Wednesday, March 11, 2026

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने संस्कार समारोह आयोजित किया

आयुष//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 at 7:23 PM by PIB Delhi

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में 29वां दीक्षांत समारोह और शिष्योपनयन संस्कार समारोह

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में 29वां दीक्षांत समारोह और शिष्योपनयन संस्कार समारोह आयोजित किया

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित किया, आयुर्वेद की वैश्विक क्षमता और गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर बल दिया

नई दिल्ली: 1 मार्च 2026: (PIB Delhi//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत स्वायत्त संगठन, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (आरएवी) का 29वां दीक्षांत समारोह और शिष्योपनयन संस्कार समारोह आज वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में आयोजित किया गया। इस समारोह में 'सर्टिफिकेट ऑफ राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ' (सीआरएवी) कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित विद्वानों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया और आयुर्वेद की शाश्वत गुरु-शिष्य परंपरा को पुनः स्थापित किया गया।


भारत सरकार के आयुष मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने मुख्य अतिथि के रूप में वर्चुअल संदेश के माध्यम से सभा को संबोधित किया।

इस अवसर पर श्री जाधव ने कहा कि काशी जैसे पवित्र शहर में विद्वानों की ऐसी गरिमामयी सभा को संबोधित करना अत्यंत गर्व का विषय है; उन्होंने कहा कि काशी आयुर्वेद ज्ञान का प्राचीन केंद्र है और वह भूमि है जिसका संबंध धन्वंतरि दिवोदास से है। धन्वंतरि दिवोदास को अष्टांग आयुर्वेद में शल्य चिकित्सा विज्ञान का जनक माना जाता है। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी दूरदृष्टि ने बीएचयू को आयुर्वेद शिक्षा के ऐतिहासिक केंद्रों में से एक बनाया।

मंत्री महोदय ने इस बात पर जोर दिया कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा की प्रणाली मात्र नहीं है, बल्कि यह समग्र ज्ञान प्रणाली है जो स्वास्थ्य और जीवन के संबंध में व्यापक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर बल दिया, जिसने पीढ़ी-दर-पीढ़ी आयुर्वेद के ज्ञान को संरक्षित और हस्तांतरित किया है। उन्होंने कहा कि धन्वंतरि, चरक, सुश्रुत और वाग्भट जैसे महान व्यक्तित्व इसी परंपरा से ही उभरे हैं।

श्री जाधव ने राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के प्रयासों की सराहना की, जिसने सीआरएवी और एमआरएवी जैसे व्यवस्थित कार्यक्रमों के माध्यम से युवा चिकित्सकों को प्रख्यात और अनुभवी वैद्यों से सीधे सीखने का अवसर देकर इस परंपरा को बनाए रखा है। उन्होंने आयुर्वेद शिक्षा और प्रशिक्षण को सुदृढ़ बनाने के लिए आरएवी की शासी निकाय के अध्यक्ष और पद्म भूषण से सम्मानित वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा, तथा आरएवी की निदेशक डॉ. वंदना सिरोहा के नेतृत्व की भी प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष प्रणालियों की बढ़ती पहुंच पर बल देते हुए, मंत्री ने कहा कि योग और आयुष को वैश्विक पहचान मिली है और वे भारत की स्वास्थ्य कूटनीति में लगातार योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय पारंपरिक चिकित्सा की मान्यता प्राप्त पद्धतियों—आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा रिग्पा और होम्योपैथी—में शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

दीक्षांत समारोह में उपस्थित विद्वानों को संबोधित करते हुए, श्री जाधव ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह न केवल शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक है, बल्कि नई जिम्मेदारी की शुरुआत भी है। उन्होंने उनसे पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ एकीकृत करने और आयुर्वेद को साक्ष्य-आधारित तथा विश्व स्तर पर स्वीकार्य बनाने में योगदान देने का आग्रह किया। श्री जाधव ने चिकित्सा अभ्यास में करुणा, नैतिकता और 'सॉफ्ट स्किल्स' (मृदु कौशल) के महत्व पर भी बल दिया।

