शर्मा, केवल कृष्ण ठकराल और गिरधारी लाल मिश्रा प्रमुख थे। 

कई अन्य प्रतिष्ठित विद्वानों और चिकित्सकों को आरएवी के फेलो से सम्मानित किया गया, उनमें वैद्य योगेन्द्र कुमार शर्मा, वैद्य दिनेश चंद्र कटोच, वैद्य तनुजा मनोज नेसरी, वैद्य भृगुपति पांडे, वैद्य मुरलीधर शर्मा, वैद्य बी. श्रीनिवास प्रसाद, वैद्य उमेश शुक्ला, वैद्य मिलिंद कुलकर्णी, वैद्य पी.के. गोस्वामी, वैद्य एम. मोहन अल्वा, वैद्य पी.एल.टी. गिरिजा, वैद्य राम जयसुंदर, और वैद्य वैष्णव प्रदीप यू शामिल हैं।

यह आयोजन पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। इसने आयुर्वेद को विश्व स्तर पर सम्मानित स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के रूप में आगे बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

*******//पीके/केसी/पीके/एसएस//(रिलीज़ आईडी: 2238583) 

Thursday, February 5, 2026

'परीक्षा पे चर्चा' किस प्रकार जन आंदोलन बन गया

प्रविष्टि तिथि: 05 FEB 2026 at 1:54 PM by PIB Delhi

भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक 

नई दिल्ली: 05 फरवरी 2026: (पीआईबी दिल्ली/ /एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

प्रधानमंत्री ने एक लेख साझा किया जिसमें बताया गया है कि 'परीक्षा पे चर्चा' किस प्रकार जन आंदोलन बन गया है, जो भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करता है। उल्लेखनीय है कि निकट भविष्य में इसके अच्छे परिणाम भी सामने आएंगे। वास्तव में परीक्षा पर  चर्चा बहुत पहले होनी चाहिए थी। प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा की है। इस चर्चा से बच्चों के मन में परीक्षा का डर कम होगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। 

इस के महत्व और विस्तार को बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक लेख साझा किया जिसमें बताया गया है कि कैसे 'परीक्षा पे चर्चा' एक जन आंदोलन बन गया है, जो भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करता है।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा एक्स पर किए गए एक पोस्ट का जवाब देते हुए, पीएमओ इंडिया के हैंडल ने कहा:

“इस लेख में केंद्रीय मंत्री श्री @dpradhanbjp ने बताया है कि कैसे परीक्षा पे चर्चा एक जन आंदोलन बन गया है, जो भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करता है।

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने दोहराया कि एनईपी 2020, अपने बाल-केंद्रित दृष्टिकोण, भारतीय ज्ञान प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करने और मातृभाषा पर जोर देने के साथ, छात्रों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।”

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MJPS/SR//

(Release ID: 2223679) 

Monday, October 13, 2025

PCTE के छात्र छात्राओं ने दिखया नुक्क्ड़ नाटकों से कमाल

 Email From PCTE Press on Monday 13th Oct 2025 at 03:49 PM Regarding Street Play

पीसीटीई के नुक्कड़ नाटकों ने फैलाई जागरूकता


लुधियाना
: 12 अक्टूबर, 2025: (कार्तिका कल्याणी सिंह//एजुकेशन स्क्रीन)::

पीसीटीई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स का परिसर छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक 2025 के प्रदर्शन से जीवंत हो उठा। यह दो दिवसीय कार्यक्रम नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में सीनियर और जूनियर दोनों विंग के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने रचनात्मकता और प्रदर्शन के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को भावनाओं और हास्य के साथ संबोधित किया। 

