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Tuesday, September 30, 2025

पेक की एनएसएस इकाई ने आयोजित किया मेगा हेल्थ कैंप

Received From PEC on 30th September 2025 at 4:19 PM Regarding Health Camp
250 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कैंप का फायदा उठाया 
हैल्थ कैंप की कुछ झलकियां 
चंडीगढ़: 30 सितम्बर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ की नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) इकाई ने 30 सितम्बर 2025 को पेक डिस्पेंसरी में एक मेगा हेल्थ कैंप का सफल आयोजन किया। इस कैंप का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और समुदाय को निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना था। लगभग 250 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और यहां मैमोग्राफी, बोन डेंसिटी टेस्ट, स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्रेशन, आंखों की जांच, काउंसलिंग, जनरल चेकअप और डेंटल चेकअप जैसी सेवाओं का लाभ उठाया।

कैंप का आयोजन डॉ. संदीप कौर (कोऑर्डिनेटर, एनएसएस पीईसी), डॉ. मयंक गुप्ता (प्रोग्राम ऑफिसर), डॉ. मोहित कुमार (प्रोग्राम ऑफिसर) और डॉ. रतन लाल (प्रोग्राम ऑफिसर) के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर डॉ. डी. आर. प्रजापति (डीन स्टूडेंट अफेयर्स) भी उपस्थित रहे, जिनके उत्साहवर्धन ने वालंटियर्स और प्रतिभागियों दोनों का मनोबल और बढ़ाया।

विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएँ विशेषज्ञ डॉक्टरों और टीमों द्वारा उपलब्ध करवाई गईं। आंखों की जांच डॉ. अमित शर्मा और डॉ. प्रियंका ने की, जबकि स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्रेशन की सुविधा डॉ. जसलीन गर्ग ने प्रदान की। बोन डेंसिटी टेस्ट डॉ. तनिशा द्वारा किया गया और काउंसलिंग सत्रों का नेतृत्व डॉ. अभिषेक जिंदल ने किया। डेंटल चेकअप डॉ. मोनिका ग्रोवर और डॉ. मनील ग्रोवर ने किया, वहीं जनरल चेकअप डॉ. सुरेन्द्र के. रोहन द्वारा किया गया। मैमोग्राफी यूनिट को हरजीत सिंह, नेहा, जगजीत सिंह और मनीषा ने सहयोग दिया, जिन्हें डॉ. स्तुति, डॉ. ऋषिका और डॉ. चेतना का मार्गदर्शन प्राप्त था।

यह कैंप टूथ स्पॉट, ग्रोवर आई हॉस्पिटल, योर सेफ स्पेस बाय अभिषेक, अमृता कैंसर फाउंडेशन और पेक डिस्पेंसरी के डॉक्टरों के सहयोग से आयोजित किया गया। इस आयोजन में आईईईई चंडीगढ़ सब-सेक्शन का भी समर्थन मिला।

कैंप ने रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल, शुरुआती पहचान और जागरूकता पर विशेष जोर दिया और बड़ी संख्या में लोगों को लाभान्वित किया। डॉक्टरों, सहयोगी संस्थाओं और एनएसएस स्वयंसेवकों की संयुक्त मेहनत ने इस आयोजन को सच्चे मायनों में एनएसएस के आदर्श वाक्य – “नॉट मी, बट यू” का प्रतीक बना दिया।

Sunday, September 28, 2025

PEC में आयोजित हुई पिकोसा की एनुअल जनरल मीटिंग

Received on Sunday 28th September 2025 at 05:37 PM Regarding PICOSA  AGM 

 PEC समुदाय को और सशक्त बनाने का संकल्प भी लिया 


चंडीगढ़: 28 सितम्बर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर/ /एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (पिकोसा) की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) रविवार, 28 सितम्बर 2025 को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ में आयोजित की गई। इस अवसर पर पूर्व छात्र, फैकल्टी मेंबर्स और विद्यार्थी एकत्रित हुए और पेक समुदाय को और सशक्त बनाने के संकल्प के साथ एक प्रेरणादायी दिन का हिस्सा बने।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पेक के डीन, एलुमनाई, कॉर्पोरेट एंड इंटरनेशनल रेलशंस, प्रो. डॉ. राजेश कांडा ने मुख्य अतिथि के रूप में की।

कार्यक्रम की शुरुआत पिकोसा के अध्यक्ष इंजीनियर मनीष गुप्ता के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त किया और संस्थान की प्रगति में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “हमारे पूर्व छात्र पेक के रियल ब्रांड एंबेसडर हैं, जो इसके मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते हैं।”

प्रो. डॉ. राजेश कांडा ने पिकोसा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व छात्र संघ संस्थान और अपने स्नातकों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने में सेतु का कार्य करता है। उन्होंने युवाओं को मार्गदर्शन देने, संस्थान की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पहचान बढ़ाने और पूर्व छात्रों को निरंतर सक्रिय बने रहने का आह्वान किया।  

कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष इंजीनियर जोरावर सिंह ने वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के प्रति पिकोसा  की प्रतिबद्धता दोहराई।

एजीएम का विशेष आकर्षण मेधावी छात्रों का सम्मान रहा, जहां पुरस्कार और छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। यह न केवल विद्यार्थियों की मेहनत की पहचान थी बल्कि उनके लिए पूर्व छात्र नेटवर्क से मिलने वाले सहयोग का भी प्रतीक रहा।

फोरम में पिकोसा की प्रमुख पहलों, जैसे जनरल एलुमनाई मीट, पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने पूर्व उपलब्धियों पर विचार किया और नए स्नातकों को जोड़ने तथा नेटवर्किंग के अवसर बढ़ाने जैसे नवाचारों पर सुझाव दिए।

कार्यक्रम का समापन पिकोसा के महासचिव इंजीनियर एच.एस. ओबेरॉय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों, पूर्व छात्रों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया तथा आयोजन की सफलता के लिए पूरी टीम की सराहना की।

2025 का एजीएम केवल प्रशासनिक बैठक नहीं बल्कि पेक परिवार की भावना और गर्व का उत्सव साबित हुआ। इसने न केवल पुराने साथियों से पुनर्मिलन का अवसर दिया बल्कि पिकोसा की उस दृष्टि को भी मजबूत किया, जो छात्रों के कल्याण, संस्थान की उन्नति और पेक की शाश्वत विरासत को सहेजने का माध्यम है।

Friday, June 6, 2025

PEC और पॉवरग्रिड में MoU पर हस्ताक्षर

From PEC on Friday 6th June 2025 at 7:07 PM Regarding MoU between PEC and PowerGrid

  PEC में उत्कृष्टता केंद्र के लिए पावरग्रिड ने दी17 करोड़ की स्वीकृति 


चंडीगढ़
: 06 जून 2025: (मीडिया लिंक रविंद्र//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::  

पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पॉवरग्रिड) ने 06 जून, 2025 को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता पॉवरग्रिड के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत पेक में "पॉवरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" की स्थापना के लिए हुआ। 

यह अवसर बेहद गरिमामयी था, जिसमें पॉवरग्रिड की ओर से श्री तरुण बजाज, कार्यकारी निदेशक (उत्तरी क्षेत्र-II) और पेक की ओर से प्रो. राजेश कुमार भाटिया, निदेशक ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव श्री राजीव वर्मा (आईएएस), पॉवरग्रिड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री आर. के. त्यागी, शिक्षा सचिव सुश्री प्रेरणा पुरी (आईएएस), और अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे। इस अवसर पर पॉवरग्रिड के वरिष्ठ अधिकारी श्री विक्रम सिंह भल (कार्यकारी निदेशक - कोऑर्डिनेटर सीएमजी), श्री जसबीर सिंह (कार्यकारी निदेशक - सीएसआर), श्री रुबिंदरजीत सिंह बरार (निदेशक, तकनीकी शिक्षा, चंडीगढ़ प्रशासन), साथ ही पेक के डीन, विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ फैकल्टी और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

PEC इंजीनियरिंग जैसे तेजी से विकसित होते क्षेत्रों में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्राप्त कर सकें। एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में पॉवरग्रिड ने इस पहल को सहर्ष स्वीकार किया और “पॉवरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना में सहायता देने के लिए आगे आया।

