Wednesday, March 11, 2026

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने संस्कार समारोह आयोजित किया

आयुष//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 at 7:23 PM by PIB Delhi

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में 29वां दीक्षांत समारोह और शिष्योपनयन संस्कार समारोह

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में 29वां दीक्षांत समारोह और शिष्योपनयन संस्कार समारोह आयोजित किया

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित किया, आयुर्वेद की वैश्विक क्षमता और गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर बल दिया

नई दिल्ली: 1 मार्च 2026: (PIB Delhi//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत स्वायत्त संगठन, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (आरएवी) का 29वां दीक्षांत समारोह और शिष्योपनयन संस्कार समारोह आज वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में आयोजित किया गया। इस समारोह में 'सर्टिफिकेट ऑफ राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ' (सीआरएवी) कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित विद्वानों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया और आयुर्वेद की शाश्वत गुरु-शिष्य परंपरा को पुनः स्थापित किया गया।


भारत सरकार के आयुष मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने मुख्य अतिथि के रूप में वर्चुअल संदेश के माध्यम से सभा को संबोधित किया।

इस अवसर पर श्री जाधव ने कहा कि काशी जैसे पवित्र शहर में विद्वानों की ऐसी गरिमामयी सभा को संबोधित करना अत्यंत गर्व का विषय है; उन्होंने कहा कि काशी आयुर्वेद ज्ञान का प्राचीन केंद्र है और वह भूमि है जिसका संबंध धन्वंतरि दिवोदास से है। धन्वंतरि दिवोदास को अष्टांग आयुर्वेद में शल्य चिकित्सा विज्ञान का जनक माना जाता है। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी दूरदृष्टि ने बीएचयू को आयुर्वेद शिक्षा के ऐतिहासिक केंद्रों में से एक बनाया।

मंत्री महोदय ने इस बात पर जोर दिया कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा की प्रणाली मात्र नहीं है, बल्कि यह समग्र ज्ञान प्रणाली है जो स्वास्थ्य और जीवन के संबंध में व्यापक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर बल दिया, जिसने पीढ़ी-दर-पीढ़ी आयुर्वेद के ज्ञान को संरक्षित और हस्तांतरित किया है। उन्होंने कहा कि धन्वंतरि, चरक, सुश्रुत और वाग्भट जैसे महान व्यक्तित्व इसी परंपरा से ही उभरे हैं।

श्री जाधव ने राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के प्रयासों की सराहना की, जिसने सीआरएवी और एमआरएवी जैसे व्यवस्थित कार्यक्रमों के माध्यम से युवा चिकित्सकों को प्रख्यात और अनुभवी वैद्यों से सीधे सीखने का अवसर देकर इस परंपरा को बनाए रखा है। उन्होंने आयुर्वेद शिक्षा और प्रशिक्षण को सुदृढ़ बनाने के लिए आरएवी की शासी निकाय के अध्यक्ष और पद्म भूषण से सम्मानित वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा, तथा आरएवी की निदेशक डॉ. वंदना सिरोहा के नेतृत्व की भी प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष प्रणालियों की बढ़ती पहुंच पर बल देते हुए, मंत्री ने कहा कि योग और आयुष को वैश्विक पहचान मिली है और वे भारत की स्वास्थ्य कूटनीति में लगातार योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय पारंपरिक चिकित्सा की मान्यता प्राप्त पद्धतियों—आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा रिग्पा और होम्योपैथी—में शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

दीक्षांत समारोह में उपस्थित विद्वानों को संबोधित करते हुए, श्री जाधव ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह न केवल शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक है, बल्कि नई जिम्मेदारी की शुरुआत भी है। उन्होंने उनसे पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ एकीकृत करने और आयुर्वेद को साक्ष्य-आधारित तथा विश्व स्तर पर स्वीकार्य बनाने में योगदान देने का आग्रह किया। श्री जाधव ने चिकित्सा अभ्यास में करुणा, नैतिकता और 'सॉफ्ट स्किल्स' (मृदु कौशल) के महत्व पर भी बल दिया।

आयुष मंत्रालय के सचिव पद्म श्री वैद्य राजेश कोटेचा ने उत्तीर्ण हुए विद्वानों को बधाई दी और उन्हें अनुसंधान तथा वैज्ञानिक लेखन में सक्रिय रूप से संलग्न होने के लिए प्रोत्साहित किया; उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आयुष पद्धतियों की विश्वसनीयता और वैश्विक स्वीकृति को सुदृढ़ बनाने के लिए साक्ष्य-आधारित अध्ययन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने मंत्रालय की विभिन्न पहलों पर भी बल दिया। इनमें 'अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान' (एआईआईए) संस्थाओं का विकास और ' डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र' का उन्नयन शामिल है। इस केंद्र का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने इस बात पर बल दिया कि विद्यार्थियों को आयुष क्षेत्र की प्रगति में योगदान देते हुए भी अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान और लगन बनाए रखनी चाहिए।

पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित तथा आरएवी के शासी निकाय के अध्यक्ष वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि यह संस्थान कुशल आयुर्वेदिक चिकित्सकों को तैयार करने के अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष क्षेत्र का भविष्य बहुत उज्ज्वल है, क्योंकि पारंपरिक चिकित्सा को समर्पित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने युवा चिकित्सकों को प्रोत्साहित किया कि वे "वैद्य" की उपाधि पर गर्व करें और आयुर्वेद को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में अपना योगदान दें।

इससे पहले, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ की निदेशक डॉ. वंदना सिरोहा ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने उन्नत प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और आयुर्वेद की "गुरु-शिष्य परंपरा" को संरक्षित करने में संस्थान की भूमिका पर बल दिया।

इस समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की, जिनमें डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर (अध्यक्ष, भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग - एनसीआईएसएम), प्रो. एस. एन. संखवार (निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान - बीएचयू), प्रो. अमित पात्रा (निदेशक, आईआईटी-बीएचयू), और प्रो. (डॉ.) पी. के. गोस्वामी (डीन, आयुर्वेद संकाय - बीएचयू) शामिल थे।

इस अवसर पर, आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली जानी-मानी हस्तियों को "आजीवन उपलब्धि पुरस्कार" से सम्मानित किया गया। इनमें वैद्य निर्मला शर्मा, केवल कृष्ण ठकराल और गिरधारी लाल मिश्रा प्रमुख थे। 

कई अन्य प्रतिष्ठित विद्वानों और चिकित्सकों को आरएवी के फेलो से सम्मानित किया गया, उनमें वैद्य योगेन्द्र कुमार शर्मा, वैद्य दिनेश चंद्र कटोच, वैद्य तनुजा मनोज नेसरी, वैद्य भृगुपति पांडे, वैद्य मुरलीधर शर्मा, वैद्य बी. श्रीनिवास प्रसाद, वैद्य उमेश शुक्ला, वैद्य मिलिंद कुलकर्णी, वैद्य पी.के. गोस्वामी, वैद्य एम. मोहन अल्वा, वैद्य पी.एल.टी. गिरिजा, वैद्य राम जयसुंदर, और वैद्य वैष्णव प्रदीप यू शामिल हैं।

