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Tuesday, September 30, 2025

पेक की एनएसएस इकाई ने आयोजित किया मेगा हेल्थ कैंप

Received From PEC on 30th September 2025 at 4:19 PM Regarding Health Camp
250 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कैंप का फायदा उठाया 
हैल्थ कैंप की कुछ झलकियां 
चंडीगढ़: 30 सितम्बर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ की नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) इकाई ने 30 सितम्बर 2025 को पेक डिस्पेंसरी में एक मेगा हेल्थ कैंप का सफल आयोजन किया। इस कैंप का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और समुदाय को निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना था। लगभग 250 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और यहां मैमोग्राफी, बोन डेंसिटी टेस्ट, स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्रेशन, आंखों की जांच, काउंसलिंग, जनरल चेकअप और डेंटल चेकअप जैसी सेवाओं का लाभ उठाया।

कैंप का आयोजन डॉ. संदीप कौर (कोऑर्डिनेटर, एनएसएस पीईसी), डॉ. मयंक गुप्ता (प्रोग्राम ऑफिसर), डॉ. मोहित कुमार (प्रोग्राम ऑफिसर) और डॉ. रतन लाल (प्रोग्राम ऑफिसर) के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर डॉ. डी. आर. प्रजापति (डीन स्टूडेंट अफेयर्स) भी उपस्थित रहे, जिनके उत्साहवर्धन ने वालंटियर्स और प्रतिभागियों दोनों का मनोबल और बढ़ाया।

विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएँ विशेषज्ञ डॉक्टरों और टीमों द्वारा उपलब्ध करवाई गईं। आंखों की जांच डॉ. अमित शर्मा और डॉ. प्रियंका ने की, जबकि स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्रेशन की सुविधा डॉ. जसलीन गर्ग ने प्रदान की। बोन डेंसिटी टेस्ट डॉ. तनिशा द्वारा किया गया और काउंसलिंग सत्रों का नेतृत्व डॉ. अभिषेक जिंदल ने किया। डेंटल चेकअप डॉ. मोनिका ग्रोवर और डॉ. मनील ग्रोवर ने किया, वहीं जनरल चेकअप डॉ. सुरेन्द्र के. रोहन द्वारा किया गया। मैमोग्राफी यूनिट को हरजीत सिंह, नेहा, जगजीत सिंह और मनीषा ने सहयोग दिया, जिन्हें डॉ. स्तुति, डॉ. ऋषिका और डॉ. चेतना का मार्गदर्शन प्राप्त था।

यह कैंप टूथ स्पॉट, ग्रोवर आई हॉस्पिटल, योर सेफ स्पेस बाय अभिषेक, अमृता कैंसर फाउंडेशन और पेक डिस्पेंसरी के डॉक्टरों के सहयोग से आयोजित किया गया। इस आयोजन में आईईईई चंडीगढ़ सब-सेक्शन का भी समर्थन मिला।

कैंप ने रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल, शुरुआती पहचान और जागरूकता पर विशेष जोर दिया और बड़ी संख्या में लोगों को लाभान्वित किया। डॉक्टरों, सहयोगी संस्थाओं और एनएसएस स्वयंसेवकों की संयुक्त मेहनत ने इस आयोजन को सच्चे मायनों में एनएसएस के आदर्श वाक्य – “नॉट मी, बट यू” का प्रतीक बना दिया।

Sunday, September 28, 2025

PEC में आयोजित हुई पिकोसा की एनुअल जनरल मीटिंग

Received on Sunday 28th September 2025 at 05:37 PM Regarding PICOSA  AGM 

 PEC समुदाय को और सशक्त बनाने का संकल्प भी लिया 


चंडीगढ़: 28 सितम्बर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर/ /एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (पिकोसा) की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) रविवार, 28 सितम्बर 2025 को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ में आयोजित की गई। इस अवसर पर पूर्व छात्र, फैकल्टी मेंबर्स और विद्यार्थी एकत्रित हुए और पेक समुदाय को और सशक्त बनाने के संकल्प के साथ एक प्रेरणादायी दिन का हिस्सा बने।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पेक के डीन, एलुमनाई, कॉर्पोरेट एंड इंटरनेशनल रेलशंस, प्रो. डॉ. राजेश कांडा ने मुख्य अतिथि के रूप में की।

कार्यक्रम की शुरुआत पिकोसा के अध्यक्ष इंजीनियर मनीष गुप्ता के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त किया और संस्थान की प्रगति में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “हमारे पूर्व छात्र पेक के रियल ब्रांड एंबेसडर हैं, जो इसके मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते हैं।”