दो दिवसीय विशेष आयोजन के पहले दिन 11 अक्टूबर को रोज़ गार्डन में आयोजित सीनियर विंग कार्यक्रम में 15 टीमों ने पंजाब बोलदा (पंजाबी संस्कृति का संरक्षण), मर्द का दर्द (पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य), एआई एक खतरा, हिंसा और उसके परिणाम, और सोशल मीडिया प्रभाव जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। द ट्रेटर्स, मैड-टेकीज़, ग्लिच गैंग, द मेवरिक्स और एआई एवेंजर्स जैसी टीमें अपने दमदार प्रदर्शन और संदेशों के लिए जानी गईं।

इसी तरह 12 अक्टूबर को राख बाग में आयोजित जूनियर विंग में जुनूनवर्स, फैंटास्टिको, पैराडॉक्स और ड्रीम वीवर्स सहित 39 टीमों ने युवा सशक्तिकरण, पर्यावरण जागरूकता, लैंगिक समानता और सामाजिक एकता पर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनों का मूल्यांकन संदेश, अभिनय और प्रस्तुति के आधार पर रंगमंच विशेषज्ञ श्री बृज मोहन भारद्वाज और श्री बलविंदर ने किया, जिन्होंने छात्रों की मौलिकता और ऊर्जा की प्रशंसा की।

छात्र कल्याण निदेशक डॉ. स्वप्न चानना ने सार्थक सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने के लिए छात्रों की सराहना की, जबकि महानिदेशक डॉ. के.एन.एस. कांग ने उनकी रचनात्मकता की सराहना की और जागरूकता और अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने वाले मंच प्रदान करने के लिए पीसीटीई की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

फेस्टावीक 2025 के साथ, पीसीटीई अपने छात्रों के बीच रचनात्मकता, जागरूकता और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा देते हुए कक्षाओं से परे सीखने को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है।


Tuesday, September 30, 2025

पेक की एनएसएस इकाई ने आयोजित किया मेगा हेल्थ कैंप

Received From PEC on 30th September 2025 at 4:19 PM Regarding Health Camp
250 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कैंप का फायदा उठाया 
हैल्थ कैंप की कुछ झलकियां 
चंडीगढ़: 30 सितम्बर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ की नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) इकाई ने 30 सितम्बर 2025 को पेक डिस्पेंसरी में एक मेगा हेल्थ कैंप का सफल आयोजन किया। इस कैंप का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और समुदाय को निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना था। लगभग 250 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और यहां मैमोग्राफी, बोन डेंसिटी टेस्ट, स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्रेशन, आंखों की जांच, काउंसलिंग, जनरल चेकअप और डेंटल चेकअप जैसी सेवाओं का लाभ उठाया।

कैंप का आयोजन डॉ. संदीप कौर (कोऑर्डिनेटर, एनएसएस पीईसी), डॉ. मयंक गुप्ता (प्रोग्राम ऑफिसर), डॉ. मोहित कुमार (प्रोग्राम ऑफिसर) और डॉ. रतन लाल (प्रोग्राम ऑफिसर) के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर डॉ. डी. आर. प्रजापति (डीन स्टूडेंट अफेयर्स) भी उपस्थित रहे, जिनके उत्साहवर्धन ने वालंटियर्स और प्रतिभागियों दोनों का मनोबल और बढ़ाया।

विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएँ विशेषज्ञ डॉक्टरों और टीमों द्वारा उपलब्ध करवाई गईं। आंखों की जांच डॉ. अमित शर्मा और डॉ. प्रियंका ने की, जबकि स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्रेशन की सुविधा डॉ. जसलीन गर्ग ने प्रदान की। बोन डेंसिटी टेस्ट डॉ. तनिशा द्वारा किया गया और काउंसलिंग सत्रों का नेतृत्व डॉ. अभिषेक जिंदल ने किया। डेंटल चेकअप डॉ. मोनिका ग्रोवर और डॉ. मनील ग्रोवर ने किया, वहीं जनरल चेकअप डॉ. सुरेन्द्र के. रोहन द्वारा किया गया। मैमोग्राफी यूनिट को हरजीत सिंह, नेहा, जगजीत सिंह और मनीषा ने सहयोग दिया, जिन्हें डॉ. स्तुति, डॉ. ऋषिका और डॉ. चेतना का मार्गदर्शन प्राप्त था।