इस पर बताई गई लागत वाली रकम 17 करोड़ 19 लाख 26 हजार रुपये (₹17,19,26,000/-) है जो की एक नया इतिहास रचेगी। इस लागत से स्थापित होने वाला यह केंद्र छात्रों के लिए सीखने के नए द्वार खोलेगा। इससे रिसर्च स्कॉलर्स और फैकल्टी को पावर और एनर्जी सेक्टर में अनुसंधान को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह सुविधा विशेष रूप से पेक के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम को और अधिक व्यावहारिक व औद्योगिक प्रासंगिकता देने के लिए तैयार की गई है। इसमें न्यूमेरिकल रिले, फेज़र मेजरमेंट यूनिट्स (पीएमयू), इन्वर्टर, साइबर सुरक्षा, ई-मोबिलिटी, कंट्रोलर लैब जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी, जो रियल-टाइम सिमुलेशन के माध्यम से प्रशिक्षण व प्रदर्शन में मदद करेंगी।

इस अवसर पर PEC के निदेशक ने पॉवरग्रिड का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सीएसआर पहल छात्रों और शोधकर्ताओं को अत्यंत लाभान्वित करेगी।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित POWERGRID के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) श्री आर. के. त्यागी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए PEC के प्रति अपने भावनात्मक जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने 'वन ग्रिड, वन नेशन, वन फ्रिक्वेंसी' की अवधारणा पर ज़ोर दिया — देश के एक छोर से दूसरे छोर तक सभी ग्रिड्स का समन्वय के साथ संचालन। उन्होंने कहा, "CSR के तहत यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हमारी ओर से एक छोटा-सा योगदान है।"

इसी अवसर पर मुख्य अतिथियों में शामिल विशेष शख्सियत राजीव वर्मा (IAS), मुख्य सचिव, चंडीगढ़ ने POWERGRID और PEC के इस प्रयास की सराहना की, जो लोगों को सशक्त बनाकर पूरे क्षेत्र को रूपांतरित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र उन्नत अनुसंधान और नवाचार का एक प्रकाशस्तंभ बनेगा। यह केंद्र स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और शोधार्थियों (PhD) को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा। यह पावर और ऊर्जा क्षेत्रों को 'विकसित भारत', 'ऊर्जा सुरक्षा' और 'शून्य उत्सर्जन राष्ट्र' की दिशा में गति देगा।

पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पॉवरग्रिड), विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत एक महारत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जिसका उत्तरी क्षेत्र-II का मुख्यालय जम्मू में स्थित है। पॉवरग्रिड, अंतर-राज्यीय विद्युत ट्रांसमिशन में संलग्न है और इसके पास 1,80,239 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन, 283 सबस्टेशन और 5,64,961 MVA से अधिक की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता है। अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटल समाधानों के उपयोग से पॉवरग्रिड ने >99% ट्रांसमिशन सिस्टम उपलब्धता बनाए रखी है, जो कि एक उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचायक है।

उत्तरी क्षेत्र-II में पॉवरग्रिड की ट्रांसमिशन प्रणाली पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा के कुछ हिस्सों, और केंद्र शासित प्रदेशों चंडीगढ़, लद्दाख, एवं जम्मू-कश्मीर में फैली हुई है। इस नई परियोजना से विकास की रफ्तार और तेज़ होगी। 

Friday, November 8, 2024

परंपरा, नवाचार और एकता का जश्न:

 Friday 8th November 2024 at 9:52 PM  Communication, Information & Media Cell (CIM) Clubs

  पेककफेस्ट 2024 की हर्षोल्लास के साथ हुई भव्य शुरुआत 


चंडीगढ़
: 08 नवंबर 2024: (मीडिया लिंक//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ का परिसर आज पेकफेस्ट 2024, वार्षिक टेक्नो-कल्चरल फेस्टिवल के उद्घाटन के साथ जीवंत हो उठा। इस वर्ष का थीम “रेटरोग्रेड रिबेलियन” है, जो परंपरा और आधुनिकता के अनोखे संगम का प्रतीक है। छात्रों, संकाय सदस्यों, पूर्व छात्रों और गणमान्य अतिथियों के जोश और उत्साह ने इस आयोजन को पेक की समृद्ध विरासत और जीवंत समुदाय के जश्न का यादगार अवसर बना दिया।

उद्घाटन समारोह का शुभारम्भ दोपहर 12:00 बजे सभी गणमान्य जनों के गर्मजोशी से स्वागत के साथ हुआ। इस कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जो आशा और सांस्कृतिक एवं तकनीकी अन्वेषण की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक था।

अपने उद्घाटन भाषण में, प्रो. डी.आर. प्रजापति, डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स (डीएसए), ने सभी को खुले दिल से आमंत्रित किया और पेकफेस्ट को एक ऐसा मंच बताया जहाँ रचनात्मकता, नवाचार और सौहार्द को प्रोत्साहित किया जाता है।

इसके बाद, दर्शकों को पेकफेस्ट की एक परिचयात्मक वीडियो दिखाई गई। इसके पश्चात, पेक के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने प्रेरणादायक शब्दों में सभी का स्वागत किया। उन्होंने आई आर एस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स श्री अनिरुद्ध और एयर कमोडोर राजीव श्रीवास्तव का स्वागत करते हुए उनके इस अवसर पर आने के लिए आभार प्रकट किया। प्रो. भाटिया ने पेक की उल्लेखनीय विरासत, इसके आगामी 104वें स्थापना दिवस के बारे में चर्चा की और पेकफेस्ट को नवाचार एवं सांस्कृतिक समारोह की भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने आयोजन को भव्य बनाने में जुटे सभी आयोजकों, प्रायोजकों और डीएसए की मेहनत की सराहना की।

इसके पश्चात, पेक  की गौरवशाली विरासत पर एक डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई, जिसने इंजीनियरिंग शिक्षा के भविष्य को संवारने में PEC के योगदान और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया।

एयर कमोडोर राजीव श्रीवास्तव ने भी सभा को संबोधित किया और पेक की नेतृत्व और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की। इसके बाद श्री अनिरुद्ध ने छात्रों को पेक में बिताए अपने समय को संजोने और यहां मिलने वाले अवसरों का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

समारोह का समापन एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें पेक के छात्रों ने परंपरागत और आधुनिक प्रस्तुतियों का शानदार प्रदर्शन किया, जो इस वर्ष के "रेटरोग्रेड रिबेलियन" थीम के अनुरूप था।

पेकफेस्ट 2024 आगामी तीन दिनों में रोमांचक गतिविधियों का वायदा करता है, जिसमें विभिन्न तकनीकी और सांस्कृतिक इवेंट्स शामिल हैं। मुख्य आकर्षणों में डिफेंस एक्सपो शामिल है, जहाँ नवीनतम सैन्य तकनीक का प्रदर्शन होगा और छात्रों तथा आगंतुकों को एक अद्वितीय सीखने का अवसर मिलेगा।

जैसे-जैसे पेकफेस्ट 2024 आगे बढ़ेगा, यह सभी को पेक की समृद्ध विरासत का जश्न मनाने के लिए आमंत्रित करता है और एक नवाचार व समावेशी भविष्य की ओर देखता है।

Monday, August 12, 2024

जसपाल भट्टी साहिब की यादों को ताज़ा करने की नई पहल

Monday12th August 2024 at 4:30 PM

उनकी प्रतिमा का अनावरण होगा 14 अगस्त, 2024 को

चंडीगढ़: 12 अगस्त, 2024: (के के सिंह//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क):: 

जनाब जसपाल भट्टी साहिब का एक युग था। उनके जाने के बाद कभी भी वह दौर लौटकर नहीं आया। उनकी हंसी महज़ लतीफा नहीं होती थी। सिर्फ चुटकला भी नहीं होती थी। वह किसी का मज़ाक उदा कर उसे आहत भी नहीं करते थे लेकिन समाज में घुस आयी बुराइओं को इस अंदाज़ में सामने लाते कि बड़े बड़े स्कैंडलों जैसा घपला हंसी हंसी में बेनकाब होता। उनकी प्रस्तुरी को सुनने यादेखने वाला सिर्फ हंसता ही नहीं बल्कि बहुत गंभीरता से कुछ सोचने को मजबूर हो जाता। बिना कुछ कड़वा बोले या बिना कुछ सख्त शब्द बोले समाज के दुखःद हालात के कारणों पर अपने दर्शकों और श्रोताओं को सोचने के लिए लगा देना यह जसपाल भट्टी साहिब को ही आता था।यह उनकी बहुत बड़ी खूबी थी।

हकीकत पर चिंता नहीं बल्कि एक चिंतन जगाना शायद उनका छिपा हुआ मकसद भी हुआ करता था। हंसी की फुहारों में वह एक चेतना जगा जाते थे। न गम की बात, न ही रोना धोना और न ही किसी दुःख की चर्चा लेकिन समाज को दुःख पहुंचाने वाले कारणों को बहुत ही सलीके से बेनकाब कर जाते थे। उनका ज़ाहि अंदाज़ तब भी अपना रंग दिखता रहा जब वह बहुत पहले एक प्रसिद्ध अंग्रेज़ी अख़बार में कार्टून बनाया करते थे। लोग हर रोज़ उनके कार्टून का सन्देश देखने के लिए अख़बार की इंतज़ार किया करते थे। 