प्रो. डॉ. राजेश कांडा ने पिकोसा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व छात्र संघ संस्थान और अपने स्नातकों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने में सेतु का कार्य करता है। उन्होंने युवाओं को मार्गदर्शन देने, संस्थान की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पहचान बढ़ाने और पूर्व छात्रों को निरंतर सक्रिय बने रहने का आह्वान किया।  

कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष इंजीनियर जोरावर सिंह ने वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के प्रति पिकोसा  की प्रतिबद्धता दोहराई।

एजीएम का विशेष आकर्षण मेधावी छात्रों का सम्मान रहा, जहां पुरस्कार और छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। यह न केवल विद्यार्थियों की मेहनत की पहचान थी बल्कि उनके लिए पूर्व छात्र नेटवर्क से मिलने वाले सहयोग का भी प्रतीक रहा।

फोरम में पिकोसा की प्रमुख पहलों, जैसे जनरल एलुमनाई मीट, पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने पूर्व उपलब्धियों पर विचार किया और नए स्नातकों को जोड़ने तथा नेटवर्किंग के अवसर बढ़ाने जैसे नवाचारों पर सुझाव दिए।

कार्यक्रम का समापन पिकोसा के महासचिव इंजीनियर एच.एस. ओबेरॉय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों, पूर्व छात्रों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया तथा आयोजन की सफलता के लिए पूरी टीम की सराहना की।

2025 का एजीएम केवल प्रशासनिक बैठक नहीं बल्कि पेक परिवार की भावना और गर्व का उत्सव साबित हुआ। इसने न केवल पुराने साथियों से पुनर्मिलन का अवसर दिया बल्कि पिकोसा की उस दृष्टि को भी मजबूत किया, जो छात्रों के कल्याण, संस्थान की उन्नति और पेक की शाश्वत विरासत को सहेजने का माध्यम है।

Friday, June 6, 2025

PEC और पॉवरग्रिड में MoU पर हस्ताक्षर

From PEC on Friday 6th June 2025 at 7:07 PM Regarding MoU between PEC and PowerGrid

  PEC में उत्कृष्टता केंद्र के लिए पावरग्रिड ने दी17 करोड़ की स्वीकृति 


चंडीगढ़
: 06 जून 2025: (मीडिया लिंक रविंद्र//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::  

पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पॉवरग्रिड) ने 06 जून, 2025 को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता पॉवरग्रिड के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत पेक में "पॉवरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" की स्थापना के लिए हुआ। 

यह अवसर बेहद गरिमामयी था, जिसमें पॉवरग्रिड की ओर से श्री तरुण बजाज, कार्यकारी निदेशक (उत्तरी क्षेत्र-II) और पेक की ओर से प्रो. राजेश कुमार भाटिया, निदेशक ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव श्री राजीव वर्मा (आईएएस), पॉवरग्रिड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री आर. के. त्यागी, शिक्षा सचिव सुश्री प्रेरणा पुरी (आईएएस), और अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे। इस अवसर पर पॉवरग्रिड के वरिष्ठ अधिकारी श्री विक्रम सिंह भल (कार्यकारी निदेशक - कोऑर्डिनेटर सीएमजी), श्री जसबीर सिंह (कार्यकारी निदेशक - सीएसआर), श्री रुबिंदरजीत सिंह बरार (निदेशक, तकनीकी शिक्षा, चंडीगढ़ प्रशासन), साथ ही पेक के डीन, विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ फैकल्टी और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

PEC इंजीनियरिंग जैसे तेजी से विकसित होते क्षेत्रों में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्राप्त कर सकें। एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में पॉवरग्रिड ने इस पहल को सहर्ष स्वीकार किया और “पॉवरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना में सहायता देने के लिए आगे आया।

इस पर बताई गई लागत वाली रकम 17 करोड़ 19 लाख 26 हजार रुपये (₹17,19,26,000/-) है जो की एक नया इतिहास रचेगी। इस लागत से स्थापित होने वाला यह केंद्र छात्रों के लिए सीखने के नए द्वार खोलेगा। इससे रिसर्च स्कॉलर्स और फैकल्टी को पावर और एनर्जी सेक्टर में अनुसंधान को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह सुविधा विशेष रूप से पेक के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम को और अधिक व्यावहारिक व औद्योगिक प्रासंगिकता देने के लिए तैयार की गई है। इसमें न्यूमेरिकल रिले, फेज़र मेजरमेंट यूनिट्स (पीएमयू), इन्वर्टर, साइबर सुरक्षा, ई-मोबिलिटी, कंट्रोलर लैब जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी, जो रियल-टाइम सिमुलेशन के माध्यम से प्रशिक्षण व प्रदर्शन में मदद करेंगी।

