Monday, November 2, 2020

एनआईटी सिलचर के 18वें दीक्षांत समारोह में विशेष सम्बोधन

 Monday:02nd November 2020 17:26 IST 

 केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए संबोधित किया 

 नयी शिक्षा नीति से उत्कृष्टता मिलेगी-श्री रमेशखरियाल  पो'निशंक' 

नई दिल्ली02-नवंबर-2020: (पीआईबी//एजुकेशन स्क्रीन)::

केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियाल 'निशंक'ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) सिलचर के 18वें दीक्षांत समारोह कोवर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए संबोधित किया। वे मुख्य आतिथि के तौर पर समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल विशिष्ट अतिथि थे। एआईसीटीई के प्रमुख प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धेविशिष्ट अतिथि थे। एनआईटी सिलचर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रमुख श्री गौतम एन मेहराऔर गणमान्य पूर्व छात्र एवं डीआरडीओ के एसोसिएट डायरेक्टर (साइंटिस्ट जी) श्री संजय चौधरी भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर श्री पोखरियाल ने उत्तीर्ण छात्रों को बधाई दी और कहा कि यह पल उन लोगों के जीवन के यादगार पलों में से एक है। उन्होंने एनआईआरएफ-2020 में 46वां रैंक हासिल करने के लिए एनआईटी सिलचर को बधाई दी और उल्लेख किया कि संस्थान एनआईआरएफ-2019 से इस बार पांच पायदान ऊपर चढ़ा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हो रही है कि एनआईटी सिल्चर ने वैश्विक रैंकिंग प्लेटफॉर्म जैसे द रैंकिंग और यूएस न्यूज रैंकिंग में प्रमुख स्थान हासिल किए हैं। उन्होंने एनआईटी सिलचर को इस तरह की पहचान हासिल करने के लिए बधाई दी और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर राष्ट्रीय शिक्षा के उत्थान के लिए सभी आयामों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए कहा।

मंत्री ने प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली की उत्कृष्टता उल्लेख किया है जब दुनिया भर के विद्वान नालंदा, तक्षशिला, विक्रमशिला आदि विश्वविद्यालयों में पढ़ने के लिए हमारे देश आते थे। उन्होंने बताया कि हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणाली पर गर्व करते हुए और विद्वता से भरे शिक्षकों एवं छात्रों के साथ भविष्य की तैयारी करते हुए गुणवत्ता आधारित शित्रा प्रणाली के साथ भारत खुद को विश्व गुरु के तौर पर स्थापित करेगा। श्री पोखरियाल ने नई शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला जो पथ प्रवर्तक साबित होंगे और लाखों छात्रों की जीवन के सभी क्षेत्रों में बढ़ने और उत्कृष्टता हासिल करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति के तहत सरकार न केवल अपने संस्थानों की स्थापना के लिए विश्व के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों/संस्थानों के साथ सहयोग कर रही है, बल्कि विभिन्न आयामों में भी सहयोग कर रही है। मंत्री ने पेटेंट को बढ़ाने के लिए टैलेंट को पेटेंट से जोड़ने का उल्लेख किया जो न केवल संस्थान को आगे बढ़ाएगा बल्कि देश के आर्थिक विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा।

श्री पोखरियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार के नेतृत्व में राष्ट्रीय अनुसंधान कोष और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी मंच की शुरूआत की गई है और यह देश के अनुसंधान एवं विकास परिदृश्य को एक बेहतर, समावेशी और उत्कृष्ट वातावरण में बदल देगा। उन्होंने उल्लेख किया कि एनईपी-2020के तीन स्तंभ-सुधार, परिवर्तन और प्रदर्शन, राष्ट्र की शिक्षा प्रणाली में क्रांति लाएंगे और इनमें हमारी शिक्षा प्रणाली को एक वैश्विक मंच पर स्थापित करने की क्षमता है। श्री पोखरियाल ने यह भी कहा कि संस्थान के लिए एक सतत भविष्य के निर्माण की खातिर पूर्व छात्रों को अपने संस्थान के साथ जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने समावेशी तरीके से संस्थान की बेहतरी के लिए एक एलुमनी टास्क फोर्स बनाने का विचार व्यक्त किया।