यह आयोजन पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। इसने आयुर्वेद को विश्व स्तर पर सम्मानित स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के रूप में आगे बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

*******//पीके/केसी/पीके/एसएस//(रिलीज़ आईडी: 2238583) 

Thursday, February 5, 2026

'परीक्षा पे चर्चा' किस प्रकार जन आंदोलन बन गया

प्रविष्टि तिथि: 05 FEB 2026 at 1:54 PM by PIB Delhi

भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक 

नई दिल्ली05 फरवरी 2026: (पीआईबी दिल्ली/ /एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

प्रधानमंत्री ने एक लेख साझा किया जिसमें बताया गया है कि 'परीक्षा पे चर्चा' किस प्रकार जन आंदोलन बन गया है, जो भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करता है। उल्लेखनीय है कि निकट भविष्य में इसके अच्छे परिणाम भी सामने आएंगे। वास्तव में परीक्षा पर  चर्चा बहुत पहले होनी चाहिए थी। प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा की है। इस चर्चा से बच्चों के मन में परीक्षा का डर कम होगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। 

इस के महत्व और विस्तार को बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक लेख साझा किया जिसमें बताया गया है कि कैसे 'परीक्षा पे चर्चा' एक जन आंदोलन बन गया है, जो भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करता है।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा एक्स पर किए गए एक पोस्ट का जवाब देते हुए, पीएमओ इंडिया के हैंडल ने कहा:

“इस लेख में केंद्रीय मंत्री श्री @dpradhanbjp ने बताया है कि कैसे परीक्षा पे चर्चा एक जन आंदोलन बन गया है, जो भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करता है।

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने दोहराया कि एनईपी 2020, अपने बाल-केंद्रित दृष्टिकोण, भारतीय ज्ञान प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करने और मातृभाषा पर जोर देने के साथ, छात्रों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।”

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MJPS/SR//

(Release ID: 2223679) 

Monday, October 13, 2025

PCTE के छात्र छात्राओं ने दिखया नुक्क्ड़ नाटकों से कमाल

 Email From PCTE Press on Monday 13th Oct 2025 at 03:49 PM Regarding Street Play

पीसीटीई के नुक्कड़ नाटकों ने फैलाई जागरूकता


लुधियाना
: 12 अक्टूबर, 2025: (कार्तिका कल्याणी सिंह//एजुकेशन स्क्रीन)::

पीसीटीई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स का परिसर छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक 2025 के प्रदर्शन से जीवंत हो उठा। यह दो दिवसीय कार्यक्रम नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में सीनियर और जूनियर दोनों विंग के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने रचनात्मकता और प्रदर्शन के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को भावनाओं और हास्य के साथ संबोधित किया। 

दो दिवसीय विशेष आयोजन के पहले दिन 11 अक्टूबर को रोज़ गार्डन में आयोजित सीनियर विंग कार्यक्रम में 15 टीमों ने पंजाब बोलदा (पंजाबी संस्कृति का संरक्षण), मर्द का दर्द (पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य), एआई एक खतरा, हिंसा और उसके परिणाम, और सोशल मीडिया प्रभाव जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। द ट्रेटर्स, मैड-टेकीज़, ग्लिच गैंग, द मेवरिक्स और एआई एवेंजर्स जैसी टीमें अपने दमदार प्रदर्शन और संदेशों के लिए जानी गईं।

इसी तरह 12 अक्टूबर को राख बाग में आयोजित जूनियर विंग में जुनूनवर्स, फैंटास्टिको, पैराडॉक्स और ड्रीम वीवर्स सहित 39 टीमों ने युवा सशक्तिकरण, पर्यावरण जागरूकता, लैंगिक समानता और सामाजिक एकता पर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनों का मूल्यांकन संदेश, अभिनय और प्रस्तुति के आधार पर रंगमंच विशेषज्ञ श्री बृज मोहन भारद्वाज और श्री बलविंदर ने किया, जिन्होंने छात्रों की मौलिकता और ऊर्जा की प्रशंसा की।

छात्र कल्याण निदेशक डॉ. स्वप्न चानना ने सार्थक सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने के लिए छात्रों की सराहना की, जबकि महानिदेशक डॉ. के.एन.एस. कांग ने उनकी रचनात्मकता की सराहना की और जागरूकता और अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने वाले मंच प्रदान करने के लिए पीसीटीई की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

फेस्टावीक 2025 के साथ, पीसीटीई अपने छात्रों के बीच रचनात्मकता, जागरूकता और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा देते हुए कक्षाओं से परे सीखने को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है।


Tuesday, September 30, 2025

पेक की एनएसएस इकाई ने आयोजित किया मेगा हेल्थ कैंप

Received From PEC on 30th September 2025 at 4:19 PM Regarding Health Camp
250 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कैंप का फायदा उठाया 
हैल्थ कैंप की कुछ झलकियां 
चंडीगढ़: 30 सितम्बर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ की नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) इकाई ने 30 सितम्बर 2025 को पेक डिस्पेंसरी में एक मेगा हेल्थ कैंप का सफल आयोजन किया। इस कैंप का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और समुदाय को निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना था। लगभग 250 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और यहां मैमोग्राफी, बोन डेंसिटी टेस्ट, स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्रेशन, आंखों की जांच, काउंसलिंग, जनरल चेकअप और डेंटल चेकअप जैसी सेवाओं का लाभ उठाया।

कैंप का आयोजन डॉ. संदीप कौर (कोऑर्डिनेटर, एनएसएस पीईसी), डॉ. मयंक गुप्ता (प्रोग्राम ऑफिसर), डॉ. मोहित कुमार (प्रोग्राम ऑफिसर) और डॉ. रतन लाल (प्रोग्राम ऑफिसर) के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर डॉ. डी. आर. प्रजापति (डीन स्टूडेंट अफेयर्स) भी उपस्थित रहे, जिनके उत्साहवर्धन ने वालंटियर्स और प्रतिभागियों दोनों का मनोबल और बढ़ाया।

विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएँ विशेषज्ञ डॉक्टरों और टीमों द्वारा उपलब्ध करवाई गईं। आंखों की जांच डॉ. अमित शर्मा और डॉ. प्रियंका ने की, जबकि स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्रेशन की सुविधा डॉ. जसलीन गर्ग ने प्रदान की। बोन डेंसिटी टेस्ट डॉ. तनिशा द्वारा किया गया और काउंसलिंग सत्रों का नेतृत्व डॉ. अभिषेक जिंदल ने किया। डेंटल चेकअप डॉ. मोनिका ग्रोवर और डॉ. मनील ग्रोवर ने किया, वहीं जनरल चेकअप डॉ. सुरेन्द्र के. रोहन द्वारा किया गया। मैमोग्राफी यूनिट को हरजीत सिंह, नेहा, जगजीत सिंह और मनीषा ने सहयोग दिया, जिन्हें डॉ. स्तुति, डॉ. ऋषिका और डॉ. चेतना का मार्गदर्शन प्राप्त था।