इस अवसर पर PEC के निदेशक ने पॉवरग्रिड का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सीएसआर पहल छात्रों और शोधकर्ताओं को अत्यंत लाभान्वित करेगी।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित POWERGRID के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) श्री आर. के. त्यागी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए PEC के प्रति अपने भावनात्मक जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने 'वन ग्रिड, वन नेशन, वन फ्रिक्वेंसी' की अवधारणा पर ज़ोर दिया — देश के एक छोर से दूसरे छोर तक सभी ग्रिड्स का समन्वय के साथ संचालन। उन्होंने कहा, "CSR के तहत यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हमारी ओर से एक छोटा-सा योगदान है।"

इसी अवसर पर मुख्य अतिथियों में शामिल विशेष शख्सियत राजीव वर्मा (IAS), मुख्य सचिव, चंडीगढ़ ने POWERGRID और PEC के इस प्रयास की सराहना की, जो लोगों को सशक्त बनाकर पूरे क्षेत्र को रूपांतरित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र उन्नत अनुसंधान और नवाचार का एक प्रकाशस्तंभ बनेगा। यह केंद्र स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और शोधार्थियों (PhD) को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा। यह पावर और ऊर्जा क्षेत्रों को 'विकसित भारत', 'ऊर्जा सुरक्षा' और 'शून्य उत्सर्जन राष्ट्र' की दिशा में गति देगा।

पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पॉवरग्रिड), विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत एक महारत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जिसका उत्तरी क्षेत्र-II का मुख्यालय जम्मू में स्थित है। पॉवरग्रिड, अंतर-राज्यीय विद्युत ट्रांसमिशन में संलग्न है और इसके पास 1,80,239 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन, 283 सबस्टेशन और 5,64,961 MVA से अधिक की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता है। अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटल समाधानों के उपयोग से पॉवरग्रिड ने >99% ट्रांसमिशन सिस्टम उपलब्धता बनाए रखी है, जो कि एक उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचायक है।

उत्तरी क्षेत्र-II में पॉवरग्रिड की ट्रांसमिशन प्रणाली पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा के कुछ हिस्सों, और केंद्र शासित प्रदेशों चंडीगढ़, लद्दाख, एवं जम्मू-कश्मीर में फैली हुई है। इस नई परियोजना से विकास की रफ्तार और तेज़ होगी। 

Friday, November 8, 2024

परंपरा, नवाचार और एकता का जश्न:

 Friday 8th November 2024 at 9:52 PM  Communication, Information & Media Cell (CIM) Clubs

  पेककफेस्ट 2024 की हर्षोल्लास के साथ हुई भव्य शुरुआत 


चंडीगढ़
: 08 नवंबर 2024: (मीडिया लिंक//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ का परिसर आज पेकफेस्ट 2024, वार्षिक टेक्नो-कल्चरल फेस्टिवल के उद्घाटन के साथ जीवंत हो उठा। इस वर्ष का थीम “रेटरोग्रेड रिबेलियन” है, जो परंपरा और आधुनिकता के अनोखे संगम का प्रतीक है। छात्रों, संकाय सदस्यों, पूर्व छात्रों और गणमान्य अतिथियों के जोश और उत्साह ने इस आयोजन को पेक की समृद्ध विरासत और जीवंत समुदाय के जश्न का यादगार अवसर बना दिया।

उद्घाटन समारोह का शुभारम्भ दोपहर 12:00 बजे सभी गणमान्य जनों के गर्मजोशी से स्वागत के साथ हुआ। इस कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जो आशा और सांस्कृतिक एवं तकनीकी अन्वेषण की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक था।

अपने उद्घाटन भाषण में, प्रो. डी.आर. प्रजापति, डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स (डीएसए), ने सभी को खुले दिल से आमंत्रित किया और पेकफेस्ट को एक ऐसा मंच बताया जहाँ रचनात्मकता, नवाचार और सौहार्द को प्रोत्साहित किया जाता है।

इसके बाद, दर्शकों को पेकफेस्ट की एक परिचयात्मक वीडियो दिखाई गई। इसके पश्चात, पेक के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने प्रेरणादायक शब्दों में सभी का स्वागत किया। उन्होंने आई आर एस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स श्री अनिरुद्ध और एयर कमोडोर राजीव श्रीवास्तव का स्वागत करते हुए उनके इस अवसर पर आने के लिए आभार प्रकट किया। प्रो. भाटिया ने पेक की उल्लेखनीय विरासत, इसके आगामी 104वें स्थापना दिवस के बारे में चर्चा की और पेकफेस्ट को नवाचार एवं सांस्कृतिक समारोह की भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने आयोजन को भव्य बनाने में जुटे सभी आयोजकों, प्रायोजकों और डीएसए की मेहनत की सराहना की।