उनकी यादों को ताज़ा करने की पहल की है PEC अर्थात पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड यूनिवर्सिटी) के प्रबंधन ने।  चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (PECOSA) द्वारा एक विशेष समारोह पद्म भूषण से सम्मानित, सम्मानित इंजीनियर, 1978 के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग बैच के पूर्व छात्र, प्रसिद्ध भारतीय टेलीविजन के दिग्गज़ श्री जसपाल भट्टी जी की याद एवं उनके सम्मान में उनकी प्रतिमा का अनावरण 14 अगस्त, 2024 को शाम 4:00 बजे से, PEC ऑडिटोरियम के बाहर किया जा रहा है।

माननीय निदेशक, पीईसी, प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार भाटिया इस शुभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे, उनके साथ ही प्रो. (डॉ.) राजेश कांडा (प्रमुख, पूर्व छात्र, कॉर्पोरेट और अंतर्राष्ट्रीय संबंध), इस मौके पर सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस पूरे समारोह का आयोजन इंजीनियर  टीकम चंदर बाली (अध्यक्ष, पेकोसा) और इंजीनियर एच.एस. ओबेरॉय (जनरल सचिव, पेकोसा) द्वारा किया गया है। 

यह शाम पूरी तरह से हमारे सम्मानित पूर्व छात्र व् इंजीनियर जसपाल भट्टी और उनके जीवन को समर्पित होगी। इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम में उनके मित्र, अन्य पूर्व छात्र, संकाय सदस्य और छात्रों का वर्तमान बैच भी शामिल होगा।

Sunday, February 11, 2024

PEC के 1988 बैच ने PEC को दान दिए 2 ई-वाहन

Saturday10th February 2024 at 9:08 PM

दोनों ई-वाहनों की चाबियाँ सौंपी गई माननीय निदेशक, प्रोफेसर (डॉ.) बलदेव सेतिया को 


चंडीगढ़: 10 फरवरी 2024: (शीबा सिंह//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

जब शिक्षा दीक्षा पूर्ण हो जाती है तब उस शिक्षा से मिला फायदा ज़िंदगी को कामयाबी दिलाता है। उस कामयाबी से दौलत भी मिलती है और शोहरत भी। उस दौलत में से बहुत से लोग दसवंद अर्थात दशम हिस्सा निकाल कर धर्म स्थलों के लिए दान स्वरूप निकालते हैं। इसी भावना से बहुत से छात्र भी अपने उन शिक्षा संस्थानों के लिए दान देते हैं जहाँ से उन्हें ज़िंदगी जीने के लिए आवश्यक ज्ञान मिलता है। PEC अर्थात पंजाब इंजिनयरिंग कालेज के छात्रों ने भी अपने इस पावन पवित्र शिक्षा के मंदिर के लिए दान निकाला जिसकी चर्चा भी काफी हुई। लोगों ने इसकी प्रशंसा भी की। 

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (मानित विश्वविद्यालय), चंडीगढ़ के 1988 बैच ने आज 10 फरवरी, 2024 को PEC के माननीय निदेशक प्रो. (डॉ.) बलदेव सेतिया जी के साथ डॉ. सुशांत समीर (बैच 88'), चेयरमैन एस्टेट और डॉ. राजेश कांडा (बैच 91'), एलुमनाई एंड कॉर्पोरेट रिलेशन्स प्रमुख की उपस्थिति में संस्थान को 2 ई-वाहन (1 ई-स्कूटर और 1 ई-कार्ट) दान किए।

इस बैच में 62 स्नातक शामिल हैं, जो कि 1988 में संस्थान से उत्तीर्ण हुए थे। अपनी मातृ संस्था के प्रति हार्दिक कृतज्ञता और पुरानी यादों का आदान-प्रदान करने के लिए, उन्होंने प्यार का यह छोटा सा तोहफ़ा आज भेंट किया। 

उन्होंने कहा, कि यह पूर्व छात्रों और अल्मा मेटर के बीच संबंधों को सहज और मजबूत करेगा। एक अन्य बैच साथी ने कहा, कि उन्होंने 5000/- रुपये प्रति व्यक्ति, का योगदान देने का फैसला किया, ताकि इस कंट्रीब्यूशन को और अधिक समावेशी बना सकें और अपनेपन की भावना को पोषित कर सकें।

निदेशक, प्रोफेसर (डॉ.) बलदेव सेतिया जी ने 1988 के सभी बैचमेट्स के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने संस्थान का अभिन्न अंग रहते हुए संस्थान के लिए उनकी समर्पित सेवाओं के लिए विशेष रूप से डॉ. सुशांत समीर को धन्यवाद दिया। उन्होंने उन्हें 'मैन फ्राइडे' भी कहा। उन्होंने नकद के बजाय वस्तु के रूप में कुछ प्रदान करने की पूर्व छात्रों की इस गहरी सोच की सराहना भी की।

तत्पश्चात, दोनों ई-वाहनों की चाबियाँ माननीय निदेशक, प्रोफेसर (डॉ.) बलदेव सेतिया जी के साथ डॉ. सुशांत समीर और डॉ. राजेश कांडा को सौंपी गईं।

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Wednesday, January 31, 2024

PEC में एक और विशेष ज्ञान सेशन का आयोजन

Wednesday  31st January 2024 at 3:26 PM 

डॉ. साकेत चट्टोपाध्यायने बताए "ट्रांसलेशनल रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप" पर विशेष गुर 


चंडीगढ़: 30 जनवरी 2024:(शीबा सिंह//एजुकेशन स्क्रीन)::

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (मानित विश्वविद्यालय), चंडीगढ़ के इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग विभाग ने आज 31 जनवरी, 2024 को फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी स्थानांतरण, आईआईटी दिल्ली के बिजनेस डेवलपमेंट के वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. साकेत चट्टोपाध्याय द्वारा "ट्रांसलेशनल रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप" पर एक ज्ञान सत्र का आयोजन किया। डॉ. साकेत चट्टोपाध्याय के पास एक उद्यमी और प्रेरक वक्ता के रूप में 15 वर्षों का अनुभव है।

सत्र के दौरान, डॉ. साकेत चट्टोपाध्याय ने महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करते हुए नवीन विचारों के विकास को बढ़ावा देने और फार्मा, चिकित्सा उपकरणों, स्वास्थ्य देखभाल, निदान, औद्योगिक बायोटेक, कृषि और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों को प्रभावित करने वाली प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए नवप्रवर्तकों को प्रेरित करने पर ध्यान केंद्रित किया। सत्र का फोकस बीआईआरएसी के बायोटेक्नोलॉजी इग्निशन ग्रांट (बीआईजी) पर था, जो छात्रों, शिक्षकों, स्टार्टअप और उद्यमियों को व्यावसायीकरण क्षमता के साथ अपने इनोवेटिव विचारों पर काम करने के लिए 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

प्रश्नोत्तरी और उपस्थित सदस्यों के साथ बातचीत के साथ सत्र आगे बढ़ा। इस विशेष सत्र में संकाय सदस्यों, अनुसंधान विद्वानों, इनक्यूबेटेड स्टार्टअप और PEC के छात्रों ने भाग लिया।

Sunday, December 17, 2023

PEC में त्रिदिवसीय AICTA कांफ्रेंस 18 से 20 दिसंबर 2023

17th December 2023 at 12:05 PM

आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस से बदलती दुनिया और नई चुनौतियां भी 


चंडीगढ़
: 17 दिसंबर, 2023: (के के सिंह//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

कोई ज़माना था जब दिमाग तेज़ करने के लिए ड्राई फ्रूट्स और टॉनिक खाए जाते थे। धीरे धीरे दिमाग और बुद्धिमता इतने तेज़ हुए कि दुनिया दंग रह गई। फिर कम्प्यूटर बनें और रोबॉट्स भी बने। अब इसी बौद्धिक क्षमता ने कृत्रिम बुद्धिमता भी बना दी है। आने वाले निकट भविष्य में इंसानी क्षमता और कृत्रिम बुद्धिमता का आपसी संबंध कैसा रहने वाला है इसे ले कर बहुत कुछ कहा सुना भी जा रहा है। इस कृत्रिम बौद्धिक शक्ति से ईमेल से लेकर कविता, कहानी और रिपोर्ट तक बहुत कुछ लिखा जा रहा है। 