यह कैंप टूथ स्पॉट, ग्रोवर आई हॉस्पिटल, योर सेफ स्पेस बाय अभिषेक, अमृता कैंसर फाउंडेशन और पेक डिस्पेंसरी के डॉक्टरों के सहयोग से आयोजित किया गया। इस आयोजन में आईईईई चंडीगढ़ सब-सेक्शन का भी समर्थन मिला।

कैंप ने रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल, शुरुआती पहचान और जागरूकता पर विशेष जोर दिया और बड़ी संख्या में लोगों को लाभान्वित किया। डॉक्टरों, सहयोगी संस्थाओं और एनएसएस स्वयंसेवकों की संयुक्त मेहनत ने इस आयोजन को सच्चे मायनों में एनएसएस के आदर्श वाक्य – “नॉट मी, बट यू” का प्रतीक बना दिया।

Monday, September 29, 2025

बी.के.एम. विश्वास स्कूल में गांधी जयंती और दशहरा पर्व की धूम

Received From BKM School on 29th September 2025 at 1:48 PM Regarding Festival Celebrating

 स्कूल में छाया रहा ख़ुशी और उत्साह का माहौल 


पंचकूला
:29 सितंबर 2025: (एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

माहौल में त्योहारों का उत्साह छाया हुआ है। इसी दौरान दशहरा भी आने वाला है और गाँधी जयंती भी। नवरात्र का पावन पर्व भी समापन की तरफ है। इसके बाद दीपावली की धूम भी शुरू हो जाएगी। इसी सबंध में हर तरफ खुशियों और उत्साह का माहौल है।

त्योहारों के इस सीज़न का असर बी के एम विश्वास स्कूल में भी देखने को मिला। स्कूल स्टाफ और बच्चों ने कला, नाटक और गीत संगीत का सहारा लेते हुए बहुत से रंगारंग आयोजन प्रस्तुत किए। बच्चे पूरी तयारी के साथ मंच पर ऐ थे। इनकी प्रस्तुति देखने वाली थी।

विद्यालय में आज दो महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसरों पर प्रस्तुत किया गया। इसी मकसद से दशहरा और गांधी जयंती को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर भारतीय संस्कृति,असत्य पर सत्य की जीत और महात्मा गांधी जी के विचारों को सम्मानित किया।

दशहरा समारोह के दौरान अध्यापिका ने अपने भाषण के दौरान सीनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों को दशहरा पर्व का महत्व बताया। किंडरगार्टन सैक्शन के नन्हे-मुन्ने बच्चे राम, सीता ,रावण इत्यादि दशहरा से संबंधित पात्रों के पहनावे में आए। इन पात्रों ने इस मंचन के ज़रिए सत्य की असत्य पर जीत और भाईचारे का संदेश दिया जिसे स्कूल में पहुंचे दर्शकों ने बहुत ध्यान से देखा। 

समारोह प्रस्तुति के दौरान झांकी भी बहुत अच्छी बनी। कक्षा अध्यापिका ने उन्हें बताया कि यह त्यौहार  बताता है कि बुराई चाहे जितनी भी शक्तिशाली हो अंत में अच्छाई की ही जीत होती है । हमें भी अपने जीवन में यही आदर्श अपनाना चाहिए।

इसी तरह गांधी जयंती समारोह भी बहुत धूमधाम से मनाया गया। गांधी जयंती के अवसर पर  बापू के योगदान  को बहुत श्रद्धा से याद  किया गया और सीनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों ने गायन प्रस्तुति भी की। उन्हें बताया गया कि किस तरह महात्मा गांधी ने अहिंसा को अपनाकर कर देश की स्वतंत्रता में अपना योगदान दिया।

Sunday, September 28, 2025

PEC में आयोजित हुई पिकोसा की एनुअल जनरल मीटिंग

Received on Sunday 28th September 2025 at 05:37 PM Regarding PICOSA  AGM 

 PEC समुदाय को और सशक्त बनाने का संकल्प भी लिया 


चंडीगढ़: 28 सितम्बर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर/ /एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (पिकोसा) की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) रविवार, 28 सितम्बर 2025 को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ में आयोजित की गई। इस अवसर पर पूर्व छात्र, फैकल्टी मेंबर्स और विद्यार्थी एकत्रित हुए और पेक समुदाय को और सशक्त बनाने के संकल्प के साथ एक प्रेरणादायी दिन का हिस्सा बने।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पेक के डीन, एलुमनाई, कॉर्पोरेट एंड इंटरनेशनल रेलशंस, प्रो. डॉ. राजेश कांडा ने मुख्य अतिथि के रूप में की।

कार्यक्रम की शुरुआत पिकोसा के अध्यक्ष इंजीनियर मनीष गुप्ता के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त किया और संस्थान की प्रगति में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “हमारे पूर्व छात्र पेक के रियल ब्रांड एंबेसडर हैं, जो इसके मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते हैं।”

प्रो. डॉ. राजेश कांडा ने पिकोसा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व छात्र संघ संस्थान और अपने स्नातकों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने में सेतु का कार्य करता है। उन्होंने युवाओं को मार्गदर्शन देने, संस्थान की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पहचान बढ़ाने और पूर्व छात्रों को निरंतर सक्रिय बने रहने का आह्वान किया।  

कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष इंजीनियर जोरावर सिंह ने वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के प्रति पिकोसा  की प्रतिबद्धता दोहराई।

एजीएम का विशेष आकर्षण मेधावी छात्रों का सम्मान रहा, जहां पुरस्कार और छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। यह न केवल विद्यार्थियों की मेहनत की पहचान थी बल्कि उनके लिए पूर्व छात्र नेटवर्क से मिलने वाले सहयोग का भी प्रतीक रहा।

फोरम में पिकोसा की प्रमुख पहलों, जैसे जनरल एलुमनाई मीट, पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने पूर्व उपलब्धियों पर विचार किया और नए स्नातकों को जोड़ने तथा नेटवर्किंग के अवसर बढ़ाने जैसे नवाचारों पर सुझाव दिए।

कार्यक्रम का समापन पिकोसा के महासचिव इंजीनियर एच.एस. ओबेरॉय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों, पूर्व छात्रों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया तथा आयोजन की सफलता के लिए पूरी टीम की सराहना की।

2025 का एजीएम केवल प्रशासनिक बैठक नहीं बल्कि पेक परिवार की भावना और गर्व का उत्सव साबित हुआ। इसने न केवल पुराने साथियों से पुनर्मिलन का अवसर दिया बल्कि पिकोसा की उस दृष्टि को भी मजबूत किया, जो छात्रों के कल्याण, संस्थान की उन्नति और पेक की शाश्वत विरासत को सहेजने का माध्यम है।

Saturday, August 23, 2025

नई शुरुआत, अमर यादें-

Received From GCG on Saturday 23rd August 2025 at 2:29 PM Regarding Fresher Party

GCG लुधियाना में नए छात्रों के लिए फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन 


लुधियाना
23 अगस्त 2025: (कार्तिका कल्याणी सिंह//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