आयुष मंत्रालय के सचिव पद्म श्री वैद्य राजेश कोटेचा ने उत्तीर्ण हुए विद्वानों को बधाई दी और उन्हें अनुसंधान तथा वैज्ञानिक लेखन में सक्रिय रूप से संलग्न होने के लिए प्रोत्साहित किया; उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आयुष पद्धतियों की विश्वसनीयता और वैश्विक स्वीकृति को सुदृढ़ बनाने के लिए साक्ष्य-आधारित अध्ययन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने मंत्रालय की विभिन्न पहलों पर भी बल दिया। इनमें 'अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान' (एआईआईए) संस्थाओं का विकास और ' डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र' का उन्नयन शामिल है। इस केंद्र का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने इस बात पर बल दिया कि विद्यार्थियों को आयुष क्षेत्र की प्रगति में योगदान देते हुए भी अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान और लगन बनाए रखनी चाहिए।

पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित तथा आरएवी के शासी निकाय के अध्यक्ष वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि यह संस्थान कुशल आयुर्वेदिक चिकित्सकों को तैयार करने के अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष क्षेत्र का भविष्य बहुत उज्ज्वल है, क्योंकि पारंपरिक चिकित्सा को समर्पित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने युवा चिकित्सकों को प्रोत्साहित किया कि वे "वैद्य" की उपाधि पर गर्व करें और आयुर्वेद को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में अपना योगदान दें।

इससे पहले, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ की निदेशक डॉ. वंदना सिरोहा ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने उन्नत प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और आयुर्वेद की "गुरु-शिष्य परंपरा" को संरक्षित करने में संस्थान की भूमिका पर बल दिया।

इस समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की, जिनमें डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर (अध्यक्ष, भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग - एनसीआईएसएम), प्रो. एस. एन. संखवार (निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान - बीएचयू), प्रो. अमित पात्रा (निदेशक, आईआईटी-बीएचयू), और प्रो. (डॉ.) पी. के. गोस्वामी (डीन, आयुर्वेद संकाय - बीएचयू) शामिल थे।

इस अवसर पर, आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली जानी-मानी हस्तियों को "आजीवन उपलब्धि पुरस्कार" से सम्मानित किया गया। इनमें वैद्य निर्मला शर्मा, केवल कृष्ण ठकराल और गिरधारी लाल मिश्रा प्रमुख थे। 

कई अन्य प्रतिष्ठित विद्वानों और चिकित्सकों को आरएवी के फेलो से सम्मानित किया गया, उनमें वैद्य योगेन्द्र कुमार शर्मा, वैद्य दिनेश चंद्र कटोच, वैद्य तनुजा मनोज नेसरी, वैद्य भृगुपति पांडे, वैद्य मुरलीधर शर्मा, वैद्य बी. श्रीनिवास प्रसाद, वैद्य उमेश शुक्ला, वैद्य मिलिंद कुलकर्णी, वैद्य पी.के. गोस्वामी, वैद्य एम. मोहन अल्वा, वैद्य पी.एल.टी. गिरिजा, वैद्य राम जयसुंदर, और वैद्य वैष्णव प्रदीप यू शामिल हैं।

यह आयोजन पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। इसने आयुर्वेद को विश्व स्तर पर सम्मानित स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के रूप में आगे बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

*******//पीके/केसी/पीके/एसएस//(रिलीज़ आईडी: 2238583) 

Thursday, February 5, 2026

'परीक्षा पे चर्चा' किस प्रकार जन आंदोलन बन गया

प्रविष्टि तिथि: 05 FEB 2026 at 1:54 PM by PIB Delhi

भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक 

नई दिल्ली05 फरवरी 2026: (पीआईबी दिल्ली/ /एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

प्रधानमंत्री ने एक लेख साझा किया जिसमें बताया गया है कि 'परीक्षा पे चर्चा' किस प्रकार जन आंदोलन बन गया है, जो भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करता है। उल्लेखनीय है कि निकट भविष्य में इसके अच्छे परिणाम भी सामने आएंगे। वास्तव में परीक्षा पर  चर्चा बहुत पहले होनी चाहिए थी। प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा की है। इस चर्चा से बच्चों के मन में परीक्षा का डर कम होगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। 