कुछ बरस पहले लिखीं  छपी और पढ़ी गई कहानियां और नावल अब सच हो कर सामने आने लगे हैं। शायद अब इस कृत्रिम बुद्धिमता को आने वाले लम्बे समय तक संभाल कर भी रखा जा सके। ऐसे बहुत से सवाल अगर आपके मन भी हैं तो आपको इस कृत्रिम बुद्धि को और नज़दीक हो कर देखना चाहिए। ऐसा मौका प्रदान कर रहा है पंजाब इंजीनियर कालेज चंडीगढ़। 

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ के कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग, द्वारा 18, 19 और 20 दिसंबर, 2023 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजीज, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डेटा एनालिटिक्स (AICTA) नामित एक बहुप्रतीक्षित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन होने जा रहा है। यह सम्मेलन इंटरनेशनल सेंटर फॉर एआई एंड साइबर सिक्योरिटी रिसर्च एंड इनोवेशन, एशिया यूनिवर्सिटी, ताइवान के साथ तकनीकी सह-प्रायोजन में आयोजित किया जा रहा है।

इस कांफ्रेंस व् सम्मेलन के आयोजन के अध्यक्ष और एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. पूनम सैनी जी ने कहा, कि एआईसीटीए 2023 का उद्देश्य कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग के विभिन्न डोमेन जैसे आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, नेटवर्किंग और डेटा एनालिटिक्स के रीसेंट रुझानों (ट्रेंड्स) और नवीन दृष्टिकोणों पर विचार-विमर्श के लिए एक प्रेरक मंच प्रदान करना है। यह सम्मेलन ज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यों को साझा करने और प्रसारित करने, सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और अपनाए गए समाधानों पर चर्चा को बढ़ावा देने के लिए विविध शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और छात्रों को एक साथ लाने का प्रयास करना ही इस उद्देश्य है।

इस आयोजन के सचिव डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि पहले दिन प्री-वर्कशॉप थीम ''वीमेन इन कंप्यूटिंग'' पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य महिला शोधकर्ताओं को  अपने लेख प्रस्तुत करने के लिए एक सामूहिक मंच प्रदान करना है, यह सेशन अल्स्टर यूनिवर्सिटी, यूके से आई डॉ. प्रियंका चौरसिया की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष सत्र में किया जायेगा। अगले दो दिन डेटा साइंस, आईओटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नामक तीन समानांतर ट्रैकों में पेपर प्रस्तुतियों के माध्यम से नवीन विचारों को साझा करने को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। 

इसके साथ ही पूरे सम्मलेन के कीनोट स्पीकर्स  तौर पर आईआईटी-बीएचयू से प्रोफेसर एस.के. सिंह; एशिया यूनिवर्सिटी, ताइवान से प्रोफेसर बृज बी. गुप्ता; IEEE, USA के प्रेजिडेंट थॉमस कफ़लिन; सिटी यूनिवर्सिटी, होन्ग कोंग से प्रोफेसर किम-फुंग त्सांग; सालेर्नो विश्वविद्यालय, इटली से प्रोफेसर फ़्रेंसेस्को पामिएरी और मैक्वेरी विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया से प्रोफेसर माइकल शेंग इस कांफ्रेंस का हिस्सा बनेंगें। इसके साथ ही, गूगल और एयरबस के विशेषज्ञ, वर्तमान टेक्नोलॉजीज और इंडस्ट्री के रुझानों से प्रतिभागियों को रु-ब-रु करवायेंगें।  

स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर के तौर पर सीएसई के अंतिम वर्ष के छात्र, जतिन चुघ और भरत ने बताया कि पूरे भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्वानों द्वारा सम्मेलन मंच पर प्रस्तुत किए गए 290 पत्रों में से 65 समीक्षकों द्वारा गुणवत्ता जांच में उत्तीर्ण हुए हैं और स्प्रिंगर द्वारा उनकी प्रतिष्ठित "लेक्चर नोट्स इन नेटवर्क्स एंड सिस्टम्स (एलएनएनएस)" श्रृंखला में प्रकाशन के लिए स्वीकार किए गए हैं।

इसी के साथ सीएसई के एचओडी प्रोफेसर त्रिलोक चंद ने विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों के शोधकर्ताओं के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए इस तरह के प्रौद्योगिकी-संचालित कार्यक्रमों की व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश भी डाला।

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर बलदेव सेतिया जी ने विभाग को बधाई दी और उल्लेख किया कि संस्थान के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग ने हमेशा सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग उम्मीदवारों को आकर्षित किया है और तकनीकी परिवर्तनों को बढ़ावा देने और अपनाने में अग्रणी रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दो नए स्नातक कार्यक्रम शुरू किए हैं और दोनों कार्यक्रमों को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। अंततः उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन ज्ञान साझा करने में हमारे संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ संयुक्त अनुसंधान सहयोग में आवश्यक जोर प्रदान करने के लिए एक मंच के रूप में भी काम करेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर एक यक्ष प्रश्न यह भी कि क्या इस के ज़ोर पकड़ने पर व्यक्ति की वास्तविक बुद्धि की स्वतंत्रता खतरे में तो नहीं जाएगी? जिस दिन यह नियंत्रण से बाहर होती नज़र आई उस दिन के लिए क्या क्या किया जा सकता है?

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Sunday, November 26, 2023

अंगदान अभियान से हो सकती पुनर्जन्म के करिश्मे की शुरुआत

महर्षि दधीचि की क़ुरबानी को आगे बढ़ाया अब पीजीआई ने 


चंडीगढ़
: 26 नवंबर 2023: (कार्तिका कल्याणी सिंह //एजुकेशन स्क्रीन)::

पीजीआई ने हाल ही में एक विशेष आयोजन के ज़रिए कुछ ख़ास मानवीय जिम्मेदारियों की तरफ ध्यान दिलाया है। इस आयोजन को देख सुन कर कुछ चिंताएं भी मन में उठती हैं और कभी कभी आत्मग्लानि सी भी महसूस होती है।  यही भावना खुद पर भी और समाज के एक बहुत बड़े वर्ग तक भी जो इस तरफ से अभी तक उदासीन है। हम मृत्यु के बाद देह को व्यर्थ में नष्ट कर डालते हैं जबकि वह बहुत से जीवन बचाने के काम भी आ सकती है। इसी अभियान की सफलता से एक दिन मानव को मृत्यु पर विजय दिलाने का मिशन भी सफल हो सकता है। अंगदान अब बेहद ज़रूरी हो गया  है और यह सब बेहद  आसान भी है। 

विकास और शिक्षा के नाम पर हम जो भी कहते रहें लेकिन हकीकत यही है कि हम आज भी ज़िंदगी और जीवित लोगों की वह कदर नहीं करते जो की जानी चाहिए। बहुत से लोग सड़क हादसों जा विभिन्न बीमारियों की वजह से अस्पताल पहुंचते हैं। उनके इलाज के लिए बहुत बार बहुत से अंगों की ज़रूरत पड़ती है। देश में इस मकसद के लिए जितनी मांग है उसके हिसाब से केवल दस फीसदी की ही पूर्ति हो पाती है। 

यदि अंगदान की इस दर को बढ़ाया जा सके तो बहुत से लोगों को स्वस्थ जीवन प्रदान करना काफी हद तक सहज हो सकेगा। पीजीआई में हुए एक विशेष आयोजन ने इस तरफ विशेष ध्यान आकर्षित किया है। इसमें इस दिशा में हुए विकास का विस्तृत विवरण भी मिला। इन्हें में से एक है जिसे एनआरपी तकनीक कहा जाता। 

इस तकनीक के अंतर्गत मर चुके अंगों को पुर्नजीवित किया जाता है। यदि यह तकनीक और सफल होती है तो शायद किसी दिन मौत पर भी विजय पाई जा सके। इस तकनीक के चलते खून और ऑक्सीजन देकर मृत अंगों को पुनर्जीवित किया जाता है और फिर उन्हें ज़रूरतमंद मरीज़ों के शरीर में सफलता के साथ प्रत्यारोपित भी किया जा रहा है। इस सफलता की दर यदि बढ़ जाए तो मौत भी विज्ञान के वश में हो जाएगी। उसे बहुत से मामलों में रोका जा सकेगा। बहुत से लोगों का जीवन अनंत तक लम्बा हो सकेगा हालाँकि स्वास्थ्य की समस्याएं और स्वास्थ्य की संभाल फिर भी लगातार धयान का विषय बनी ही रहेगी। 