न जाने कितनी छात्राएं इस कालेज से पढ़ कर ऊंचे ऊंचे पदों पर पहुँच गयीं। उन सभी की यादें भी इसी काळा के परिसर में हैं। कालेज की दीवारे और पेड़ सब याद दिलाते हैं। इस काळा के कमरे अभी भी बहुत सी यादें संग्रहित किए बैठे हैं। इसी तरह नै उम्मीदें भी हैं। 

दो दिन पहले ही 21 अगस्त 2025 को गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स लुधियाना में प्रिंसिपल श्रीमती सुमन लता जी के नेतृत्व में नए छात्रों के स्वागत के लिए एक भव्य फ्रेशर पार्टी का आयोजन किया गया। प्रिंसिपल महोदया इस पार्टी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने छात्राओं को बधाई दी और भविष्य में उनकी सफलता की कामना की। इस अवसर पर छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ रैंप वॉक और टैलेंट शो भी प्रस्तुत किया, जिसने उत्सव में नए रंग भर दिए। इस फ्रेशर पार्टी में सिद्धिशा भंडारी (मिस फ्रेशर), मान्या झाम (फर्स्ट रनर-अप), तनवीर (सेकंड रनर-अप) चुनी गईं। इसके साथ ही रिशिका नैब, जसप्रीत कौर, चंचल, अन्ना, प्रभजोत और भूमि को विशेष खिताब दिए गए। निर्णायक की भूमिका श्रीमती मनदीप कौर, श्रीमती कमलदीप कौर और डॉ मनीषा ने निभाई।

नई शुरुआत, अनंत यादें - जीसीजी में नए छात्रों का उत्सव

प्रिंसिपल श्रीमती सुमन लता जी के मार्गदर्शन में, गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स, लुधियाना ने नए छात्राओं के स्वागत के लिए एक भव्य फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया। मुख्य अतिथि, प्रिंसिपल महोदया ने छात्राओं को अपने प्रेरक शब्दों से आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैंप वॉक और टैलेंट शो आयोजित किए गए, जिसने उत्सव में रंग और ऊर्जा भर दी। प्रतिष्ठित खिताब सिद्धिशा भंडारी (सुश्री फ्रेशर्स), मनिया झाम (प्रथम रनर-अप), तनवीर (द्वितीय रनर-अप) के साथ-साथ ऋषिका नैब, जसप्रीत कौर, चंचल, अन्ना, प्रभजोत और भूमि को विशेष खिताब मिले। जज श्रीमती कमलदीप कौर, श्रीमती मनदीप कौर और डॉ. मनीषा की उपस्थिति और विभागाध्यक्ष श्रीमती सरिता खुराना के सुचारू समन्वय से कार्यक्रम एक शानदार सफलता रही।

नई शुरुआत, अंतहीन यादें - जीसीजी में फ्रेशर्स फिएस्टा

लुधियाना के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स में प्रिंसिपल श्रीमती सुमन लता जी के मार्गदर्शन में, नए विद्यार्थियों के स्वागत के लिए एक शानदार फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि, प्रिंसिपल महोदया ने अपने प्रेरक शब्दों से छात्राओं को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, रैंप वॉक और प्रतिभा प्रदर्शन हुए, जिसने उत्सव में रंग और ऊर्जा भर दी। सिद्धिशा भंडारी (सुश्री फ्रेशर्स), मानिया झाम (प्रथम रनर-अप), तनवीर (द्वितीय रनर-अप) ने प्रतिष्ठित खिताब जीते, साथ ही ऋषिका नैब, जसप्रीत कौर, चंचल, अन्ना, प्रभजोत और भूमि को विशेष खिताब मिले। निर्णायक श्रीमती कमलदीप कौर, श्रीमती मनदीप कौर और डॉ. मनीषा की उपस्थिति और विभागाध्यक्ष श्रीमती सरिता खुराना के सुचारू समन्वय के साथ, यह कार्यक्रम एक शानदार सफलता के साथ संपन्न हुआ।

Wednesday, August 20, 2025

KCW में सफलता से हुई अग्नि सुरक्षा कार्यशाला

From T R R on 20th Aug 2025 at 4:58 PM Regarding Workshop on Fire Safety

केपी फायर सेफ्टी सॉल्यूशंस के सहयोग से हुआ सारा आयोजन 


लुधियाना: 20 अगस्त 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

खालसा महिला महाविद्यालय, सिविल लाइंस, लुधियाना के रसायन विज्ञान विभाग ने केपी फायर सेफ्टी सॉल्यूशंस के सहयोग से एक व्यावहारिक अग्नि सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया। यह आयोजन पूरी तरह से सफल रहा और इसने बच्चों को आग जैसी आपात घटनाओं का सामना करने की दक्षता दी। 

अचानक आग जैसी मुसीबतों से निपटने के मामलों में सक्षम बन जाने के बाद एक नया आत्मविश्वास भी आ जाता है। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रयोगशालाओं में आग के खतरों के बारे में जागरूकता पैदा करना और छात्रों को अग्निशामक यंत्रों के सुरक्षित संचालन और अन्य निवारक उपायों के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था। 

इस सत्र का संचालन श्री पंकज मैनी ने किया, जिन्होंने विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों का प्रदर्शन किया और विभिन्न अग्नि स्थितियों में उनके उचित उपयोग के बारे में बताया। कार्यशाला में छात्रों और संकाय सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और सीखा कि आग की आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी ढंग से कैसे प्रतिक्रिया दी जाए।

Monday, August 11, 2025

तन्वी ने योग क्षमता से किया सब को मंत्र मुग्ध, जीता स्वर्ण पदक

Received on 10th August 2025 at 17:49 Regarding Yoga Expert Girl Student

ये बच्ची दो साल की थी तब से अपने दादू के साथ योग आसन करती है


पंचकूला: 10 अगस्त 2025: (कार्तिका कल्याणी सिंह//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

घर परिवार के संस्कार अच्छे हों तो बच्चे न सिर्फ अपना बल्कि अपने परिवार और देश का नाम भी रौशन करते हैं। ऐसी ही एक बालिका है तन्वी। तन्वी को बालयकाल से ही सात्विक जीवन और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा मिली। बालयकाल से लेकर अब तक वह ीनशीन संस्कारों को याद रखे हुए है। जानीमानी लेखिका कृष्णा गोयल की पोती जीवन और शिक्षा के हर क्षेत्र में आगे है। 

यह तस्वीर आजकल की ही है। तन्वी, कक्षा नौवीं, भवन विद्यालय सेक्टर 15, पंचकूला की छात्रा है। उसने पंचकूला डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स चैंपियनशिप कंपटीशन में अपनी योग क्षमता से सभी को मंत्र मुग्ध कर के हैरान कर दिया। उसने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए ही डिस्ट्रिक्ट लेवल पर स्वर्ण पदक जीता। ये बच्ची दो साल की थी तब से  अपने दादू के साथ योग आसन करती है।

इस तरह इस बच्ची से हम सभी को प्रेरणा लेनी होगी को बालयकाल की शिक्षा ही नींव के पत्थर का काम करती है। केवल विद्यालय ही नहीं घर परिवार भी इस दिशा में बहुत अभूपूर्व काम करता है। 