श्री पोखरियाल ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के जय जवान, जय किसान की घोषणा ने देश को कृषि क्षेत्र में आत्म-निर्भर राष्ट्र में बदल दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस नारे में‘जय विज्ञान’को जोड़ा जिससे देश के वैज्ञानिक अनुसंधान में महत्वपूर्ण बदलाव आया और हमें वैश्विक रूप से दूसरी परमाणु महाशक्तियों के साथ अग्रिम पंक्ति में खड़े होने में मदद मिली। उसी नारे में हमारे वर्तमान प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘जय अनुसंधान’को जोड़ा जो राष्ट्र के अनुसंधान और विकास की प्रगति को और ऊंचाई पर लेकर जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के सपने और एनईपी-2020 के कार्यान्वयन के साथ हम शिक्षा और अनुसंधान में अपनातेजस्वी गौरव दोबारा हासिल कर लेंगे। मंत्री ने युक्ति 2.0 पोर्टल की पहल का भी उल्लेख किया जहां देश के सभी प्रतिष्ठित संस्थान अपने अभिनव विचार साझा करते हैं और समाज की बेहतरी के लिए तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराते हैं। अंत में उन्होंने भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया का उल्लेख किया और कहा कि ये नए भारत के निर्माण के लिए राष्ट्र के युवा प्रतिभाशाली संसाधन को पर्याप्त समर्थन और सहयोग प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं। इनका उद्देश्य एक नये भारत का निर्माण करना है जो आत्मनिर्भर हो और बुद्धिमता एवं ज्ञान से सशक्त हो।

श्री सर्बानंद सोनोवाल ने अपने दीक्षांत संबोधन में युवा स्नातक छात्रों को बधाई दी। उन्होंने संस्थान की हालिया उपलब्धियों पर खुशी जतायी। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखें और उन्हें हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करें। उन्होंने सफलता हासिल करने के लिए शारीरिक स्वास्थ्य को सभी शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियों से जोड़ने के महत्व पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने सफल जीवन के लिए मन और स्वास्थ्य का सही संतुलन बनाए रखने के लिए जीवन में स्वामी विवेकानंद का अनुसरण करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे छात्रों के सामूहिक प्रयास से नये भारत के प्रधानमंत्री के सपने को साकार किया जा सकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि स्नातक छात्रों जैसे युवा ही राष्ट्र को आगे बढ़ाने और सपनों के भारत का निर्माण करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र की अपार क्षमता और संभावनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि इसमें प्रगतिशील भारत के निर्माण की दिशा में बड़ा प्रभाव डालने की क्षमता है।

एनआईटी सिलचर के निदेशक प्रो. शिवाजी बंद्योपाध्याय ने इस साल उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के पूरे शैक्षणिक सत्र में हुई सभी गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए संस्थान की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने सभी स्नातक छात्रों को बधाई दी और कहा कि 2020 के बैच को उसकी संभावनाओं और क्षमताओं के लिए इतिहास में याद किया। उन्होंने समारोह में शामिल होने के लिए शिक्षा मंत्री का आभार जताया और कहा कि शिक्षा मंत्रालय की मदद और समर्थन के साथ, एनआईटी सिलचर अपने संसाधनों की मदद से सरकार के सपने को पूरा करने के लिए हमेशा प्रयास करता रहेगा।