यह कैंप टूथ स्पॉट, ग्रोवर आई हॉस्पिटल, योर सेफ स्पेस बाय अभिषेक, अमृता कैंसर फाउंडेशन और पेक डिस्पेंसरी के डॉक्टरों के सहयोग से आयोजित किया गया। इस आयोजन में आईईईई चंडीगढ़ सब-सेक्शन का भी समर्थन मिला।

कैंप ने रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल, शुरुआती पहचान और जागरूकता पर विशेष जोर दिया और बड़ी संख्या में लोगों को लाभान्वित किया। डॉक्टरों, सहयोगी संस्थाओं और एनएसएस स्वयंसेवकों की संयुक्त मेहनत ने इस आयोजन को सच्चे मायनों में एनएसएस के आदर्श वाक्य – “नॉट मी, बट यू” का प्रतीक बना दिया।

Monday, September 29, 2025

बी.के.एम. विश्वास स्कूल में गांधी जयंती और दशहरा पर्व की धूम

Received From BKM School on 29th September 2025 at 1:48 PM Regarding Festival Celebrating

 स्कूल में छाया रहा ख़ुशी और उत्साह का माहौल 


पंचकूला
:29 सितंबर 2025: (एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

माहौल में त्योहारों का उत्साह छाया हुआ है। इसी दौरान दशहरा भी आने वाला है और गाँधी जयंती भी। नवरात्र का पावन पर्व भी समापन की तरफ है। इसके बाद दीपावली की धूम भी शुरू हो जाएगी। इसी सबंध में हर तरफ खुशियों और उत्साह का माहौल है।

त्योहारों के इस सीज़न का असर बी के एम विश्वास स्कूल में भी देखने को मिला। स्कूल स्टाफ और बच्चों ने कला, नाटक और गीत संगीत का सहारा लेते हुए बहुत से रंगारंग आयोजन प्रस्तुत किए। बच्चे पूरी तयारी के साथ मंच पर ऐ थे। इनकी प्रस्तुति देखने वाली थी।

विद्यालय में आज दो महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसरों पर प्रस्तुत किया गया। इसी मकसद से दशहरा और गांधी जयंती को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर भारतीय संस्कृति,असत्य पर सत्य की जीत और महात्मा गांधी जी के विचारों को सम्मानित किया।

दशहरा समारोह के दौरान अध्यापिका ने अपने भाषण के दौरान सीनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों को दशहरा पर्व का महत्व बताया। किंडरगार्टन सैक्शन के नन्हे-मुन्ने बच्चे राम, सीता ,रावण इत्यादि दशहरा से संबंधित पात्रों के पहनावे में आए। इन पात्रों ने इस मंचन के ज़रिए सत्य की असत्य पर जीत और भाईचारे का संदेश दिया जिसे स्कूल में पहुंचे दर्शकों ने बहुत ध्यान से देखा। 

समारोह प्रस्तुति के दौरान झांकी भी बहुत अच्छी बनी। कक्षा अध्यापिका ने उन्हें बताया कि यह त्यौहार  बताता है कि बुराई चाहे जितनी भी शक्तिशाली हो अंत में अच्छाई की ही जीत होती है । हमें भी अपने जीवन में यही आदर्श अपनाना चाहिए।

इसी तरह गांधी जयंती समारोह भी बहुत धूमधाम से मनाया गया। गांधी जयंती के अवसर पर  बापू के योगदान  को बहुत श्रद्धा से याद  किया गया और सीनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों ने गायन प्रस्तुति भी की। उन्हें बताया गया कि किस तरह महात्मा गांधी ने अहिंसा को अपनाकर कर देश की स्वतंत्रता में अपना योगदान दिया।