Friday, June 6, 2025

PEC और पॉवरग्रिड में MoU पर हस्ताक्षर

From PEC on Friday 6th June 2025 at 7:07 PM Regarding MoU between PEC and PowerGrid

  PEC में उत्कृष्टता केंद्र के लिए पावरग्रिड ने दी17 करोड़ की स्वीकृति 


चंडीगढ़
: 06 जून 2025: (मीडिया लिंक रविंद्र//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::  

पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पॉवरग्रिड) ने 06 जून, 2025 को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता पॉवरग्रिड के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत पेक में "पॉवरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" की स्थापना के लिए हुआ। 

यह अवसर बेहद गरिमामयी था, जिसमें पॉवरग्रिड की ओर से श्री तरुण बजाज, कार्यकारी निदेशक (उत्तरी क्षेत्र-II) और पेक की ओर से प्रो. राजेश कुमार भाटिया, निदेशक ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव श्री राजीव वर्मा (आईएएस), पॉवरग्रिड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री आर. के. त्यागी, शिक्षा सचिव सुश्री प्रेरणा पुरी (आईएएस), और अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे। इस अवसर पर पॉवरग्रिड के वरिष्ठ अधिकारी श्री विक्रम सिंह भल (कार्यकारी निदेशक - कोऑर्डिनेटर सीएमजी), श्री जसबीर सिंह (कार्यकारी निदेशक - सीएसआर), श्री रुबिंदरजीत सिंह बरार (निदेशक, तकनीकी शिक्षा, चंडीगढ़ प्रशासन), साथ ही पेक के डीन, विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ फैकल्टी और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

PEC इंजीनियरिंग जैसे तेजी से विकसित होते क्षेत्रों में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्राप्त कर सकें। एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में पॉवरग्रिड ने इस पहल को सहर्ष स्वीकार किया और “पॉवरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना में सहायता देने के लिए आगे आया।

इस पर बताई गई लागत वाली रकम 17 करोड़ 19 लाख 26 हजार रुपये (₹17,19,26,000/-) है जो की एक नया इतिहास रचेगी। इस लागत से स्थापित होने वाला यह केंद्र छात्रों के लिए सीखने के नए द्वार खोलेगा। इससे रिसर्च स्कॉलर्स और फैकल्टी को पावर और एनर्जी सेक्टर में अनुसंधान को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह सुविधा विशेष रूप से पेक के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम को और अधिक व्यावहारिक व औद्योगिक प्रासंगिकता देने के लिए तैयार की गई है। इसमें न्यूमेरिकल रिले, फेज़र मेजरमेंट यूनिट्स (पीएमयू), इन्वर्टर, साइबर सुरक्षा, ई-मोबिलिटी, कंट्रोलर लैब जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी, जो रियल-टाइम सिमुलेशन के माध्यम से प्रशिक्षण व प्रदर्शन में मदद करेंगी।

इस अवसर पर PEC के निदेशक ने पॉवरग्रिड का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सीएसआर पहल छात्रों और शोधकर्ताओं को अत्यंत लाभान्वित करेगी।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित POWERGRID के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) श्री आर. के. त्यागी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए PEC के प्रति अपने भावनात्मक जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने 'वन ग्रिड, वन नेशन, वन फ्रिक्वेंसी' की अवधारणा पर ज़ोर दिया — देश के एक छोर से दूसरे छोर तक सभी ग्रिड्स का समन्वय के साथ संचालन। उन्होंने कहा, "CSR के तहत यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हमारी ओर से एक छोटा-सा योगदान है।"

इसी अवसर पर मुख्य अतिथियों में शामिल विशेष शख्सियत राजीव वर्मा (IAS), मुख्य सचिव, चंडीगढ़ ने POWERGRID और PEC के इस प्रयास की सराहना की, जो लोगों को सशक्त बनाकर पूरे क्षेत्र को रूपांतरित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र उन्नत अनुसंधान और नवाचार का एक प्रकाशस्तंभ बनेगा। यह केंद्र स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और शोधार्थियों (PhD) को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा। यह पावर और ऊर्जा क्षेत्रों को 'विकसित भारत', 'ऊर्जा सुरक्षा' और 'शून्य उत्सर्जन राष्ट्र' की दिशा में गति देगा।

पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पॉवरग्रिड), विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत एक महारत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जिसका उत्तरी क्षेत्र-II का मुख्यालय जम्मू में स्थित है। पॉवरग्रिड, अंतर-राज्यीय विद्युत ट्रांसमिशन में संलग्न है और इसके पास 1,80,239 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन, 283 सबस्टेशन और 5,64,961 MVA से अधिक की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता है। अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटल समाधानों के उपयोग से पॉवरग्रिड ने >99% ट्रांसमिशन सिस्टम उपलब्धता बनाए रखी है, जो कि एक उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचायक है।

उत्तरी क्षेत्र-II में पॉवरग्रिड की ट्रांसमिशन प्रणाली पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा के कुछ हिस्सों, और केंद्र शासित प्रदेशों चंडीगढ़, लद्दाख, एवं जम्मू-कश्मीर में फैली हुई है। इस नई परियोजना से विकास की रफ्तार और तेज़ होगी। 

Wednesday, May 7, 2025

वेद प्रचार मंडल द्वारा BCM आर्य में भाषण प्रतियोगिता

From BCM Arya School Lalton on Wednesday 7th May 2025 at 11:40 AM

प्रतियोगिता में कक्षा 4 से 11 तक के लगभग 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया


लुधियाना: 7 मई 2025: (कार्तिका कल्याणी सिंह//मीडिया लिंक//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

वेद प्रचार मंडल, लुधियाना ने बीसीएम आर्य स्कूल, गांव ललतों में अंग्रेजी, पंजाबी और हिंदी में वैदिक भाषण प्रतियोगिता आयोजित की। इस प्रतियोगिता में कक्षा 4 से 11 तक के लगभग 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में अंग्रेजी, पंजाबी और हिंदी में विचारोत्तेजक विषयों पर भाषण दिए गए, जैसे कि परमात्मा का सच्चा नाम - ॐ, मानवता के सच्चे मार्गदर्शक-वेद, जीवन में यम और नियम का महत्व और सामाजिक जागृति के प्रणेता-महर्षि दयानंद सरस्वती।  

मुख्य अतिथि वेद प्रचार मंडल पंजाब के संस्थापक श्री रोशन लाल आर्य थे। श्री रोशन लाल ने बताया कि आर्य समाज एक ऐसा संगठन है जो वेदों के शाश्वत मूल्यों और ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने के कार्य के लिए समर्पित है। प्रथम स्थान कक्षा-सातवीं की रहमत कौर ने प्राप्त किया, दूसरा स्थान कक्षा-सातवीं के अंश ने प्राप्त किया तथा तीसरा स्थान कक्षा-छठी के कृषिव ने प्राप्त किया।

प्रधानाचार्या श्रीमती कृतिका सेठ ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की।

BCM ARYA SCHOOL,
Singla-Enclave, Lalton-Dolon Khurd,
Ludhiana

Friday, November 8, 2024

परंपरा, नवाचार और एकता का जश्न:

 Friday 8th November 2024 at 9:52 PM  Communication, Information & Media Cell (CIM) Clubs

  पेककफेस्ट 2024 की हर्षोल्लास के साथ हुई भव्य शुरुआत 


चंडीगढ़
: 08 नवंबर 2024: (मीडिया लिंक//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ का परिसर आज पेकफेस्ट 2024, वार्षिक टेक्नो-कल्चरल फेस्टिवल के उद्घाटन के साथ जीवंत हो उठा। इस वर्ष का थीम “रेटरोग्रेड रिबेलियन” है, जो परंपरा और आधुनिकता के अनोखे संगम का प्रतीक है। छात्रों, संकाय सदस्यों, पूर्व छात्रों और गणमान्य अतिथियों के जोश और उत्साह ने इस आयोजन को पेक की समृद्ध विरासत और जीवंत समुदाय के जश्न का यादगार अवसर बना दिया।

उद्घाटन समारोह का शुभारम्भ दोपहर 12:00 बजे सभी गणमान्य जनों के गर्मजोशी से स्वागत के साथ हुआ। इस कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जो आशा और सांस्कृतिक एवं तकनीकी अन्वेषण की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक था।

अपने उद्घाटन भाषण में, प्रो. डी.आर. प्रजापति, डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स (डीएसए), ने सभी को खुले दिल से आमंत्रित किया और पेकफेस्ट को एक ऐसा मंच बताया जहाँ रचनात्मकता, नवाचार और सौहार्द को प्रोत्साहित किया जाता है।

इसके बाद, दर्शकों को पेकफेस्ट की एक परिचयात्मक वीडियो दिखाई गई। इसके पश्चात, पेक के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने प्रेरणादायक शब्दों में सभी का स्वागत किया। उन्होंने आई आर एस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स श्री अनिरुद्ध और एयर कमोडोर राजीव श्रीवास्तव का स्वागत करते हुए उनके इस अवसर पर आने के लिए आभार प्रकट किया। प्रो. भाटिया ने पेक की उल्लेखनीय विरासत, इसके आगामी 104वें स्थापना दिवस के बारे में चर्चा की और पेकफेस्ट को नवाचार एवं सांस्कृतिक समारोह की भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने आयोजन को भव्य बनाने में जुटे सभी आयोजकों, प्रायोजकों और डीएसए की मेहनत की सराहना की।

इसके पश्चात, पेक  की गौरवशाली विरासत पर एक डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई, जिसने इंजीनियरिंग शिक्षा के भविष्य को संवारने में PEC के योगदान और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया।

एयर कमोडोर राजीव श्रीवास्तव ने भी सभा को संबोधित किया और पेक की नेतृत्व और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की। इसके बाद श्री अनिरुद्ध ने छात्रों को पेक में बिताए अपने समय को संजोने और यहां मिलने वाले अवसरों का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

समारोह का समापन एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें पेक के छात्रों ने परंपरागत और आधुनिक प्रस्तुतियों का शानदार प्रदर्शन किया, जो इस वर्ष के "रेटरोग्रेड रिबेलियन" थीम के अनुरूप था।

पेकफेस्ट 2024 आगामी तीन दिनों में रोमांचक गतिविधियों का वायदा करता है, जिसमें विभिन्न तकनीकी और सांस्कृतिक इवेंट्स शामिल हैं। मुख्य आकर्षणों में डिफेंस एक्सपो शामिल है, जहाँ नवीनतम सैन्य तकनीक का प्रदर्शन होगा और छात्रों तथा आगंतुकों को एक अद्वितीय सीखने का अवसर मिलेगा।

जैसे-जैसे पेकफेस्ट 2024 आगे बढ़ेगा, यह सभी को पेक की समृद्ध विरासत का जश्न मनाने के लिए आमंत्रित करता है और एक नवाचार व समावेशी भविष्य की ओर देखता है।

Saturday, October 19, 2024

दृढ़ता, कड़ी मेहनत और जुनून ही सफलता की कुंजी हैं

Saturday 19th October 2024 at 6:16 PM By Email Hardeep Kaur Mohali Doaba School

*दोआबा बिजनेस स्कूल द्वारा विशेष सेमिनार का आयोजन 

*सेमिनार में डॉ. शिव कुमार गौतम ने भी बताए सफलता के गुर


मोहाली: 19 अक्टूबर 2024: (हरदीप कौर//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

उद्यमिता और मानसिक स्वास्थ्य दोनों ही आपस में पूरी तरह से संबंधित हैं। इनमें से एक में न भी कुछ गड़बड़ी आ जाए तो मामला बिगड़ने लगता है। ज़िंदगी  दोनों की भी पूरी ज़रूरत रहती है। इससे सबंधित एक विशेष सेमिनार में इन सभी बारीकियों की भी ख़ास चर्चा रही। 

शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे दोआबा बिजनेस स्कूल ने छात्रों को एक सफल उद्यमी बनाने के उद्देश्य से 'उद्यमिता और मानसिक स्वास्थ्य' विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया। इस बीच, दोआबा बिजनेस स्कूल के पैरामेडिकल विभाग के प्रमुख रोजी गुल ने कार्यक्रम की मेज़बानी की। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार गौतम ने अपने प्रेरक उद्बोधन से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ. शिव कुमार गौतम ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं होता। सफलता दृढ़ता, कड़ी मेहनत और जुनून से ही मिलती है। उन्होंने कहा कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए ये तीनों शर्तें अनिवार्य हैं।

दोआबा बिजनेस स्कूल के विद्यार्थियों को सफल उद्यमी बनाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान ग्रुप के मैनेजिंग वाइस चेयरमैन एस एस संघा ने वक्ताओं को सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अन्य लोगों के अलावा डायरेक्टर प्लेसमेंट डॉ. हरप्रीत रॉय, दोआबा कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रिंसिपल डॉ. प्रीत महिंदर सिंह, दोआबा कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्रिंसिपल डॉ. सुखजिंदर सिंह और डीन स्टूडेंट वेलफेयर मैडम मनिंदर पाल कौर मौजूद थे।  

कार्यक्रम के अंत में दोआबा बिजनेस स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. मीनू जेटली ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और छात्रों को हर चुनौती का सामना करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उपस्थित वक्ताओं के समक्ष कई प्रश्न भी रखे जिनका वक्ताओं ने बहुत ही सरल एवं स्पष्ट शब्दों में उत्तर देकर विद्यार्थियों को संतुष्ट किया। छात्रों को सफल उद्यमी बनाने के लिए समूह द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम यादगार बन गया।

इस सफल आयोजन को देखते हुए लगता है कि ऐसे कुछ और आयोजन भी पंजाब के विभिन्नक्षेत्रों में बहुत आवश्यक हैं क्यूंकि पूर्ण सफलता सभी बारीकियों को हर छात्र तक पहुँचाना बहुत ज़रूरी है। 

Thursday, October 3, 2024

मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली के लिए खास खबर

संस्‍कृति मंत्रालय//Azadi ka Amrit Aahotsavg20-India-2023//प्रविष्टि तिथि: 03 OCT 2024 8:31PM by PIB Delhi