संस्थान के 18वें दीक्षांत समारोह में विभिन्न पदक विजेताओं के नाम की घोषणा की गयी। इस वर्ष पूरे संस्थान में सर्वाधिक सीपीआई हासिल करने के लिए संस्थान स्नातक वर्ग में स्वर्ण पदक श्री क्षितिज मेहरोत्रा को दिया गया। वे मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र हैं। सर्वश्रेष्ठ स्नातक छात्र के लिए स्वर्ण पदक श्री प्रक्ष झा को दिया गया जो कि कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग के छात्र हैं। स्नातकोत्तर वर्ग में स्वर्ण पदक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र श्री सुजीत टी को दिया गया। इस वर्ष, कालीकृष्णा मृणालिनी स्मारक स्वर्ण पदक, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की छात्रा सुश्री ह्लादिनी अग्निवेश को जबकि सास्वत पुरकायस्थ स्मारक स्वर्ण पदक, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र श्री आशीष रंजन को दिया गया। रसायनशास्त्र विभाग की पीएचडी छात्रा सुश्री कल्याणी राजकुमारी को सर्वश्रेष्ठ डॉक्टरेट की डिग्री दी गयी। रजत पदक विजेताओं की भी घोषणा की गयी। असाधारण शिक्षक का पुरस्कार प्रोफेसर सौरभ चौधरी को दिया गया। यह घोषणा करते हुए खुशी महसूस की गयी कि संस्थान के 18वें दीक्षांत समारोह में कुल 881 छात्रों को डिग्री प्रदान की गयी जिनमें इंजीनियरिंग के अलग-अलग विषयों के 572 बी.टेक छात्र, 188 एम.टेक छात्र, 30 एम.एससी छात्र, 43 एमबीए छात्र और 48 पीएचडी छात्र हैं।

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एमजी/एएम/पीके/एसएस


खादी का कारगिल-लेह में विशेष करिश्मा

 02-नवंबर-2020 15:51 IST

   रोज़गार का सृजन करके चेहरों पर मुस्कान ला रही है खादी 


नई दिल्ली
02-नवंबर-2020: (पीआईबी//एजुकेशन स्क्रीन)::

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) द्वारा सृजित स्व-रोजगार के परिणामस्वरूप कारगिल और लेह के शांत हिमालयी क्षेत्रों में उत्पादन गतिविधियां फलफूल रही हैं।

2017-18 से केवीआईसी ने कारगिल और लेह में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना के तहत लगभग 1000 विभिन्न छोटी और मध्यम विनिर्माण इकाइयां स्थापित की हैं। इनसे केवल साढ़े तीन साल की अवधि में ही स्थानीय युवाओं के लिए 8200 से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इन इकाइयों ने 2017-18 से 32.35 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी जारी की है।

सीमेंट ब्लॉकों के विनिर्माण से लेकर लोहे और स्टील की वस्तुओं के विनिर्माण, ऑटोमोबाइल मरम्मत वर्कशॉप, टेलरिंग इकाइयां, लकड़ी की फर्नीचर निर्माण इकाइयां, लकड़ी पर नक्काशी की इकाइयां, साइबर कैफे, ब्यूटी पार्लर और सोने के आभूषणों के निर्माण आदि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें केवीआईसी ने सहायता प्रदान की है। इससे स्थानीय लोगों को सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने में मदद मिली है। यहां तक कि 2020-21 के पहले 6 महीनों के दौरान, कोविड-19 लॉकडाउन के बावजूद केवीआईसी ने विभिन्न क्षेत्रों में कारगिल में 26 और लेह में 24 नई परियोजनाएं स्थापित करने में मदद की, जिससे इन दोनों क्षेत्रों में 350 नौकरियों का सृजन हुआ।

उल्लेखनीय है कि केवीआईसी पीएमईजीपी योजना के लिए एक नोडल कार्यान्वयन एजेंसी है। 2017-18 से 2020-21 (30 सितंबर तक), केवीआईसी ने कारगिल में 802 परियोजनाएं और लेह में 191 परियोजनाएं स्थापित की हैं। जिसमें कारगिल में 6,781 और लेह में 1421 रोजगारों का सृजन हुआ। केवीआईसी ने कारगिल में इन परियोजनाओं के लिए मार्जिन मनी के रूप में 26.67 करोड़ रुपये का वितरण किया, जबकि इसी अवधि के दौरान लेह क्षेत्र में 5.68 करोड़ रुपये का वितरण किया गया।