इसके पश्चात, पेक  की गौरवशाली विरासत पर एक डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई, जिसने इंजीनियरिंग शिक्षा के भविष्य को संवारने में PEC के योगदान और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया।

एयर कमोडोर राजीव श्रीवास्तव ने भी सभा को संबोधित किया और पेक की नेतृत्व और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की। इसके बाद श्री अनिरुद्ध ने छात्रों को पेक में बिताए अपने समय को संजोने और यहां मिलने वाले अवसरों का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

समारोह का समापन एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें पेक के छात्रों ने परंपरागत और आधुनिक प्रस्तुतियों का शानदार प्रदर्शन किया, जो इस वर्ष के "रेटरोग्रेड रिबेलियन" थीम के अनुरूप था।

पेकफेस्ट 2024 आगामी तीन दिनों में रोमांचक गतिविधियों का वायदा करता है, जिसमें विभिन्न तकनीकी और सांस्कृतिक इवेंट्स शामिल हैं। मुख्य आकर्षणों में डिफेंस एक्सपो शामिल है, जहाँ नवीनतम सैन्य तकनीक का प्रदर्शन होगा और छात्रों तथा आगंतुकों को एक अद्वितीय सीखने का अवसर मिलेगा।

जैसे-जैसे पेकफेस्ट 2024 आगे बढ़ेगा, यह सभी को पेक की समृद्ध विरासत का जश्न मनाने के लिए आमंत्रित करता है और एक नवाचार व समावेशी भविष्य की ओर देखता है।

Monday, August 12, 2024

जसपाल भट्टी साहिब की यादों को ताज़ा करने की नई पहल

Monday12th August 2024 at 4:30 PM

उनकी प्रतिमा का अनावरण होगा 14 अगस्त, 2024 को

चंडीगढ़: 12 अगस्त, 2024: (के के सिंह//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क):: 

जनाब जसपाल भट्टी साहिब का एक युग था। उनके जाने के बाद कभी भी वह दौर लौटकर नहीं आया। उनकी हंसी महज़ लतीफा नहीं होती थी। सिर्फ चुटकला भी नहीं होती थी। वह किसी का मज़ाक उदा कर उसे आहत भी नहीं करते थे लेकिन समाज में घुस आयी बुराइओं को इस अंदाज़ में सामने लाते कि बड़े बड़े स्कैंडलों जैसा घपला हंसी हंसी में बेनकाब होता। उनकी प्रस्तुरी को सुनने यादेखने वाला सिर्फ हंसता ही नहीं बल्कि बहुत गंभीरता से कुछ सोचने को मजबूर हो जाता। बिना कुछ कड़वा बोले या बिना कुछ सख्त शब्द बोले समाज के दुखःद हालात के कारणों पर अपने दर्शकों और श्रोताओं को सोचने के लिए लगा देना यह जसपाल भट्टी साहिब को ही आता था।यह उनकी बहुत बड़ी खूबी थी।

हकीकत पर चिंता नहीं बल्कि एक चिंतन जगाना शायद उनका छिपा हुआ मकसद भी हुआ करता था। हंसी की फुहारों में वह एक चेतना जगा जाते थे। न गम की बात, न ही रोना धोना और न ही किसी दुःख की चर्चा लेकिन समाज को दुःख पहुंचाने वाले कारणों को बहुत ही सलीके से बेनकाब कर जाते थे। उनका ज़ाहि अंदाज़ तब भी अपना रंग दिखता रहा जब वह बहुत पहले एक प्रसिद्ध अंग्रेज़ी अख़बार में कार्टून बनाया करते थे। लोग हर रोज़ उनके कार्टून का सन्देश देखने के लिए अख़बार की इंतज़ार किया करते थे। 

उनकी यादों को ताज़ा करने की पहल की है PEC अर्थात पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड यूनिवर्सिटी) के प्रबंधन ने।  चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (PECOSA) द्वारा एक विशेष समारोह पद्म भूषण से सम्मानित, सम्मानित इंजीनियर, 1978 के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग बैच के पूर्व छात्र, प्रसिद्ध भारतीय टेलीविजन के दिग्गज़ श्री जसपाल भट्टी जी की याद एवं उनके सम्मान में उनकी प्रतिमा का अनावरण 14 अगस्त, 2024 को शाम 4:00 बजे से, PEC ऑडिटोरियम के बाहर किया जा रहा है।