उल्लेखनीय है कि अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में लगातार जो नई तकनीक ईजाद हो रही है उसके जो परिणाम सामने आएँगे उनका फायदा बहुत अद्वित्तीय होगा। डाक्टर भगवान का रूप ही नहीं बल्कि सचमुच भगवान बन जाएंगे।  उन तकनीक और तरीकों में से ही  एक है नॉर्मोथर्मिक रीजनल परफ्यूजन यानी एनआरपी तकनीक। इसकी मदद से अब मृत अंगों को ऑक्सीजन और खून की आपूर्ति से पुनर्जीवित कर मरीजों में प्रत्यारोपित किया जा रहा है। 

लेकिन इसकी भी अपनी सीमाएं हैं और वक़्त की  मजबूरियां भी। इस तकनीक के अंतर्गत एक ध्यान  रखनाआवश्यक है कि वक़्त को तेज़ी से संभाला जाए। तय समय पर प्राप्त अंग को निश्चित समय के अंदर अंदर प्रत्यारोपित न करने पर वह बेकार हो जाता है। इस तरह सारी कोशिश भी विफल होने का अंदेशा बना रहता है। अनुमान लगाएं जब महाऋषि दधीचि ने वज्र बनाने के लिए अपनी हड्डियां दान कीं होंगी तो उस समय भी कितनी बातों का ध्यान  रखा गया होगा।  कहानी सुनने में बहुत रुचिकर और सहज लगती है लेकिन वास्तव में कितनी कठिन रही होगी। 

गौरतलब है कि यह चमत्कारी तकनीक अभी चंद देशों में ही उपयोग की जा रही है, जिनमें से अमेरिका एक है। लेकिन जहां भी हो रही है, वहां अंग प्रत्यारोपण की दर तेजी से बढ़ रही है। यह कहना है यूनिवर्सिटी ऑफ राेचेस्टर के किडनी और पैनक्रियाज के सर्जिकल डायरेक्टर डॉ. रणदीप कश्यप का। वह पीजीआई के किडनी और अग्नाशय प्रत्यारोपण पर सेक्टर- 17 स्थित एक होटल में आयोजित स्वर्ण वर्षगांठ शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन शनिवार को बतौर वक्ता मौजूद थे। 

डॉ. रणदीप ने बताया कि खराब होने वाले 60 प्रतिशत अंगों को इस तकनीक की मदद से पुनर्जीवित कर उसका प्रत्यारोपण किया जा रहा है। इससे प्रत्यारोपण की दर में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। डॉ. रणदीप का कहना है कि समय पर मैचिंग डोनर न मिलने से काफी ज्यादा अंग बेकार हो जाते हैं। ऐसे में इस तकनीक से उन अंगों को मैचिंग डोनर मिलने तक जीवित रखा जा सकता है। इस तकनीक के जरिए मृत अंगों में पुन: ऑक्सीजन और खून की आपूर्ति शुरू की जाती है। इसकी सफलता दर भी 60 से 65 प्रतिशत है। उम्मीद भी की जनि चाहिए और प्रार्थना भी कि इस दर को बढ़ाया जा सके।  

कौन कौन से महत्वपूर्ण अंग किए जा रहे हैं सुरक्षित यह जान लेना भी ज़रूरी है। एनआरपी तकनीक का उपयोग कर के किडनी, लिवर, फेफड़ा, हृदय और पैंक्रियाज जैसे अंगों को बंद होने के बाद दोबारा जीवित किया जा रहा है। 

डॉ. रणदीप ने बताया कि इस तकनीक का प्रयोग कर अमेरिका में सबसे ज्यादा खराब किडनी प्रत्यारोपण हो रही है। सड़क दुर्घटना या ऐसे ही अन्य मामलों में मौत के बाद अंगों में खून और ऑक्सीजन की आपूर्ति घंटों बंद होने से वे शरीर के अंदर ही बेकार हो जाते हैं। उस स्थिति में उन अंगों को बाहर निकालकर एक विशेष मशीन की मदद से तब तक सक्रिय रखा जा सकता है, जब तक जरूरी हो।

आज के युग में करिश्मे दिखाने वाली तकनीक एनआरपी नाज़ा इतिहास रच रही है। मेडिकाल क्षेत्र इस करिश्मे को लेकर बहुत उम्मीदें हैं। इसके चमत्कार की चर्चा बहुत तेज़ी से हो रही है।  नॉर्मोथर्मिक रीजनल परफ्यूजन एक उभरती हुई तकनीक है, जो सर्कुलेटरी डेथ (डीसीडी) के बाद अंगों को जीवित रखने का एक विकल्प बन रहा है। इसे तुरंत एक्शन में ला कर ज़्यादा फायदा हो सकता है। 

उदाहरण के लिए डेड हार्ट के मामले में एनआरपी में खून को आईवीसी से शिरापरक सर्किट से निकाला ऑक्सीजनित किया जाता है और उदर की महाधमनी में वापस कर दिया जाता है। इसके अलावा एक कोडा बैलून कैथेटर (कुक इनकॉर्पोरेटेड, ब्लूमिंगटन, आईएन) को महाधमनी स्थल के माध्यम से डाला जाता है और वक्षीय महाधमनी में फुलाया जाता है। उदर महाधमनी को वक्षीय अंगों और मस्तिष्क में रक्त को जाने से रोकने के लिए डायाफ्राम के ठीक नीचे लगाया जाता है। वक्षीय और मस्तिष्क रक्त के पुर्नचक्रण को रोक दिया जाता है। ऐसी मशीनरी प्रत्यारोपण से पहले अंगों को ऑक्सीजन युक्त और स्वस्थ रखती है।

किन अंगों को कितने समय के अंदर करना होता है प्रत्यारोपित इसका भी विशेष तौर पर ध्यान रखा जाता है।  हृदय  को  4 से 6 घंटे के अंदर प्रत्यारोपित करना ज़रूरी होता है इसी तरह फेफड़े  को 4 से 6 घंटे के अंदर अंदर  प्रत्यारोपित करना ज़रूरी होता है। किडनी के मामले में यह अवधि कुछ अलग है। किडनी को 48 से 72 घंटे के अंदर अंदर लगा दिया जाना चाहिए। इसी तरह एक अन्य महत्वपूर्ण अंग लिवर को इस मकसद के लिए 12 से 24 घंटे का समय मिलता है। पैंक्रियाज  अर्थात अग्नाशय को 12 से 18 घंटे के अंदर अंदर लगा दिया जाना चाहिए और आंत को 6 से 12 घंटे  लगाना उचित होता है। 

गौरतलब है कि पाचन तंत्र का प्रमुख अंग और छोटी आंत का पहला भाग होता है अग्नाशय यानी पैंक्रियाज। पेट की यह बड़ी ग्रंथि छोटी आंत के ऊपरी हिस्से के बगल में होती है। पैंक्रियाज भोजन पचाने में सहायता करने वाले हार्मोन और एन्जाइम का उत्पादन करता है। यह शरीर की शर्करा की प्रक्रिया को भी नियंत्रित करने में मदद करता है। इसका कैंसर गंभीर समस्याएं खड़ी कर सकता है। इसकी संभाल के ले विशेष सावधान रहना आवश्यजक है खास कर खान पान के मामले में। 

इस दिशा में जो विकास कार्य चल रहे हैं उन्हें देखते हुए अंग दान से जो अंग दान में मिलते हैं उन्हें अंग प्रत्योपन की तकनीक को अब और भी ज़्यादा अच्छी तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। केवल भारत में ही नहीं अमेरिका जैसे विकसित देशों में भी अंग दान का अभियान अभी और तेज़ किया जाए तभी बात बन सकेगी। 

इस संबंध में बात करते हुए विशेषज्ञ बहुत महत्वपूर्ण बातें बताते हैं। उल्लेखनीय है कि जिन दो अंगों की सबसे अधिक आवश्यकता होती है वे हैं गुर्दे और यकृत। संयुक्त राज्य अमेरिका के स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय प्रत्यारोपण प्रतीक्षा सूची में लगभग 83 प्रतिशत लोग किडनी प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे हैं और लगभग 12 प्रतिशत लोग यकृत प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जीवित दाता इनमें से किसी भी अंग को दान करने में सक्षम हैं यदि वे प्राप्तकर्ताओं से मेल खाते हों। इस तरह बहुत से लोगों को नया जीवन मिल सकेगा। 

लगभग 2,600 लोग या प्रत्यारोपण सूची के लगभग तीन प्रतिशत लोग हृदय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फेफड़े, अग्न्याशय और आंतों सहित अन्य अंग प्रतीक्षा सूची के बाकी हिस्से बनाते हैं। हालाँकि सभी उम्र के लोग सूची में हैं, लेकिन आंत प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा करने वालों में से अधिकांश शिशु और बच्चे हैं।