केवीआईसी के चेयरमैन श्री विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि कारगिल और लेह में रोजगार में हुई वृद्धि में पर्यावरण के लिहाज से चुनौतीपूर्ण लेह-लद्दाख क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री के नजरिए का योगदान है। इस क्षेत्र में साल में केवल छह महीने तक ही संपर्क स्थापित हो पाता है। कारगिल और लेह ने विभिन्न विनिर्माण गतिविधियों को बनाए रखने की अपार क्षमता दिखाई है। लेह और कारगिल देश के बाकी हिस्सों से लगभग छह महीने तक कटा रहता है। हालांकि, ये इकाइयां इन क्षेत्रों में पूरे वर्ष सामानों की स्थानीय उपलब्धता सुनिश्चित करेंगी।

कारगिल और लेह के लाभार्थियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अपनी उत्पादन इकाइयां शुरू करने के बाद नौकरियों की तलाश में दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। इन इकाइयों ने न केवल उनके लिए स्व-रोजगार सृजित किए हैं बल्कि इस क्षेत्र के कई अन्य बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं।

कारगिल के गांव मिंजी के निवासी मोहम्मद बाकिर ने 10 लाख रुपये के शुरुआती ऋण के साथ सीमेंट ब्लॉक ईंटों की उत्पादन इकाई शुरू की थी। अब उसका 52 लाख रुपये का सालाना कारोबार है। उसने अपनी विनिर्माण इकाई में 8 व्यक्तियों को रोजगार दिया है। इसी तरह  लोहे और इस्पात की वस्तुओं के उत्पादन से जुड़े इस्माइल नसीरी ने कारगिल के ग्राम पोयेन में 25 लाख रुपये की लागत से अपनी इकाई शुरू की और 10 लोगों को रोजगार दिया है तथा उसकी इकाई 76 लाख रुपये का कारोबार कर रही है।

रोजगार की होड़ ने स्थानीय महिलाओं को भी स्व-रोजगार के लिए प्रेरित किया है जो घर  बाहर जाने और स्वतंत्र रूप से काम करने की इच्छुक नहीं थी। केवीआईसी की सहायता से अनेक महिला उद्यमी इन जिलों में कटिंग, सिलाई इकाइयां और ब्यूटी पार्लर सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं।

कारगिल के बारू में एक महिला उद्यमी हमीदा बानो ने सिलाई की गतिविधि में भाग लिया और अपनी यूनिट में 3 अन्य महिलाओं को रोजगार दिया। हमीदा का सालाना कारोबार भी 12 लाख रुपये तक पहुंच गया है।

यह उल्लेख करना उचित है कि लेह-लद्दाख क्षेत्र का विकास केंद्र सरकार का प्रमुख उद्देश्य रहा है। 2019 में जम्मू और कश्मीर के विभाजन के बाद से इस क्षेत्र में स्थानीय रोजगार के सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

कारगिल और लेह में 2017-18 से 2020-21 तक (30 सितंबर तक) परियोजनाओं और रोजगार की संख्या

क्र.सं.

वर्ष

परियोजनाओं की संख्या

वितरित की गई मार्जिन मनी (रुपये लाख में)

रोजगार सृजन

01

2017-18

172

417.12

1099

02

2018-19

462

1491.63

4252

03

2019-20

309

1122.94

2501

04

2020-20

(30.09.2020 तक)

50

204.00

350

05

योग

993

3235.69

8202

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एमजी/एएम/आईपीएस/सीएल/एसके

Monday, September 7, 2020

अधिसूचित रिक्तियों के लिए ‘कंप्यूटर आधारित टेस्ट’