माननीय निदेशक, पीईसी, प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार भाटिया इस शुभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे, उनके साथ ही प्रो. (डॉ.) राजेश कांडा (प्रमुख, पूर्व छात्र, कॉर्पोरेट और अंतर्राष्ट्रीय संबंध), इस मौके पर सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस पूरे समारोह का आयोजन इंजीनियर  टीकम चंदर बाली (अध्यक्ष, पेकोसा) और इंजीनियर एच.एस. ओबेरॉय (जनरल सचिव, पेकोसा) द्वारा किया गया है। 

यह शाम पूरी तरह से हमारे सम्मानित पूर्व छात्र व् इंजीनियर जसपाल भट्टी और उनके जीवन को समर्पित होगी। इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम में उनके मित्र, अन्य पूर्व छात्र, संकाय सदस्य और छात्रों का वर्तमान बैच भी शामिल होगा।

Sunday, February 11, 2024

PEC के 1988 बैच ने PEC को दान दिए 2 ई-वाहन

Saturday10th February 2024 at 9:08 PM

दोनों ई-वाहनों की चाबियाँ सौंपी गई माननीय निदेशक, प्रोफेसर (डॉ.) बलदेव सेतिया को 


चंडीगढ़: 10 फरवरी 2024: (शीबा सिंह//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

जब शिक्षा दीक्षा पूर्ण हो जाती है तब उस शिक्षा से मिला फायदा ज़िंदगी को कामयाबी दिलाता है। उस कामयाबी से दौलत भी मिलती है और शोहरत भी। उस दौलत में से बहुत से लोग दसवंद अर्थात दशम हिस्सा निकाल कर धर्म स्थलों के लिए दान स्वरूप निकालते हैं। इसी भावना से बहुत से छात्र भी अपने उन शिक्षा संस्थानों के लिए दान देते हैं जहाँ से उन्हें ज़िंदगी जीने के लिए आवश्यक ज्ञान मिलता है। PEC अर्थात पंजाब इंजिनयरिंग कालेज के छात्रों ने भी अपने इस पावन पवित्र शिक्षा के मंदिर के लिए दान निकाला जिसकी चर्चा भी काफी हुई। लोगों ने इसकी प्रशंसा भी की। 

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (मानित विश्वविद्यालय), चंडीगढ़ के 1988 बैच ने आज 10 फरवरी, 2024 को PEC के माननीय निदेशक प्रो. (डॉ.) बलदेव सेतिया जी के साथ डॉ. सुशांत समीर (बैच 88'), चेयरमैन एस्टेट और डॉ. राजेश कांडा (बैच 91'), एलुमनाई एंड कॉर्पोरेट रिलेशन्स प्रमुख की उपस्थिति में संस्थान को 2 ई-वाहन (1 ई-स्कूटर और 1 ई-कार्ट) दान किए।

इस बैच में 62 स्नातक शामिल हैं, जो कि 1988 में संस्थान से उत्तीर्ण हुए थे। अपनी मातृ संस्था के प्रति हार्दिक कृतज्ञता और पुरानी यादों का आदान-प्रदान करने के लिए, उन्होंने प्यार का यह छोटा सा तोहफ़ा आज भेंट किया। 

उन्होंने कहा, कि यह पूर्व छात्रों और अल्मा मेटर के बीच संबंधों को सहज और मजबूत करेगा। एक अन्य बैच साथी ने कहा, कि उन्होंने 5000/- रुपये प्रति व्यक्ति, का योगदान देने का फैसला किया, ताकि इस कंट्रीब्यूशन को और अधिक समावेशी बना सकें और अपनेपन की भावना को पोषित कर सकें।

निदेशक, प्रोफेसर (डॉ.) बलदेव सेतिया जी ने 1988 के सभी बैचमेट्स के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने संस्थान का अभिन्न अंग रहते हुए संस्थान के लिए उनकी समर्पित सेवाओं के लिए विशेष रूप से डॉ. सुशांत समीर को धन्यवाद दिया। उन्होंने उन्हें 'मैन फ्राइडे' भी कहा। उन्होंने नकद के बजाय वस्तु के रूप में कुछ प्रदान करने की पूर्व छात्रों की इस गहरी सोच की सराहना भी की।

तत्पश्चात, दोनों ई-वाहनों की चाबियाँ माननीय निदेशक, प्रोफेसर (डॉ.) बलदेव सेतिया जी के साथ डॉ. सुशांत समीर और डॉ. राजेश कांडा को सौंपी गईं।

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Wednesday, January 31, 2024

PEC में एक और विशेष ज्ञान सेशन का आयोजन

Wednesday  31st January 2024 at 3:26 PM 

डॉ. साकेत चट्टोपाध्यायने बताए "ट्रांसलेशनल रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप" पर विशेष गुर 


चंडीगढ़: 30 जनवरी 2024:(शीबा सिंह//एजुकेशन स्क्रीन)::