मंत्रिमंडल ने इन सभी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने को स्वीकृति दी

नई दिल्ली: 03 अक्टूबर 2024:(PIB Delhi//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

संकेतक तस्वीर 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने को स्वीकृति दे दी है। शास्त्रीय भाषाएं भारत की गहन और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की संरक्षक के रूप में काम करती हैं, जो प्रत्येक समुदाय की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों का सार प्रस्तुत करती हैं।

बिंदुवार विवरण एवं पृष्ठभूमि:

भारत सरकार ने 12 अक्टूबर 2004 को “शास्त्रीय भाषाओं” के रूप में भाषाओं की एक नई श्रेणी बनाने का निर्णय लियाथा, जिसमें तमिल को शास्त्रीय भाषा घोषित किया गया और शास्त्रीय भाषा की स्थिति के लिए निम्नलिखित मानदंड निर्धारित किए गए:

क. इसके आरंभिक ग्रंथों/एक हजार वर्षों से अधिक के दर्ज इतिहास की उच्च पुरातनता।

ख. प्राचीन साहित्य/ग्रंथों का एक संग्रह, जिसे बोलने वालों की पीढ़ी द्वारा एक मूल्यवान विरासत माना जाता है।

ग. साहित्यिक परंपरा मौलिक होनी चाहिए और किसी अन्य भाषण समुदाय से उधार नहीं ली गई होनी चाहिए।

शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित भाषाओं का परीक्षण करने के लिए नवंबर 2004 में साहित्य अकादमी के तहत संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक भाषा विशेषज्ञ समिति (एलईसी) का गठन किया गया था।

नवंबर 2005 में मानदंडों को संशोधित किया गया और संस्कृत को शास्त्रीय भाषा घोषित किया गया:

I. इसके प्रारंभिक ग्रंथों/अभिलेखित इतिहास की 1500-2000 वर्षों की अवधि में उच्च पुरातनता।

II. प्राचीन साहित्य/ग्रंथों का एक संग्रह, जिसे बोलने वालों की पीढ़ियों द्वारा एक मूल्यवान विरासत माना जाता है।

III. साहित्यिक परंपरा मौलिक होनी चाहिए और किसी अन्य भाषण समुदाय से उधार नहीं ली गई होनी चाहिए।

IV. शास्त्रीय भाषा और साहित्य आधुनिक दौर से अलग होने के कारण, शास्त्रीय भाषा और उसके बाद के रूपों या उसकी शाखाओं के बीच एक विसंगति भी हो सकती है।

 भारत सरकार ने अब तक निम्नलिखित भाषाओं को शास्त्रीय भाषाओं का दर्जा प्रदान किया है:

भाषा

अधिसूचना की तारीख

 

तमिल

12/10/2004

संस्कृत

25/11/2005

तेलुगु

31/10/2008

कन्नड़

31/10/2008

मलयालम

08/08/2013

उड़िया

01/03/2014

 2013 में महाराष्ट्र सरकार की ओर से मंत्रालय को एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ था जिसमें मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का अनुरोध किया गया था, जिसे एलईसी को भेज दिया गया था। एलईसी ने शास्त्रीय भाषा के लिए मराठी की सिफारिश की थी। मराठी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के लिए 2017 में मंत्रिमंडल के लिए मसौदा नोट पर अंतर-मंत्रालयी परामर्श के दौरान, गृह मंत्रालय ने मानदंडों को संशोधित करने और इसे सख्त बनाने की सलाह दी। पीएमओ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि मंत्रालय यह पता लगाने के लिए इस बात पर विचार कर सकता है कि कितनी अन्य भाषाएं पात्र होने की संभावना है।

इस बीच, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के लिए बिहार, असम, पश्चिम बंगाल से भी प्रस्ताव प्राप्त हुए।

इस क्रम में, भाषाविज्ञान विशेषज्ञ समिति (साहित्य अकादमी के अधीन) ने 25.07.2024 को एक बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित मानदंडों को संशोधित किया। साहित्य अकादमी को एलईसी के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है।

i. इसकी उच्च पुरातनता 1500-2000 वर्षों की अवधि में आरंभिक ग्रंथ/अभिलेखित इतिहास की है।

ii. प्राचीन साहित्य/ग्रंथों का एक समूह, जिसे बोलने वालों की पीढ़ियों द्वारा विरासत माना जाता है।

iii. ज्ञान से संबंधित ग्रंथ, विशेष रूप से कविता, पुरालेखीय और शिलालेखीय साक्ष्य के अलावा गद्य ग्रंथ।

iv. शास्त्रीय भाषाएं और साहित्य अपने वर्तमान स्वरूप से अलग हो सकते हैं या अपनी शाखाओं के बाद के रूपों से अलग हो सकते हैं।

समिति ने यह भी सिफारिश की कि निम्नलिखित भाषाओं को शास्त्रीय भाषा माने जाने के लिए संशोधित मानदंडों को पूरा करना होगा।

I. मराठी

II. पाली

III. प्राकृत

IV. असमिया

V. बंगाली

 कार्यान्वयन रणनीति और लक्ष्य:

शिक्षा मंत्रालय ने शास्त्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए संसद के एक अधिनियम के माध्यम से 2020 में तीन केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। प्राचीन तमिल ग्रंथों के अनुवाद की सुविधा, अनुसंधान को बढ़ावा देने और विश्वविद्यालय के छात्रों और तमिल भाषा के विद्वानों के लिए पाठ्यक्रम प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान की स्थापना की गई थी। शास्त्रीय भाषाओं के अध्ययन और संरक्षण को और बढ़ाने के लिए, मैसूर में केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान के तत्वावधान में शास्त्रीय कन्नड़, तेलुगु, मलयालम और ओडिया में अध्ययन के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए थे। इन पहलों के अलावा, शास्त्रीय भाषाओं के क्षेत्र में उपलब्धियों को मान्यता देने और प्रोत्साहित करने के लिए कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार शुरू किए गए हैं। शिक्षा मंत्रालय द्वारा शास्त्रीय भाषाओं को दिए जाने वाले लाभों में शास्त्रीय भाषाओं के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार, विश्वविद्यालयों में पीठ और शास्त्रीय भाषाओं के प्रचार के लिए केंद्र शामिल हैं।

रोजगार सृजन सहित प्रमुख प्रभाव:

भाषाओं को शास्त्रीय भाषा के रूप में शामिल करने से खासकर शैक्षणिक और शोध क्षेत्रों में रोजगार के अहम अवसर पैदा होंगे। इसके अतिरिक्त, इन भाषाओं के प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण से संग्रह, अनुवाद, प्रकाशन और डिजिटल मीडिया में रोजगार पैदा होंगे।

शामिल राज्य/जिले:

इसमें शामिल मुख्य राज्य महाराष्ट्र (मराठी), बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश (पाली और प्राकृत), पश्चिम बंगाल (बंगाली) और असम (असमिया) हैं। इससे व्यापक सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रभाव का राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसार होगा।

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एमजी/आरपीएम/केसी/एमपी//(रिलीज़ आईडी: 2061731) 