प्रविष्टि तिथि: 05 SEP 2020 6:59PM by PIB Delhi
भारतीय रेलवे 15 दिसंबर 2020 से करेगी शुरुआत  
नई दिल्ली: 5 सितंबर 2020: (पीआईबी//एजुकेशन स्क्रीन)::
भारतीय रेलवे 15 दिसंबर 2020 से अधिसूचित रिक्तियों के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्‍ट लेना शुरू कर देगी।
भारतीय रेलवे ने 3 प्रकार की रिक्तियां अधिसूचित की थीं। इनमें एनटीपीसी के लिए 35208 रिक्तियां (गैर तकनीकी प्रचलित श्रेणियां जैसे कि गार्ड, कार्यालय क्लर्क, वाणिज्यिक क्लर्क इत्‍यादि), 1663 रिक्तियां पृथक एवं मंत्रिस्तरीय श्रेणियों (स्टेनो इत्‍यादि) के लिए और 103769 लेवल 1 रिक्तियां (ट्रैक मेंटेनर्स, प्‍वाइंट्समैन इत्‍यादि) थीं। सभी आरआरबी ने एनटीपीसी श्रेणियों, लेवल-1 पदों और पृथक एवं विविध श्रेणियों के लिए कुल मिलाकर 1.40 लाख रिक्तियों को अधिसूचित किया था। उपरोक्त रिक्तियों के लिए आरआरबी को 2.40 करोड़ से भी अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। उपर्युक्त रिक्तियों के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) को कोविड-19 महामारी और इस वजह से पूरे देश में लागू किए गए लॉकडाउन के कारण स्थगित करना पड़ गया था।
आवेदनों की जांच (स्‍क्रूटनी) पूरी हो गई थी, लेकिन कोविड के मद्देनजर लगाई गई पाबंदियों के कारण परीक्षा से जुड़ी आगे की प्रक्रिया में देरी हो गई थी।
रेलवे के आरआरबी सभी अधिसूचित रिक्तियों हेतु ‘सीबीटी’ आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और वे महामारी से जुड़ी जमीनी स्थिति का सक्रिय रूप से आकलन करते रहे हैं। अब चूंकि आईआईटी के लिए जेईई और नीट आयोजित करने का अनुभव है, इसलिए ऐसे में यह महसूस किया गया कि रेलवे भी परीक्षा प्रक्रिया शुरू कर सकती है, जिसे कोविड महामारी के कारण रोकना पड़ा था।
इतने बड़े पैमाने पर परीक्षा आयोजित करने के लिए मानक परिचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) तैयार की जा रही हैं। विभिन्न केंद्रीय और राज्य प्राधिकरणों द्वारा निर्दिष्‍ट किए गए सामाजिक दूरी मानकों और अन्य प्रोटोकॉल का पालन अवश्‍य किया जाना चाहिए, जो अभ्‍यर्थियों के हित में आवश्यक हैं।
रेलवे ने अब 15 दिसंबर, 2020 से प्रथम चरण के कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन टेस्‍ट शुरू करने का प्रस्ताव किया है और इस संबंध में आवश्यक उपाय शुरू कर दिए गए हैं।  
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Saturday, August 29, 2020