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (मानित विश्वविद्यालय), चंडीगढ़ के इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग विभाग ने आज 31 जनवरी, 2024 को फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी स्थानांतरण, आईआईटी दिल्ली के बिजनेस डेवलपमेंट के वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. साकेत चट्टोपाध्याय द्वारा "ट्रांसलेशनल रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप" पर एक ज्ञान सत्र का आयोजन किया। डॉ. साकेत चट्टोपाध्याय के पास एक उद्यमी और प्रेरक वक्ता के रूप में 15 वर्षों का अनुभव है।

सत्र के दौरान, डॉ. साकेत चट्टोपाध्याय ने महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करते हुए नवीन विचारों के विकास को बढ़ावा देने और फार्मा, चिकित्सा उपकरणों, स्वास्थ्य देखभाल, निदान, औद्योगिक बायोटेक, कृषि और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों को प्रभावित करने वाली प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए नवप्रवर्तकों को प्रेरित करने पर ध्यान केंद्रित किया। सत्र का फोकस बीआईआरएसी के बायोटेक्नोलॉजी इग्निशन ग्रांट (बीआईजी) पर था, जो छात्रों, शिक्षकों, स्टार्टअप और उद्यमियों को व्यावसायीकरण क्षमता के साथ अपने इनोवेटिव विचारों पर काम करने के लिए 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

प्रश्नोत्तरी और उपस्थित सदस्यों के साथ बातचीत के साथ सत्र आगे बढ़ा। इस विशेष सत्र में संकाय सदस्यों, अनुसंधान विद्वानों, इनक्यूबेटेड स्टार्टअप और PEC के छात्रों ने भाग लिया।

Monday, December 18, 2023

PEC में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेनल शुरू

18th December 2023 at 5:26 PM   

AI को लेकर विश्व विख्यात वक्ताओं ने शुरू की गंभीर चर्चा 

 *प्रो. (डॉ.) बृज भूषण गुप्ता, एशिया यूनिवर्सिटी, ताइवान से पहुंचे 

*डॉ. प्रियंका चौरसिया, अल्स्टर यूनिवर्सिटी, यूके ने महिला पक्ष को भी सामने रखा 

चंडीगढ़: 18 दिसंबर 2023: (के के सिंह//एजुकेशन स्क्रीन):: 

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, (डीम्ड यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजीज, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डेटा एनालिटिक्स (एआईसीटीए-2023) पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। इस उद्घाटन समारोह में  मुख्य अतिथि के तौर पर प्रोफेसर (डॉ.) एस.के. सिंह, आईआईटी-बीएचयू; प्रो. (डॉ.) बृज भूषण गुप्ता, एशिया यूनिवर्सिटी, ताइवान; डॉ. प्रियंका चौरसिया, अल्स्टर यूनिवर्सिटी, यूके, उपस्थित थे। PEC के निदेशक, प्रो. (डॉ.) बलदेव सेतिया जी के साथ इस सम्मलेन के आयोजन अध्यक्ष डॉ. पूनम सैनी और आयोजन सचिव डॉ. मनीष कुमार ने अपनी शुभ उपस्थिति से इस अवसर की शोभा बढ़ाई। यह त्रिदिवसीय सम्मेलन इंटरनेशनल सेंटर फॉर एआई एंड साइबर सिक्योरिटी रिसर्च एंड इनोवेशन, एशिया यूनिवर्सिटी, ताइवान के साथ तकनीकी सह-प्रायोजन में आयोजित किया गया है।

इस आयोजन के अध्यक्ष और एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. पूनम सैनी ने कहा कि भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्वानों द्वारा सम्मेलन मंच पर प्रस्तुत किए गए 290 पत्रों में से 65 समीक्षकों द्वारा गुणवत्ता जांच में उत्तीर्ण हुए हैं और स्प्रिंगर द्वारा अपने  प्रतिष्ठित "लेक्चर नोट्स इन नेटवर्क्स एंड सिस्टम्स (एलएनएनएस)" श्रृंखला में प्रकाशन के लिए स्वीकार किए गए हैं। उन्होंने एआईसीटीए-2023 (AICTA - 2023) को सार्थक बनाने के लिए सम्मेलन के सभी प्रतिनिधियों और वक्ताओं को धन्यवाद दिया।

आयोजन के सचिव डॉ. मनीष कुमार ने सम्मेलन के बारे में दर्शकों को जानकारी दी। उन्होंने कहा, कि यह सम्मेलन शिक्षा और उद्योग को एक साथ लाने का एक प्रचार-प्रसार मंच है। आज पहले दिन डॉ. प्रियंका चौरसिया, अल्स्टर यूनिवर्सिटी, यूके की अध्यक्षता में  '' वीमेन इन कंप्यूटिंग '' थीम पर केंद्रित एक प्री-वर्कशॉप भी करवाई जा रही है। इसके बाद अगले दो दिन, डेटा साइंस, आईओटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर तीन ट्रैकों में पेपर प्रस्तुतियों के माध्यम से नए विचारों को साझा करने पर बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