इस के महत्व और विस्तार को बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक लेख साझा किया जिसमें बताया गया है कि कैसे 'परीक्षा पे चर्चा' एक जन आंदोलन बन गया है, जो भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करता है।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा एक्स पर किए गए एक पोस्ट का जवाब देते हुए, पीएमओ इंडिया के हैंडल ने कहा:

“इस लेख में केंद्रीय मंत्री श्री @dpradhanbjp ने बताया है कि कैसे परीक्षा पे चर्चा एक जन आंदोलन बन गया है, जो भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करता है।

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने दोहराया कि एनईपी 2020, अपने बाल-केंद्रित दृष्टिकोण, भारतीय ज्ञान प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करने और मातृभाषा पर जोर देने के साथ, छात्रों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।”

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MJPS/SR//

(Release ID: 2223679) 

Monday, October 13, 2025

PCTE के छात्र छात्राओं ने दिखया नुक्क्ड़ नाटकों से कमाल

 Email From PCTE Press on Monday 13th Oct 2025 at 03:49 PM Regarding Street Play

पीसीटीई के नुक्कड़ नाटकों ने फैलाई जागरूकता


लुधियाना
: 12 अक्टूबर, 2025: (कार्तिका कल्याणी सिंह//एजुकेशन स्क्रीन)::

पीसीटीई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स का परिसर छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक 2025 के प्रदर्शन से जीवंत हो उठा। यह दो दिवसीय कार्यक्रम नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में सीनियर और जूनियर दोनों विंग के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने रचनात्मकता और प्रदर्शन के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को भावनाओं और हास्य के साथ संबोधित किया। 

दो दिवसीय विशेष आयोजन के पहले दिन 11 अक्टूबर को रोज़ गार्डन में आयोजित सीनियर विंग कार्यक्रम में 15 टीमों ने पंजाब बोलदा (पंजाबी संस्कृति का संरक्षण), मर्द का दर्द (पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य), एआई एक खतरा, हिंसा और उसके परिणाम, और सोशल मीडिया प्रभाव जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। द ट्रेटर्स, मैड-टेकीज़, ग्लिच गैंग, द मेवरिक्स और एआई एवेंजर्स जैसी टीमें अपने दमदार प्रदर्शन और संदेशों के लिए जानी गईं।

इसी तरह 12 अक्टूबर को राख बाग में आयोजित जूनियर विंग में जुनूनवर्स, फैंटास्टिको, पैराडॉक्स और ड्रीम वीवर्स सहित 39 टीमों ने युवा सशक्तिकरण, पर्यावरण जागरूकता, लैंगिक समानता और सामाजिक एकता पर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनों का मूल्यांकन संदेश, अभिनय और प्रस्तुति के आधार पर रंगमंच विशेषज्ञ श्री बृज मोहन भारद्वाज और श्री बलविंदर ने किया, जिन्होंने छात्रों की मौलिकता और ऊर्जा की प्रशंसा की।

छात्र कल्याण निदेशक डॉ. स्वप्न चानना ने सार्थक सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने के लिए छात्रों की सराहना की, जबकि महानिदेशक डॉ. के.एन.एस. कांग ने उनकी रचनात्मकता की सराहना की और जागरूकता और अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने वाले मंच प्रदान करने के लिए पीसीटीई की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

फेस्टावीक 2025 के साथ, पीसीटीई अपने छात्रों के बीच रचनात्मकता, जागरूकता और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा देते हुए कक्षाओं से परे सीखने को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है।


Tuesday, September 30, 2025

पेक की एनएसएस इकाई ने आयोजित किया मेगा हेल्थ कैंप

Received From PEC on 30th September 2025 at 4:19 PM Regarding Health Camp
250 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कैंप का फायदा उठाया 
हैल्थ कैंप की कुछ झलकियां 
चंडीगढ़: 30 सितम्बर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ की नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) इकाई ने 30 सितम्बर 2025 को पेक डिस्पेंसरी में एक मेगा हेल्थ कैंप का सफल आयोजन किया। इस कैंप का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और समुदाय को निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना था। लगभग 250 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और यहां मैमोग्राफी, बोन डेंसिटी टेस्ट, स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्रेशन, आंखों की जांच, काउंसलिंग, जनरल चेकअप और डेंटल चेकअप जैसी सेवाओं का लाभ उठाया।