ऑनलाइन वेबिनार के माध्यम से मनाया जायेगा शिक्षक दिवस

Bhopal: Saturday, 29th August 2020 at 17:52 IST
 तीन स्तर पर होंगी शिक्षक संगोष्ठी 
भोपाल: शनिवार, 29 अगस्त 2020:(मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो):
प्रतिवर्ष भारत के राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म-दिवस 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस का आयोजन समारोहपूर्वक किया जाता है। कोविड संक्रमण के चलते इस वर्ष शिक्षक दिवस समारोह वेबिनार के माध्यम से ऑनलाइन आयोजित किया जायेगा। 
शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में जिला, संभाग और राज्य स्तर पर शिक्षक संगोष्ठी का वेबिनार के माध्यम से ऑनलाइन आयोजन किया जायेगा। प्रदेश में जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर 'म.प्र. में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन'' विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जायेगी। जिला स्तर पर 31 अगस्त को, संभाग स्तर पर एक सितम्बर को एवं राज्य स्तर पर 4 सितम्बर को संगोष्ठी आयोजित की जायेगी।
संगोष्ठी में जिला स्तर पर चयनित प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर चयनित शिक्षकों द्वारा संभाग स्तरीय संगोष्ठी में एवं संभाग स्तर पर चयनित प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर चयनित शिक्षक राज्य स्तरीय संगोष्ठी में सहभागिता करेंगे। राज्य स्तरीय संगोष्ठी में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त शिक्षकों द्वारा 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर वेबिनार के माध्यम से हो रहे समारोह में सहभागिता की जायेगी।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों का सम्मान
शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2019 से सम्मानित अध्यापक डॉ. ललित मेहता को जिला स्तरीय कार्यक्रम में शाल-श्रीफल एवं 11 हजार रुपये का ड्रॉफ्ट प्रदान कर सम्मानित किया जायेगा।
राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार
राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों का सम्मान शिक्षक दिवस पर जिला मुख्यालयों पर आयोजित समारोह में किया जायेगा। राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र, शाल-श्रीफल एवं 25 हजार रुपये नगद राशि प्रदान कर सम्मानित किया जायेगा।
बबीता मिश्रा

Friday, August 14, 2020

स्वतंत्रता दिवस पर भर गया BCM आर्यों में आज़ादी का जोश

Friday:14th Aug 2020 at 4:21 PM
 उत्साह और वैभव से भरे छात्र वर्ग ने प्रस्तुत की कई आइटमें 
लुधियाना: 14 अगस्त 2020: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो):: 
हालांकि इस बार कोरोना के कारण पहले जैसे रंग नहीं हैं लेकिन फिर भी स्वतंत्रता दिवस बीसीएम स्कूल के सभी छात्र छात्राओं के लिए इस बार भी जोशो खरोश और उत्साह ले कर आया। इस बार भी सभी के मन में एक अलग ही तरह का उत्साह था। उमंगों से भरा एक जोश। यह रंगारंग जोश उनके खानपान और लाईफस्टाईल में भी नज़र आया।   
बी.सी.एम आर्य  स्कूल, ललतों  के नन्हें छात्रों ने स्वतंत्रता दिवस के  उपलक्ष्य में उत्साह और वैभव के साथ  कार्यक्रम प्रस्तुत किया | इस उपलक्ष्य में नर्सरी और यू के जी   के विद्यार्थियों के लिए  'वर्चुअल स्कूल असेंबली' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का  शुभारंभ   स्कूल प्रार्थना से किया गया। विद्यार्थियों द्वारा देश भक्ति से सम्बंधित भाषण दिए गए साथ ही 'आई लव माई इंडिया' और 'सारे  जहाँ से अच्छा' गानों पर डांस किया गया। ' पोटलक पार्टी' विद्यार्थियों के  लिए एक और आकर्षण था।  जिसमें  विद्यार्थियों द्वारा तीन रंगो के विभिन्न व्यंजन  जैसे तिरंगा पिज़्ज़ा, इडली,सलाद , तिरंगी चावल, सतरंगी सैंडविच  बनाए गए। अध्यापको द्वारा विद्यार्थियों को भोजन शिष्टाचार से सम्बंधित जानकारी दी गई। अभिभावक अपने बच्चों के प्रदर्शन से बहुत  खुश थे। स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. परमजीत कौर ने स्वतंत्रता दिवस से सम्बंधित स्कूल सभा को आ आनंदपूर्ण और अद्भूत बनाने के लिए अध्यापकों और अभिभावकों की सराहना की। कुल मिला कर इस बार का स्वतंत्रता दिवस आयोजन भी यादगारी ढंग से मनाया गया। कोरोना के इस दौर में यह किसी करिश्मे से काम नहीं। 