यदि हम महर्षि दधीचि को सचमुच में श्रद्धासुमन अर्पित करना चाहते हैं तो उनकी उस महान क़ुरबानी को हमेशां याद रखें।    स्मरण रहे कि भारतीय इतिहास’ में कई दानी हुए हैं, किंतु मानव कल्याण के लिए अपनी अस्थियों का दान करने वाले मात्र महर्षि दधीचि ही थे। महर्षि दधीचि ने उनका अहित चाहने वाले इंद्र को ही अपनी अस्थियां दान कर दीं।  वृत्रासुर नामक राक्षस ने देवलोक पर कब्जा कर लिया और इन्द्र सहित सभी देवताओं को देवलोक से बाहर निकाल दिया। महर्षि ने योग विद्या से अपना शरीर त्याग दिया। महर्षि के शरीर की त्वचा, मांस और मज्जा उनके शरीर से अलग हो गए। मानव देह के स्थान पर सिर्फ़ उनकी अस्थियां ही शेष रह गईं। इन्द्र ने उन अस्थियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया और उन्हें ले जाकर ‘तेजवान’ नामक व्रज बनाया। आइए अतीत से प्रेरणा लें। महाऋषि दधीचि से प्रेरणा लें। 

क्या हम मृत्यु के बाद भी अपने शरीर और अंगों  करने से हिचकिचाते रहेंगे? उठिए जागिए और इस अभिजन का सक्रिय हिस्सा बनिए  

Saturday, July 16, 2022

सीजीसी लांडरा में श्री अखंड पाठ साहिब के साथ नया शुभारंभ

Saturday 16th July 2022 at 3:43 PM

 22वें शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर लिया गुरु का आशीर्वाद 


लांडरां
: (मोहाली): 16 जुलाई 2022: (गुरजीत बिल्ला//एजुकेशन स्क्रीन)::

हर साल की तरह इस बार भी चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेज (सीजीसी) लांडरा में 22वें शैक्षणिक सत्र की शुरुआत कैंपस में तीन दिवसीय अखंड पाठ के साथ की। सीजीसी  परिवार जिसमें मैनेजमेंट, फैक्लटी और छात्र इस पवित्र समारोह में उपस्थित हुए और उन्होंने 2022 के नए सत्र के लिए परमात्मा से आशर्वाद पाने के लिए प्रार्थना की। आज श्री अखंड पाठ साहिब जी का भोग डाला गया और उसके उपरांत कीर्तन तथा गुरु के लंगर का आयोजन किया गया।

इस पवित्र समारोह के संपन्न होने के बाद, सीजीसी लांडरां के चेयरमैन सतनाम सिंह संधू तथा प्रेसिडेंट राशपाल सिंह धालीवाल, ने छात्रों और फैकल्टी को संबोधित करते हुए  उनके प्रयासों और मेहनत के लिए बधाई दी और उनकी सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने सीजीसी लांडरा को अपने इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए एनबीए मान्यता प्राप्त करने तथा एनआईआरएफ रैंकिंग 2022 में शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में 139 वां अखिल भारतीय स्थान प्राप्त करने, जो पिछले साल की एनआईआरएफ रैंकिंग से आठ अंकों का सुधार है, के लिए भी शुभकामनाएं दी।  उन्होंने उन्हें सीजीसी लांडरां की 21 साल की शानदार विरासत को मजबूत करने के लिए अपना योगदान बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जिसमें अगले साल देश के शीर्ष सौ शिक्षा संस्थानों की लीग में सीजीसी को शामिल करने की दिशा में काम करना सबसे शीर्ष लक्ष्य हो।

मनिपुर, आसाम, आन्ध्राप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान, उत्तराखण्ड, उत्तरप्रदेश, छत्तिसगढ़, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश ओर अन्य 15 से अधिक भारतीय राज्यों के छात्रों ने चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेज (सीजीसी) लांडरा से पढ़ाई करने के लिए नए शैक्षणिक सत्र 2022 में  दाखिला लिया है। उत्कृष्ट तकनीकी शिक्षा संस्थान के रुप में सीजीसी लांडरा की विश्वासनीयता को मज़बूत करते हुए देशभर से आए छात्रों के नए बैच इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, बायोटैक्नोलोजी, होटल मैनेजमेंट एवं अन्य कई कोर्सेज में पढ़ाई कर रहे हैं।

Wednesday, December 1, 2021

ऑनलाइन कहानी सुनाने का अनोखा आयोजन

 1st December 2021 at 05:25 PM WhatsApp 

डीएवी स्कूल के किंडरगार्टनर्स ने की "टी एंड टॉक एक्टिविटी


चंडीगढ़
: 1 दिसंबर 2021: (गुरजीत बिल्ला//एजुकेशन स्क्रीन):: 

कहानी हमेशां से ही बच्चों की मानसिकता को अपने साथ बांधे रखती आई है। हर युग और हर दौर में बच्चों ने कहानी के असर को बहुत ही गहरे मन से स्वीकार किया है। कहानिया ही उनकी शख्सियत को बनाती आई हैं। आज के तकनीकी युग में इसे फिर से अपनाया है डीएवी पब्लिक स्कूल ने। डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर 39, चंडीगढ़ के किंडरगार्टनर्स ने बच्चों के लिए ऑनलाइन कहानी सुनाने का सत्र आयोजित किया। 

किंडरगार्टन टीचर श्रीमती उषा मेहता ने बच्चों के लिए एक बहुत ही अनोखी तरह की "टी एंड टॉक एक्टिविटी " का आयोजन किया, जिसमें बच्चों ने ठंड के मौसम में चाय की चुस्की का आनंद लिया और "दा टाइगर हु केम टू टी" कहानी सुनी।  सभी बच्चे अपने चाय के मग और नाश्ते के साथ तैयार थे और उनके पास अपने शिक्षक की बात सुनने का वास्तव में अच्छा समय था। ये कहानी सत्र बच्चों को व्यस्त रखने के लिए हैं।  दूसरा कारण उन्हें सीखने और उनकी शब्दावली, सुनने के कौशल को बढ़ाना है।

Saturday, October 2, 2021

शहीद भगत सिंह ओपन ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2021

2nd October 2021 at 06:50 PM

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी खरड़, मोहाली में हुआ विधिवत शुभआरंभ

ताइक्वांडो चैंपियनशिप का शुभारंभ करते हुए विश्वविद्यालय के प्रोचांसलर प्रोफेसर डॉआर.एस. बावा, अभय गुप्ता जी ज्वाइंट डायरेक्टर (इंटेलिजेंस) नॉर्थ चंडीगढ़,,, शिवकुमार (तकनीकी सचिव पीटीए, जालंधर) ऑर्गेनाइजिंग सचिव शिव प्रकाश शुक्ला (कोषाध्यक्ष पीटीए, जालंधर) निखिल हंस (प्रेससचिव पीटीए ,जालंधर) आए हुए सभी गणमान्य ,खिलाड़ी तथापंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन (पंजीकृत) जालंधर के पदाधिकारी

खरड़//मोहाली: 2nd अक्टूबर 2021: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो):: 

महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह जी की पुण्य याद में शहीद भगत सिंह  ओपन ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2021 का आगाज् , चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी खरड़, मोहाली में , पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन (पंजीकृत) जालंधर के तत्वाधान में हुआ। 

उक्त प्रतियोगिता में 10 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 500 ताइक्वांडो के नवप्रशिक्षुओ के साथ साथ उत्कृष्ट ऐविमं श्रेष्ठ खिलाड़ियों ने बड़ चढ कर भाग लिया। 

भाग लेने वाले खिलाडी मुख्यता पंजाब, राजस्थान , हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, नई दिल्ली उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश , चंडीगढ़ तथा पंजाब पुलिस  से संबंधित थे। 

प्रतियोगिता का विधीवत शुभआरंभ विश्वविद्यालय के प्रोचांसलर प्रोफेसर डॉ आर.एस. बावा ज़ी ने किया। 

जिनके साथ श्री अभय गुप्ता ज्वाइंट डायरेक्टर (इंटेलिजेंस) नॉर्थ चंडीगढ़,, टूर्नामेंट ऑर्गेनाइजिंग सचिव श्री शिव प्रकाश शुक्ला जी ,,डॉ त्रिलोक सिंह (ड़ीन ऑफ डिपार्टमेंट ऑफ स्टूडेंट्स चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी),, डॉ महेश जेटली (खेल विभाग प्रमुख चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी) प्रतियोगिता के तकनीकी सचिव श्री शिवकुमार( कोच एवं प्लेयर पंजाब पुलिस ) पुण्यात्मादेव कोहली तथा ऑफिस सेक्रेटरी हरमीत सिंह विशेष तौर पर उपस्थित रहे। 