कैंप का आयोजन डॉ. संदीप कौर (कोऑर्डिनेटर, एनएसएस पीईसी), डॉ. मयंक गुप्ता (प्रोग्राम ऑफिसर), डॉ. मोहित कुमार (प्रोग्राम ऑफिसर) और डॉ. रतन लाल (प्रोग्राम ऑफिसर) के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर डॉ. डी. आर. प्रजापति (डीन स्टूडेंट अफेयर्स) भी उपस्थित रहे, जिनके उत्साहवर्धन ने वालंटियर्स और प्रतिभागियों दोनों का मनोबल और बढ़ाया।

विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएँ विशेषज्ञ डॉक्टरों और टीमों द्वारा उपलब्ध करवाई गईं। आंखों की जांच डॉ. अमित शर्मा और डॉ. प्रियंका ने की, जबकि स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्रेशन की सुविधा डॉ. जसलीन गर्ग ने प्रदान की। बोन डेंसिटी टेस्ट डॉ. तनिशा द्वारा किया गया और काउंसलिंग सत्रों का नेतृत्व डॉ. अभिषेक जिंदल ने किया। डेंटल चेकअप डॉ. मोनिका ग्रोवर और डॉ. मनील ग्रोवर ने किया, वहीं जनरल चेकअप डॉ. सुरेन्द्र के. रोहन द्वारा किया गया। मैमोग्राफी यूनिट को हरजीत सिंह, नेहा, जगजीत सिंह और मनीषा ने सहयोग दिया, जिन्हें डॉ. स्तुति, डॉ. ऋषिका और डॉ. चेतना का मार्गदर्शन प्राप्त था।

यह कैंप टूथ स्पॉट, ग्रोवर आई हॉस्पिटल, योर सेफ स्पेस बाय अभिषेक, अमृता कैंसर फाउंडेशन और पेक डिस्पेंसरी के डॉक्टरों के सहयोग से आयोजित किया गया। इस आयोजन में आईईईई चंडीगढ़ सब-सेक्शन का भी समर्थन मिला।

कैंप ने रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल, शुरुआती पहचान और जागरूकता पर विशेष जोर दिया और बड़ी संख्या में लोगों को लाभान्वित किया। डॉक्टरों, सहयोगी संस्थाओं और एनएसएस स्वयंसेवकों की संयुक्त मेहनत ने इस आयोजन को सच्चे मायनों में एनएसएस के आदर्श वाक्य – “नॉट मी, बट यू” का प्रतीक बना दिया।

Monday, September 29, 2025

बी.के.एम. विश्वास स्कूल में गांधी जयंती और दशहरा पर्व की धूम

Received From BKM School on 29th September 2025 at 1:48 PM Regarding Festival Celebrating

 स्कूल में छाया रहा ख़ुशी और उत्साह का माहौल 


पंचकूला
:29 सितंबर 2025: (एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

माहौल में त्योहारों का उत्साह छाया हुआ है। इसी दौरान दशहरा भी आने वाला है और गाँधी जयंती भी। नवरात्र का पावन पर्व भी समापन की तरफ है। इसके बाद दीपावली की धूम भी शुरू हो जाएगी। इसी सबंध में हर तरफ खुशियों और उत्साह का माहौल है।

त्योहारों के इस सीज़न का असर बी के एम विश्वास स्कूल में भी देखने को मिला। स्कूल स्टाफ और बच्चों ने कला, नाटक और गीत संगीत का सहारा लेते हुए बहुत से रंगारंग आयोजन प्रस्तुत किए। बच्चे पूरी तयारी के साथ मंच पर ऐ थे। इनकी प्रस्तुति देखने वाली थी।

विद्यालय में आज दो महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसरों पर प्रस्तुत किया गया। इसी मकसद से दशहरा और गांधी जयंती को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर भारतीय संस्कृति,असत्य पर सत्य की जीत और महात्मा गांधी जी के विचारों को सम्मानित किया।

दशहरा समारोह के दौरान अध्यापिका ने अपने भाषण के दौरान सीनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों को दशहरा पर्व का महत्व बताया। किंडरगार्टन सैक्शन के नन्हे-मुन्ने बच्चे राम, सीता ,रावण इत्यादि दशहरा से संबंधित पात्रों के पहनावे में आए। इन पात्रों ने इस मंचन के ज़रिए सत्य की असत्य पर जीत और भाईचारे का संदेश दिया जिसे स्कूल में पहुंचे दर्शकों ने बहुत ध्यान से देखा। 