Wednesday, August 12, 2020

पीसीटीई की बीसीए की छात्रा मनमीत कौर ने दिखाया कमाल

12th August 2020 at 2:55 PM
 विश्वविद्यालय परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल किया 
लुधियाना: 12 अगस्त 2020: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो):: 
पीसीटीई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स की बीसीए की छात्रा (बैच 2019) मनमीत कौर ने आई. के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया और 9.68 सीजीपीए के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। मनमीत कौर ने कहा “एक अच्छे छात्र होने के हर पहलू में पीसीटीई ने मेरी मदद की है। एक साल पहले मैंने विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में तीसरा स्थान हासिल करने के बारे में कभी नहीं सोचा होगा। इसका श्रेय निश्चित रूप से मेरे समर्पित शिक्षकों को जाता है जिन्होंने मेरी हर तरह से मदद की है। उन्होंने आगे कहा, "आज, मैं खुद को देखती हूं और गर्व महसूस करती हूं कि मैंने इस कॉलेज द्वारा केवल एक वर्ष में पेशेवर और मानसिक रूप से कितना विकास किया है।" कंप्यूटर अनुप्रयोग संकाय के विभागाध्यक्ष, श्री हरिंदर पाल सिंह ने कहा कि, मनमीत कौर ने बहुत सारे प्रयास किए थे और वह पूरी तरह से अपने अध्ययन के लिए समर्पित थीं, जिसने अंततः विश्वविद्यालय की स्थिति को सुरक्षित करने में मदद की। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा असाधारण प्रदर्शन किया है और व्याख्यान के दौरान सक्रिय रूप से भाग लिया है। पीसीटीई के महानिदेशक डॉ. के एन एस कंग ने छात्रा को बधाई दी और कहा कि "पीसीटीई के छात्र न केवल अकादमिक रूप से अच्छा प्रदर्शन करते हैं बल्कि समग्र विकास प्राप्त करने के लिए परिसर में अतिरिक्त गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं।" 