आए हुए सभी खिलाड़ियों,कोच,ऑफिशल्स तथा अभीवाहको का उत्साहवर्धन करते हुए मुख्य अतिथि डॉ बावा ने कहा कि जिस प्रकार नन्हे नन्हे नवप्रशिक्षु इस खेल के साथ जुड़े हैं,वह समय दूर नहीं है जब यह सब खिलाड़ी बड़े होकर भारत का परचम संपूर्ण विश्व में लहराएंगे और अपनी प्रतिभा का लोहा विश्व पटल पर मानवायेंगे। 

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में ताइक्वांडो एसोसिएशन( पंजीकृत) जालंधर जो प्रयास खेल क्षेत्र में कर रहे हैं वह बहुत ही सराहनीय एवं अविस्मरणीय है उन्होंने पी.टी.ए जालंधर के माननीय प्रधान एडीजीपी श्री अर्पित शुक्ला जी (आई.पी.एस) तथा पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन के महासचिव  सतिन्द्र  सिंह जी (आई.पी.एस) एस.एस.पी, मोहाली जी को बधाई दी जिन के सानिध्य में इस चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। 

प्रतियोगिता के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री एवं पीटीऐ जालंधर के कोषाध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो रेफरी श्री शिव प्रकाश शुक्ला जी ने आए हुए सभी गणमान्यों, सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं विभिन्न राज्यों से आए हुए टीम मैनेजर्स  के बारे में संक्षेप परिचय दिया। 

पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन जालंधर के प्रेस सचिव श्री निखिल हंस ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपती  ,, प्रोफेसर कंग तथा विशेष तौर पर खेल विभाग के प्रमुख डॉक्टर महेश जेटली का पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन जालंधर की तरफ से धन्यवाद किया जिनके सहयोग से विश्वविद्यालय प्रांगण में यह चैंपियनशिप करवाई जा रही है साथ ही साथ उन्होंने सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा की करोना वायरस के संकट पूर्ण समय  के बाद करवाई जा रही यह चैंपियनशिप सभी खिलाड़ियों के लिए एक अमिट  एवं अविस्मरणीय याद बनेगी। 

इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो कोच मास्टर केहर , सिंह मोगा से, राजकुमार वर्मा तथा सतविंदर सिंह स्टेट आवार्दी ताइक्वांडो कोच पटियाला से, एशियन गेम्स प्लेयर मोबीन खान उत्तर प्रदेश से, डॉ अश्विनी जालंधर से, अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो रेफरी सुभाष ठाकुर जी हिमाचल से, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ,काशीपुर के ताइक्वांडो के मुख्य प्रशिक्षक नीरज शर्मा जी, पारस कुमार चंडीगढ़ से,देवांश चौहान तथा  पुलोक सेन राजस्थान से, रवि कदयान हरियाणा से मौजूद रहे।


Thursday, July 15, 2021

सरकारी स्कूलों में और सहूलतें मुहैया करवाने के लिए और फंड

 Thursday 15th July 2021 at 10:38 PM

पंजाब सरकार ने  6.43 करोड़ रुपए मंज़ूर-विजय इंदर सिंगला

832 सरकारी स्कूलों के स्मार्ट क्लासरूमों में पेंट भी नया होगा 
कायाकल्प के लिए कई और नए काम भी होंगें 
इन पर खर्चे जाएंगे  ख़र्चे जाएंगे 73.38 लाख रुपए-स्कूल शिक्षा मंत्री
चंडीगढ़: 15 जुलाई 2021: (गुरजीत बिल्ला//एजुकेशन स्क्रीन)::
शिक्षा मंत्री विजय सिंगला
स्कूल शिक्षा मंत्री पंजाब श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार लाने के लिए लगातार ज़रुरी फंडों की व्यवस्था यकीनी बनाई जा रही है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि लगभग 13,000 सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में तबदील करने के इलावा, राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र की प्रभावशाली गतिविधियों के लिए अन्य सहूलतें देने और स्कूलों की छवि को आकर्षक बनाने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट स्कूल प्रोजैक्ट के अंतर्गत राज्य भर के सर्वोत्त्म स्कूलों में फाटकों के निर्माण और नवीनीकरण और रिसैपशन एरीए के निर्माण के लिए 6.43 करोड़ रुपए की राशि की ग्रांट को मंज़ूर किया गया है।
श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि हाल ही में नये स्मार्ट क्लासरूमों के लिए 117 करोड़ रुपए का बजट पहले ही मंज़ूर किया जा चुका है और अब शिक्षा विभाग की तरफ से 832 सरकारी स्कूलों के स्मार्ट क्लासरूमों के पेंट और अन्य नवीनीकरण कामों के लिए 73.38 लाख रुपए की अतिरिक्त ग्रांट देने का फ़ैसला किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि विभाग की तरफ से सरकारी स्कूलों के अन्य 14,853 क्लासरूमों में इसी तरह के कामों के लिए भी जल्द ही 4.46 लाख की ग्रांट जारी की जायेगी। उन्होंने आगे कहा कि इन ग्रांटों के उचित प्रयोग के लिए समूह जि़ला शिक्षा अधिकारियों को ज़रूरी हिदायतें पहले ही जारी कर दीं गई हैं। शिक्षा विभाग की तरफ से जि़ला शिक्षा अधिकारियों को हिदायत की गई है कि वह स्मार्ट क्लासरूमों के दरवाजों और खिड़कियों पर पेंट और प्रोजैक्टरों की सुरक्षा सम्बन्धी ज़रुरी कामों को यकीनी बनाएं।
श्री सिंगला ने बताया कि राज्य भर में से सबसे बढिय़ा 735 सरकारी स्कूलों का चयन किया गया है और इन स्कूलों में रिसैपशन एरीए का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि रिसैपशन एरीए का प्रयोग माता-पिता और अन्य व्यक्तियों के लिए आतिथ्य और मीटिंग रूम के तौर पर किया जायेगा जिससे क्लासों को परेशान किये बिना उनको स्कूल में उपलब्ध सहूलतों के प्रति जागरूक किया जा सके।

Wednesday, June 3, 2020

PU की सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द करवाने के लिए नरेश गौड़ मैदान में

3rd June 2020 at 1:22 PM
छात्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के हित में होगा परीक्षा को रद्द करना 
चंडीगढ़//लुधियाना: 3 जून 2020: (कार्तिका सिंह//एजुकेशन स्क्रीन)::
फीस वृद्धि का आंदोलन सफलता पूर्वक विजयी बनाने के बाद अब कामरेड नरेश गौड़ ने नया संघर्ष शुरू किया है जो बहुसंख्यक छात्रों की आवाज़ है। यह नया संघर्ष है परीक्षा रद्द करवाने का संघर्ष। पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) चंडीगढ़ के कुछ पाठ्यक्रमों की फीस वृद्धि के खिलाफ लड़ाई के अपने प्रयासों में सफल होने के बाद, जिसके परिणामस्वरूप पीयू के सिंडिकेट ने अपने फैसले को वापस लेने के लिए मजबूर किया है, पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेटर श्री नरेश गौड़ ने अब एक और काम अपने हाथों में ले लिया है जो छात्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के हित में है "पीयू की परीक्षा रद्द" करने के लिए है। यदि इस परीक्षा को रद्द कर दिया जाता है तो कोरोना काल में डरे सहमे हुए छात्रों के सिर पर लटकती आ रही तलवार हट जाएगी। 
इसका विवरण देते हुए कामरेड नरेश गौड़ ने कहा कि, कोविद महामारी के मद्देनजर, फाइनल सहित सभी सेमेस्टर परीक्षाओं को रद्द करने की याचिका पीयू के कुलपति को दे दी गई है। उन्होंने कहा, डर के इस समय में, चिंता और असुरक्षा के शिकार छात्र परीक्षा में बैठने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं। हाल ही में छात्र नेताओं के एक समूह ने भी श्री  गौड़ से मुलाकात की और परीक्षाओं में उपस्थित होने से संबंधित अपनी चिंताओं को व्यक्त किया। गौरतलब है कि छात्रों की इस भयभीत मानसिकता की बात कोई भी नहीं कर रहा था। 
इस मुद्दे को गहराई से समझाते हुए उन्होंने कहा, छात्रों ने उन्हें अवगत कराया है कि इस महामारी की स्थिति के कारण अधिकांश छात्रों की मानसिक स्थिति स्थिर नहीं है और उन्हें परीक्षा में बैठने के लिए कहना उनके मानसिक तनाव को और बढ़ा देगा। यहां तक कि छात्रों के अभिभावक भी परीक्षा केंद्रों पर अपने वार्ड भेजने को तैयार नहीं हैं। स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्री गौड़ ने वीसी से अनुरोध किया और सुझाव दिया कि छात्रों को अंतिम सेमेस्टर में प्राप्त औसत अंकों के आधार पर ग्रेड दिया जाए। और यदि कोई भी छात्र अपने पिछले प्रदर्शन को सुधारने के लिए परीक्षा में शामिल होना चाहता है, तो उसे इस स्थिति के आधार पर सितंबर, अक्टूबर या नवंबर के महीने में अवसर दिया जा सकता है। उन्होंने कहा, यह फार्मूला महाराष्ट्र सरकार ने अपनाया है, जहां मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को रद्द कर देने का निर्देश दिया है। यदि यही फार्मूला पंजाब में भी अपनाया जाये तो छात्रों की सारी चिंताएं भी दूर हो सकती हैं और उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिलेगी। 
कोरोना के खतरों की चिंता करते हुए श्री गौड़  ने कहा कि जहां परीक्षा न देने से छात्रों का मानसिक बोझ कम होगा, वही इस स्थिति में परीक्षा कर्तव्यों में भाग लेने वाले शिक्षकों को भी बचायेगा, जहां सामाजिक दूरी जैसी सावधानियों का सख्ती से पालन किया जाना है। आगे जहां तक विश्वविद्यालय का संबंध है, यह विश्वविद्यालय के वित्तीय बोझ को कम करेगा, जो पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस लिए इसका फायदा यूनिवर्सिटी को भी होगा। 
इस संबंध में श्री गौड़ ने कहा, उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को आश्वासन दिया कि उनकी भावनाओं को वीसी को पुरजोर तरीके से अवगत कराया जाएगा और आने वाले भविष्य में भी छात्रों की बेहतरी से जुड़े फैसलों के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस अभियान से छात्रों ने सुख की सांस ली है। 
*नरेश गौड़ पीयू चंडीगढ़ की सीनेट के सदस्य हैं और प्रगतिशील आंदोलनों में अक्सर अग्रसर रहते हैं। 