समारोह प्रस्तुति के दौरान झांकी भी बहुत अच्छी बनी। कक्षा अध्यापिका ने उन्हें बताया कि यह त्यौहार  बताता है कि बुराई चाहे जितनी भी शक्तिशाली हो अंत में अच्छाई की ही जीत होती है । हमें भी अपने जीवन में यही आदर्श अपनाना चाहिए।

इसी तरह गांधी जयंती समारोह भी बहुत धूमधाम से मनाया गया। गांधी जयंती के अवसर पर  बापू के योगदान  को बहुत श्रद्धा से याद  किया गया और सीनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों ने गायन प्रस्तुति भी की। उन्हें बताया गया कि किस तरह महात्मा गांधी ने अहिंसा को अपनाकर कर देश की स्वतंत्रता में अपना योगदान दिया।

Sunday, September 28, 2025

PEC में आयोजित हुई पिकोसा की एनुअल जनरल मीटिंग

Received on Sunday 28th September 2025 at 05:37 PM Regarding PICOSA  AGM 

 PEC समुदाय को और सशक्त बनाने का संकल्प भी लिया 


चंडीगढ़: 28 सितम्बर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर/ /एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (पिकोसा) की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) रविवार, 28 सितम्बर 2025 को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ में आयोजित की गई। इस अवसर पर पूर्व छात्र, फैकल्टी मेंबर्स और विद्यार्थी एकत्रित हुए और पेक समुदाय को और सशक्त बनाने के संकल्प के साथ एक प्रेरणादायी दिन का हिस्सा बने।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पेक के डीन, एलुमनाई, कॉर्पोरेट एंड इंटरनेशनल रेलशंस, प्रो. डॉ. राजेश कांडा ने मुख्य अतिथि के रूप में की।

कार्यक्रम की शुरुआत पिकोसा के अध्यक्ष इंजीनियर मनीष गुप्ता के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त किया और संस्थान की प्रगति में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “हमारे पूर्व छात्र पेक के रियल ब्रांड एंबेसडर हैं, जो इसके मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते हैं।”

प्रो. डॉ. राजेश कांडा ने पिकोसा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व छात्र संघ संस्थान और अपने स्नातकों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने में सेतु का कार्य करता है। उन्होंने युवाओं को मार्गदर्शन देने, संस्थान की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पहचान बढ़ाने और पूर्व छात्रों को निरंतर सक्रिय बने रहने का आह्वान किया।  

कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष इंजीनियर जोरावर सिंह ने वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के प्रति पिकोसा  की प्रतिबद्धता दोहराई।

एजीएम का विशेष आकर्षण मेधावी छात्रों का सम्मान रहा, जहां पुरस्कार और छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। यह न केवल विद्यार्थियों की मेहनत की पहचान थी बल्कि उनके लिए पूर्व छात्र नेटवर्क से मिलने वाले सहयोग का भी प्रतीक रहा।

फोरम में पिकोसा की प्रमुख पहलों, जैसे जनरल एलुमनाई मीट, पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने पूर्व उपलब्धियों पर विचार किया और नए स्नातकों को जोड़ने तथा नेटवर्किंग के अवसर बढ़ाने जैसे नवाचारों पर सुझाव दिए।

कार्यक्रम का समापन पिकोसा के महासचिव इंजीनियर एच.एस. ओबेरॉय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों, पूर्व छात्रों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया तथा आयोजन की सफलता के लिए पूरी टीम की सराहना की।

2025 का एजीएम केवल प्रशासनिक बैठक नहीं बल्कि पेक परिवार की भावना और गर्व का उत्सव साबित हुआ। इसने न केवल पुराने साथियों से पुनर्मिलन का अवसर दिया बल्कि पिकोसा की उस दृष्टि को भी मजबूत किया, जो छात्रों के कल्याण, संस्थान की उन्नति और पेक की शाश्वत विरासत को सहेजने का माध्यम है।

Saturday, August 23, 2025

नई शुरुआत, अमर यादें-

Received From GCG on Saturday 23rd August 2025 at 2:29 PM Regarding Fresher Party