Monday, August 10, 2020

FMM छात्रों के लिए BCM में हुआ विशेष आयोजन

Monday: 10th August 2020 at 3:59 PM
 लुधियाना के 6 शीर्ष स्कूलों के 60 से अधिक छात्रों ने चर्चा में भाग लिया 
लुधियाना: 10 अगस्त 2020: (कार्तिका सिंह//एजुकेशन स्क्रीन):: 
बीसीएम आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर, लुधियाना ने इंटर-स्कूल वर्चुअल पैनल डिस्कशन का आयोजन किया।  शहर के स्कूलों के लिए यह एक सुनहरी अवसर था। वित्तीय बाजार प्रबंधन (एफएमएम) के छात्रों के इतिहास में यह ऐतिहासिक दिन था क्योंकि उन्होंने ऑनलाइन उच्च स्तरीय सूचनात्मक पैनल का संचालन किया था। लुधियाना के 6 शीर्ष स्कूलों के 60 से अधिक छात्रों ने इस चर्चा में भाग लिया। इस सूची में बीसीएम आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल ,बीसीएम स्कूल दुगरी, डीसीएम प्रेसीडेंसी स्कूल, ग्रीनलैंड स्कूल और रेयान इंटरनेशनल स्कूलों ने भी इस में भाग लिया। पूरी चर्चा बीसीएम आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वित्तीय कौशल के साथ वाणिज्य विभाग के प्रमुख श्री भूपिंदर सिंह द्वारा की गई थी। 
यह कार्यक्रम एफएमएम के पूर्व छात्र इशान सिंगला द्वारा संचालित किया गया था और बीसीएम स्कूल बसंत एवेन्यू से श्रीमती पूजा खोली, रयान अंतरराष्ट्रीय चंडीगढ़ रोड से श्रीमती नवजोत कौर, श्रीमती नीमिका अमदेव नवेतन स्कूल से  श्रीमती अमनदीप जैसे विभिन्न स्कूलों के संकाय सदस्यों ने भाग लिया। 
यह चर्चा शेयर बाजार में निवेशक बनाम सट्टा शैली पर आधारित थी जिसमें सभी स्कूलों ने इस मुद्दे पर बहस और प्रतिवाद के बाद खुलकर टिप्पणियां दीं। छात्रों की शुरुआती टिप्पणियों ने श्री वॉरेन बफे और श्री राकेश झुनझुनवाला जैसे अत्यधिक निपुण निवेशकों को उद्धृत करते हुए लंबी अवधि के धन के निर्माण के लिए निवेश पक्ष में आवश्यक शोध को उजागर किया। छात्रों ने बहुत ही कम समय में हासिल किए जाने वाले उच्च लाभ पर प्रकाश डाला। छात्रों ने इस विषय पर गहन शोध किया था, जिसे उन्होंने अनुसंधान संकेतक और प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI) देकर स्पष्ट किया था। शुरुआती टिप्पणियों ने इस मुद्दे पर टीमों के रुख को स्थापित करने में मदद की। यहाँ  चर्चा के पहले चरण का समापन हुआ।
चर्चा के दूसरे चरण में स्कूलों को दो समूहों में विभाजित किया गया था, जिनमें से प्रत्येक निवेश पक्ष या बाजार के सट्टा पक्ष का समर्थन कर रहे थे।  अवधि में सुरक्षित और उच्च रिटर्न विकल्प के रूप में निवेश पक्ष का समर्थन करने वाले बीसीएम आर्य की शुरुआती टिप्पणियों को रेयान इंटरनेशनल स्कूल के पर्ल मलिक से काउंटर तर्क मिला था, जिसमें कहा गया था कि निवेश के तरीके में भी जोखिम शामिल थे। उन्होंने तब कहा था कि अगर मुद्रास्फीति संतोषजनक नहीं है, तो मुद्रास्फीति से लंबी अवधि के धन को मिटाया जा सकता है, जो वित्तीय बाजारों में अटकलों को बेहतर तरीका बनाता है। डीसीएम प्रेसीडेंसी स्कूल से वंश का एक और जवाबी तर्क था जिसमें कहा गया था कि सट्टेबाजी से प्राप्त थोड़े समय में उच्च रिटर्न का इस्तेमाल जल्दी रिटायर होने और लोगों को जीवन में उनके जुनून का पालन करने में किया जा सकता है। जयन, हर्षित, मन्त्रेश, अप्रमजोत, कुणाल, हरलीन के कई तर्क और प्रतिवाद थे, जिन्होंने चर्चा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 30 मिनट की गरमागरम बहस के बाद, सभी प्रतिभागी इस तथ्य पर सहमत हो सकते हैं कि दोनों विधियाँ विभिन्न प्रकार के निवेशकों के लिए आदर्श हैं। यह निवेशक के लक्ष्यों और भूख के जोखिम पर निर्भर करता है कि किस पद्धति को अपनाया जाए। डीसीएम प्रेसीडेंसी के छात्र मिलन ने कहा, "यह अद्भुत अनुभव था और हम सभी ने अटकलों और निवेश पक्षों के बारे में बहुत कुछ सीखा।"
मॉडरेटर, इशान सिंगला और श्री भूपिंदर सिंह की समापन टिप्पणियों के साथ चर्चा समाप्त हुई। श्रीमती रिचा बत्रा (HoD- FMM विभाग DCM प्रेसीडेंसी स्कूल से), ने सभी प्रतिभागियों, संकाय सदस्यों, आयोजकों और मॉडरेटर को धन्यवाद दिया। कुल मिलाकर, इस चर्चा में भाग लेने वाले सभी लोगों के लिए एक समृद्ध और सीखने का अनुभव था। डॉ. परमजीत कौर प्रिंसिपल होस्ट स्कूल बीसीएम आर्य ने एफएमएम विभाग को बधाई देते हुए वर्चुअल इवेंट को सफलतापूर्वक आयोजित करने के  लिए बधाई दी।