Tuesday, May 19, 2020

पंजाब में मेडिकल शिक्षा की फ़ीसों में समानता हो-सोनी

 अब MD/ MS (क्लिनिकल) कोर्सों के लिए 6.50 लाख सालाना होगी  
चंडीगढ़: 19 मई 2020: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो)::
पंजाब राज्य में स्थित सभी सरकारी और निजी मैडीकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की फ़ीसों में समानता लाने के मकसद से आज डॉक्टरी शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग द्वारा साल 2020 में जारी नोटिफिकेशन नंबर 5/26/2016-5 एच.बी. 3/1121 में आंशिक संशोधन कर दिया गया है, जिस सम्बन्धी आज संशोधन पत्र जारी कर दिया गया। यह जानकारी आज यहाँ पंजाब के डॉक्टरी शिक्षा एवं अनुसंधान संबंधी मंत्री श्री ओम प्रकाश सोनी ने दी।

श्री सोनी ने बताया कि निजी मैडीकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों द्वारा राज्य में फीस सम्बन्धी लागू *2015 में लागू की गईं फ़ीसों से बहुत ज़्यादा फीस ली जा रही थी, हालात यह थे कि आदेश यूनिवर्सिटी द्वारा एम.डी. करने वाले विद्यार्थियों से 6.50 लाख रुपए सालाना फीस लेने की बजाय 16.50 लाख रुपए फीस ली जा रही थी। जिस कारण डॉक्टरी की शिक्षा हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों पर बहुत ज़्यादा आर्थिक बोझ पड़ता था।

उन्होंने कहा कि विभाग की जि़म्मेदारी संभालने के बाद उनके ध्यान में यह मामला आया था, जो कि उनको बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने इस मामले को निजी रूचि लेकर हल करने के लिए यत्न आरंभ कर दिए, जिससे डॉक्टरी शिक्षा हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों पर पडऩे वाले इस आर्थिक बोझ को ख़त्म करके फ़ीसों में समानता लाई जा सके। अब इस सम्बन्धी अपेक्षित कार्यवाही अमल में लाने के बाद आज फ़ीसों में समानता लाने के लिए संशोधन पत्र जारी कर दिया गया है।

डॉक्टरी शिक्षा एवं अनुसंधान संबंधी मंत्री ने कहा कि अब दयानन्द मैडीकल कॉलेज लुधियाना, क्रिसचन मैडीकल कॉलेज लुधियाना और क्रिसचन डैंटल कॉलेज लुधियाना, श्री गुरु रामदास यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंसेज़ अमृतसर, देश भगत यूनिवर्सिटी और आदेश यूनिवर्सिटी बठिंडा में अब एम.डी / एम.एस. (क्लिनिकल) कोर्सों के लिए फीस 6.50 लाख सालाना होगी, जबकि एन.आर.आई. कोटे की सीट के लिए इस पूरे कोर्स की फीस 1 लाख 25 हज़ार अमरीकी डॉलर है। 

श्री सोनी ने बताया कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार द्वारा इस मामले पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया और आप द्वारा इस सम्बन्धी कभी भी विधान सभा में मुद्दा नहीं उठाया गया। इन पार्टियों के नेताओं ने न ही कभी उनके साथ इस बारे में बात की। अब जब संशोधन पत्र जारी हो गया है तो इन पार्टियों के नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए दिखावे के लिए बयानबाज़ी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस मामले में सरकार की विरोधी पार्टियों को सराहना करनी चाहिए, उस मामले पर बेकार की बयानबाज़ी करके अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेकी जा रही हैं, जिससे लोगों को बहकाया जा सके, परन्तु लोग अब बहुत समझदार हो चुके हैं और वह ऐसे नेताओं की झूठी बातों में नहीं आऐंगे। उन्होंने विरोधी राजनैतिक नेता को दिखावा करने से बाज़ आने की चेतावनी दी।

Wednesday, February 12, 2020

कालेजों के प्राचार्यों की विशेष बैठक 13-14 फरवरी को पंचकूला में

हरियाणा के गवर्नमैंट व गवर्नमैंट एडिड कालेजों के प्राचार्यों से होगी चर्चा 
चंडीगढ़: 12 फरवरी 2020: (हरियाणा स्क्रीन ब्यूरो)::
हरियाणा के गवर्नमैंट व गवर्नमैंट एडिड कालेजों के प्राचार्यों की क्रमश: 13 व 14 फरवरी, 2020 को पंचकूला में बैठक होगी जिसकी अध्यक्षता उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री अजीत बालाजी जोशी करेंगे। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर विशेष चर्चा होगी। 
विभाग के एक प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री अजीत बालाजी जोशी कल 13 फरवरी को राज्य के गवर्नमैंट कालेजों के प्राचार्यों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक पंचकूला स्थित रैड बिशप पर्यटन केंद्र में होगी। बैठक में गवर्नमैंट कालेजों में आगामी शैक्षणिक सत्र से नए विषय या कोर्स शुरू करने, सीटें कम या ज्यादा करने की जरूरत बारे संबंधित प्राचार्यों से चर्चा होगी तथा उनसे सुझाव लिए जाएंगे। वर्कलोड के अनुसार नई फैकल्टी लगाने या सरप्लस की जानकारी भी ली जाएगी। नए शैक्षणिक सत्र में ऑनलाइन एडमिशन को और अधिक सिस्टेमैटिक करने व स्टूडैंट-फ्रैंडली बनाने के लिए भी सुझाव सांझा किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि बैठक में आने वाले प्राचार्यों से उनके कालेज में वर्तमान डिजीटल इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा डिमांड लाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा नैक व एन.आई.आर.एफ से एक्रिडेशन लेने के लिए कालेज ने क्या तैयारियां की हैं, इसकी विस्तृत रिपोर्ट ली जाएगी।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि अगले दिन 14 फरवरी 2020 को उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री अजीत बालाजी जोशी गवर्नमैंट एडिड कालेजों के प्राचार्यों की बैठक की भी अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने बताया कि गवर्नमैंट एडिड कालेजों में कार्यरत टीचिंग व नॉन-टीचिंग स्टॉफ की एम.आई.एस पोर्टल पर जानकारी अपडेट करने, बायोमिट्रिक अटेंडेंस लगाने के अलावा अधिकतर उक्त मुद्दों पर प्राचार्यों से चर्चा की जाएगी तथा शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश दिए जाएंगे।
बैठक की अध्यक्षता करेंगे उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री अजीत बालाजी जोशी