GCG लुधियाना में नए छात्रों के लिए फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन 


लुधियाना
23 अगस्त 2025: (कार्तिका कल्याणी सिंह//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

न जाने कितनी छात्राएं इस कालेज से पढ़ कर ऊंचे ऊंचे पदों पर पहुँच गयीं। उन सभी की यादें भी इसी काळा के परिसर में हैं। कालेज की दीवारे और पेड़ सब याद दिलाते हैं। इस काळा के कमरे अभी भी बहुत सी यादें संग्रहित किए बैठे हैं। इसी तरह नै उम्मीदें भी हैं। 

दो दिन पहले ही 21 अगस्त 2025 को गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स लुधियाना में प्रिंसिपल श्रीमती सुमन लता जी के नेतृत्व में नए छात्रों के स्वागत के लिए एक भव्य फ्रेशर पार्टी का आयोजन किया गया। प्रिंसिपल महोदया इस पार्टी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने छात्राओं को बधाई दी और भविष्य में उनकी सफलता की कामना की। इस अवसर पर छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ रैंप वॉक और टैलेंट शो भी प्रस्तुत किया, जिसने उत्सव में नए रंग भर दिए। इस फ्रेशर पार्टी में सिद्धिशा भंडारी (मिस फ्रेशर), मान्या झाम (फर्स्ट रनर-अप), तनवीर (सेकंड रनर-अप) चुनी गईं। इसके साथ ही रिशिका नैब, जसप्रीत कौर, चंचल, अन्ना, प्रभजोत और भूमि को विशेष खिताब दिए गए। निर्णायक की भूमिका श्रीमती मनदीप कौर, श्रीमती कमलदीप कौर और डॉ मनीषा ने निभाई।

नई शुरुआत, अनंत यादें - जीसीजी में नए छात्रों का उत्सव

प्रिंसिपल श्रीमती सुमन लता जी के मार्गदर्शन में, गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स, लुधियाना ने नए छात्राओं के स्वागत के लिए एक भव्य फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया। मुख्य अतिथि, प्रिंसिपल महोदया ने छात्राओं को अपने प्रेरक शब्दों से आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैंप वॉक और टैलेंट शो आयोजित किए गए, जिसने उत्सव में रंग और ऊर्जा भर दी। प्रतिष्ठित खिताब सिद्धिशा भंडारी (सुश्री फ्रेशर्स), मनिया झाम (प्रथम रनर-अप), तनवीर (द्वितीय रनर-अप) के साथ-साथ ऋषिका नैब, जसप्रीत कौर, चंचल, अन्ना, प्रभजोत और भूमि को विशेष खिताब मिले। जज श्रीमती कमलदीप कौर, श्रीमती मनदीप कौर और डॉ. मनीषा की उपस्थिति और विभागाध्यक्ष श्रीमती सरिता खुराना के सुचारू समन्वय से कार्यक्रम एक शानदार सफलता रही।

नई शुरुआत, अंतहीन यादें - जीसीजी में फ्रेशर्स फिएस्टा

लुधियाना के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स में प्रिंसिपल श्रीमती सुमन लता जी के मार्गदर्शन में, नए विद्यार्थियों के स्वागत के लिए एक शानदार फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि, प्रिंसिपल महोदया ने अपने प्रेरक शब्दों से छात्राओं को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, रैंप वॉक और प्रतिभा प्रदर्शन हुए, जिसने उत्सव में रंग और ऊर्जा भर दी। सिद्धिशा भंडारी (सुश्री फ्रेशर्स), मानिया झाम (प्रथम रनर-अप), तनवीर (द्वितीय रनर-अप) ने प्रतिष्ठित खिताब जीते, साथ ही ऋषिका नैब, जसप्रीत कौर, चंचल, अन्ना, प्रभजोत और भूमि को विशेष खिताब मिले। निर्णायक श्रीमती कमलदीप कौर, श्रीमती मनदीप कौर और डॉ. मनीषा की उपस्थिति और विभागाध्यक्ष श्रीमती सरिता खुराना के सुचारू समन्वय के साथ, यह कार्यक्रम एक शानदार सफलता के साथ संपन्न हुआ।