इसके साथ ही, डॉ. त्रिलोक चंद, एचओडी, सीएसई; ने कहा कि AICTA-2023 आयोजित करने पर वह ख़ुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इस सम्मेलन को एक बौद्धिक प्रेरक अनुभव बनाने और PEC के भविष्य के विकास में योगदान देने के लिए आयोजन टीम, प्रतिनिधियों, मुख्य वक्ताओं और विशेष रूप से निदेशक प्रोफेसर बलदेव सेतिया को तहेदिल से धन्यवाद दिया।

मुख्य अतिथि प्रोफेसर एस.के. सिंह ने आम जनता के दैनिक जीवन में आईओटी, डेटा विश्लेषण और एआई के उपयोग का निरीक्षण करने के लिए कुछ उदाहरण भी साझा किए। उन्होंने ये भी कहा, कि स्मार्ट उपकरणों को संभालने के लिए आपको स्मार्ट और बौद्धिक तौर पर समृद्ध भी होना होगा। इन उपकरणों को अपने ऊपर हावी न होने दें। अंत में, उन्होंने आयोजक टीम को तीन दिवसीय  एआईसीटीए-2023  बनाने के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर बलदेव सेतिया ने संस्थान के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग को बधाई दी और उल्लेख किया कि यह विभाग हमेशा सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग उम्मीदवारों को आकर्षित करता है और तकनीकी परिवर्तनों को बढ़ावा देने और अपनाने में हमेशा अग्रणी रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि, 'यह सम्मेलन इस विभाग के लिए एक बड़ी कामयाबी है। उन्होंने PEC के गौरवशाली इतिहास के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा, कि हम पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय एजेंडे के साथ काम कर रहे हैं। अंत में, उन्होंने कहा, कि यह सम्मेलन इस देश और पूरी दुनिया में उपजे मुद्दों से निपटने में मदद करेगा।

एशिया यूनिवर्सिटी, ताइवान से प्रोफेसर (डॉ.) ब्रिज बी गुप्ता इस सम्मेलन में तकनीकी सह-प्रायोजक भी हैं। वह ताइवान में एआई और साइबर सुरक्षा केंद्र के निदेशक हैं। आज, उन्होंने ये एलान किया, कि ताइवान में एआई और साइबर सुरक्षा केंद् PEC के सहयोग से छात्रों की इंटर्नशिप, संकाय विनिमय कार्यक्रम में सहायता करेंगे और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों में कार्यशालाएं भी आयोजित करेंगे।

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Sunday, December 17, 2023

PEC में त्रिदिवसीय AICTA कांफ्रेंस 18 से 20 दिसंबर 2023

17th December 2023 at 12:05 PM

आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस से बदलती दुनिया और नई चुनौतियां भी 


चंडीगढ़
: 17 दिसंबर, 2023: (के के सिंह//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

कोई ज़माना था जब दिमाग तेज़ करने के लिए ड्राई फ्रूट्स और टॉनिक खाए जाते थे। धीरे धीरे दिमाग और बुद्धिमता इतने तेज़ हुए कि दुनिया दंग रह गई। फिर कम्प्यूटर बनें और रोबॉट्स भी बने। अब इसी बौद्धिक क्षमता ने कृत्रिम बुद्धिमता भी बना दी है। आने वाले निकट भविष्य में इंसानी क्षमता और कृत्रिम बुद्धिमता का आपसी संबंध कैसा रहने वाला है इसे ले कर बहुत कुछ कहा सुना भी जा रहा है। इस कृत्रिम बौद्धिक शक्ति से ईमेल से लेकर कविता, कहानी और रिपोर्ट तक बहुत कुछ लिखा जा रहा है। 

कुछ बरस पहले लिखीं  छपी और पढ़ी गई कहानियां और नावल अब सच हो कर सामने आने लगे हैं। शायद अब इस कृत्रिम बुद्धिमता को आने वाले लम्बे समय तक संभाल कर भी रखा जा सके। ऐसे बहुत से सवाल अगर आपके मन भी हैं तो आपको इस कृत्रिम बुद्धि को और नज़दीक हो कर देखना चाहिए। ऐसा मौका प्रदान कर रहा है पंजाब इंजीनियर कालेज चंडीगढ़। 

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ के कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग, द्वारा 18, 19 और 20 दिसंबर, 2023 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजीज, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डेटा एनालिटिक्स (AICTA) नामित एक बहुप्रतीक्षित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन होने जा रहा है। यह सम्मेलन इंटरनेशनल सेंटर फॉर एआई एंड साइबर सिक्योरिटी रिसर्च एंड इनोवेशन, एशिया यूनिवर्सिटी, ताइवान के साथ तकनीकी सह-प्रायोजन में आयोजित किया जा रहा है।

इस कांफ्रेंस व् सम्मेलन के आयोजन के अध्यक्ष और एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. पूनम सैनी जी ने कहा, कि एआईसीटीए 2023 का उद्देश्य कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग के विभिन्न डोमेन जैसे आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, नेटवर्किंग और डेटा एनालिटिक्स के रीसेंट रुझानों (ट्रेंड्स) और नवीन दृष्टिकोणों पर विचार-विमर्श के लिए एक प्रेरक मंच प्रदान करना है। यह सम्मेलन ज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यों को साझा करने और प्रसारित करने, सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और अपनाए गए समाधानों पर चर्चा को बढ़ावा देने के लिए विविध शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और छात्रों को एक साथ लाने का प्रयास करना ही इस उद्देश्य है।

इस आयोजन के सचिव डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि पहले दिन प्री-वर्कशॉप थीम ''वीमेन इन कंप्यूटिंग'' पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य महिला शोधकर्ताओं को  अपने लेख प्रस्तुत करने के लिए एक सामूहिक मंच प्रदान करना है, यह सेशन अल्स्टर यूनिवर्सिटी, यूके से आई डॉ. प्रियंका चौरसिया की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष सत्र में किया जायेगा। अगले दो दिन डेटा साइंस, आईओटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नामक तीन समानांतर ट्रैकों में पेपर प्रस्तुतियों के माध्यम से नवीन विचारों को साझा करने को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। 

इसके साथ ही पूरे सम्मलेन के कीनोट स्पीकर्स  तौर पर आईआईटी-बीएचयू से प्रोफेसर एस.के. सिंह; एशिया यूनिवर्सिटी, ताइवान से प्रोफेसर बृज बी. गुप्ता; IEEE, USA के प्रेजिडेंट थॉमस कफ़लिन; सिटी यूनिवर्सिटी, होन्ग कोंग से प्रोफेसर किम-फुंग त्सांग; सालेर्नो विश्वविद्यालय, इटली से प्रोफेसर फ़्रेंसेस्को पामिएरी और मैक्वेरी विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया से प्रोफेसर माइकल शेंग इस कांफ्रेंस का हिस्सा बनेंगें। इसके साथ ही, गूगल और एयरबस के विशेषज्ञ, वर्तमान टेक्नोलॉजीज और इंडस्ट्री के रुझानों से प्रतिभागियों को रु-ब-रु करवायेंगें।  

स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर के तौर पर सीएसई के अंतिम वर्ष के छात्र, जतिन चुघ और भरत ने बताया कि पूरे भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्वानों द्वारा सम्मेलन मंच पर प्रस्तुत किए गए 290 पत्रों में से 65 समीक्षकों द्वारा गुणवत्ता जांच में उत्तीर्ण हुए हैं और स्प्रिंगर द्वारा उनकी प्रतिष्ठित "लेक्चर नोट्स इन नेटवर्क्स एंड सिस्टम्स (एलएनएनएस)" श्रृंखला में प्रकाशन के लिए स्वीकार किए गए हैं।

इसी के साथ सीएसई के एचओडी प्रोफेसर त्रिलोक चंद ने विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों के शोधकर्ताओं के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए इस तरह के प्रौद्योगिकी-संचालित कार्यक्रमों की व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश भी डाला।

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर बलदेव सेतिया जी ने विभाग को बधाई दी और उल्लेख किया कि संस्थान के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग ने हमेशा सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग उम्मीदवारों को आकर्षित किया है और तकनीकी परिवर्तनों को बढ़ावा देने और अपनाने में अग्रणी रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दो नए स्नातक कार्यक्रम शुरू किए हैं और दोनों कार्यक्रमों को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। अंततः उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन ज्ञान साझा करने में हमारे संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ संयुक्त अनुसंधान सहयोग में आवश्यक जोर प्रदान करने के लिए एक मंच के रूप में भी काम करेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर एक यक्ष प्रश्न यह भी कि क्या इस के ज़ोर पकड़ने पर व्यक्ति की वास्तविक बुद्धि की स्वतंत्रता खतरे में तो नहीं जाएगी? जिस दिन यह नियंत्रण से बाहर होती नज़र आई उस दिन के लिए क्या क्या किया जा सकता है?

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