Saturday, September 21, 2024

तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थानों के लिए विशेष परामर्श जारी

Posted on: 21st September 2024 at 5:28 PM by PIB Delhi शिक्षा मंत्रालय//azadi ka amrit mahotsavg20-india-2023

जारी किया शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने

दिशा-निर्देशों और नियमावली के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों को जारी किया

नई दिल्ली: 21 सितंबर 2024: (PIB Delhi//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

तस्वीर हैल्थ एंड फैमिली से साभार 

युवाओं में तंबाकू के सेवन को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केन्‍द्रीय शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिवों ने सभी राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों को संयुक्त रूप से एक परामर्श जारी किया है। मुख्य सचिवों को संबोधित इस परामर्श में शिक्षण संस्थानों में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद कानून (सीओटीपीए), 2003 के प्रावधानों के अनुरूप तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (टीओएफईआई) नियमावली का सख्ती से क्रियान्वयन का आह्वान किया गया है।

स्कूली शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिवों द्वारा हस्ताक्षरित यह संयुक्त परामर्श, विशेष रूप से बच्चों और किशोरों पर तम्बाकू सेवन के खतरनाक प्रभावों पर बल देता है। यह वैश्विक युवा तम्बाकू सर्वेक्षण (जीवाईटीएस) 2019 के निष्कर्षों की ओर ध्यान आकर्षित करता है, जिसमें पता चला है कि भारत में 13 से 15 वर्ष की आयु के 8.5 प्रतिशत स्कूली छात्र विभिन्न रूपों में तम्बाकू का सेवन करते हैं। विशेष रूप से चिंता की बात यह है कि भारत में हर दिन 5,500 से अधिक बच्चे तम्बाकू का सेवन शुरू करते हैं। इसके अलावा, आजीवन तम्बाकू का सेवन करने वाले 55 प्रतिशत लोग 20 वर्ष की आयु से पहले ही इस आदत को अपना लेते हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई किशोर अन्य नशीले पदार्थों का रूख कर लेते हैं। परामर्श में युवाओं को तम्बाकू की लत के खतरों से बचाने के लिए सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इसका लक्ष्य तम्बाकू के उपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाकर और शैक्षणिक संस्थानों में तम्बाकू नियंत्रण उपायों को बढ़ावा देकर भावी पीढ़ियों की रक्षा करना है।

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के हिस्से के रूप में, भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने नाबालिगों एवं युवाओं को तंबाकू और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उपयोग से बचाने के लिए तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (टीओएफईआई) दिशानिर्देश जारी किए। इसके अलावा, स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने सामाजिक आर्थिक और शैक्षिक विकास सोसायटी (सीड्स) के सहयोग से विश्व तंबाकू निषेध दिवस (डब्ल्यूएनटीडी) पर टीओएफईआई कार्यान्वयन नियमावली तैयार की और उसे लॉन्च किया है। विभाग ने अनुपालन के लिए सभी राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों को 31 मई 2024 को मैनुअल जारी किया।

टीओएफईआई नियमावली शैक्षणिक संस्थानों के लिए इन तंबाकू विरोधी उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में कार्य करती है। नियमावली में निम्नलिखित उद्देश्यों की रूपरेखा दी गई है:

i. शैक्षिक संस्थानों में छात्रों, शिक्षकों, श्रमिकों एवं अधिकारियों के बीच तंबाकू के उपयोग के हानिकारक प्रभावों और दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभाव के बारे में अधिक जागरूकता;

ii. तम्बाकू छोड़ने के लिए उपलब्ध विभिन्न तरीकों के बारे में जागरूकता;

iii. शैक्षणिक संस्थानों में स्वस्थ एवं तम्बाकू मुक्त वातावरण तथा सभी शैक्षणिक संस्थान तम्बाकू मुक्त हो जाएं; तथा

iv. तम्बाकू उत्पादों की बिक्री और उपयोग के संबंध में कानूनी प्रावधानों का बेहतर कार्यान्वयन, विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों, वैधानिक चेतावनियों और नाबालिगों से संबंधित प्रावधानों का बेहतर कार्यान्वयन। 

यह परामर्श सभी स्तरों के स्कूलों, उच्च या व्यावसायिक शिक्षा के लिए कॉलेजों और सार्वजनिक एवं निजी दोनों क्षेत्रों के विश्वविद्यालयों सहित शैक्षणिक संस्थानों को छात्रों के स्वास्थ्य और कल्याण की सुरक्षा के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका के रूप में टीओएफईआई नियमावली और दिशा-निर्देशों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य बच्चों में तम्बाकू के उपयोग को कम करना और भावी पीढ़ियों को नशे की लत में पड़ने से रोकना है। शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन उपायों को शैक्षणिक संस्थानों में प्रभावी रूप से लागू किया जाए।

टीओएफईआई मैनुअल के कार्यान्वयन नियमावली तक पहुंचने के लिए यूआरएल: https://dsel.education.gov.in/sites/default/files/update/im_tofel.pdf

टीओएफईआई दिशा-निर्देशों को देखने के लिए यूआरएल:

https://ntcp.mohfw.gov.in/assets/document/TEFI-Guidelines.pdf

*****//एमजी/एआर/केपी/एसके//(रिलीज़ आईडी: 2057383) 

Sunday, August 25, 2024

GND: बैचलर ऑफ डिजाइनिग (स्मैस्टर फोर्थ) का रिज़ल्ट

 Saturday 24th August 2024 at 22:17

भाविनी प्रथम स्थान पर, स्वनिका दुसरे पर और श्रुति तीसरे स्थान पर 


जालंधर: 24 अगस्त 2024: (एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::

गुरु नानक यूनिवर्सिटी के बैचलर ऑफ डिजाइनिग (स्मैस्टर फोर्थ) का रिज़ल्ट निकल चुका है। जिसमे हंस राज महाविद्यालय, जालंधर की छात्रा भाविनी ने यूनिवर्सिटी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बीबीके डीएवी कॉलेज फॉर विमेन, अमृतसर की छात्रा स्वनिका ने दूसरा, श्रुति ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

भाविनी को बचपन से ही पेंटिंग का शौंक रहा है। उसके द्वारा बनाई पेंटिंग्स लोगों द्वारा खरीदी जाती हैं। कुछ तो खासतौर पर ऑर्डर दे कर पेंटिंग्स बनवाते है। इस तरह वह अपनी मेहनत से ही अपने कॉलेज की फीस निकाल लेती है। भाविनी PhD कर बच्चों को पढ़ाने का काम करने के साथ खुद का डिजाइन का ब्रांड भी बनाना चाहती है।  

इसी के साथ भाविनी हंसते हुए कहती है बचपन में मैं पढ़ाई से दूर भागती थी, क्योंकि पढ़ाई की अहमियत नहीं पता थी। इसलिए कोई पूछता था पढ़ोगी नही तो क्या करोगी ? तब मैं कहती थी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बन जाऊंगी। क्योंकि मुझे तब खबरें सुन यह लगता था कि अनपढ़ भी यहां नेता आराम से बन जाता हैं। पर समय के साथ मुझे पढ़ाई की अहमियत पता चलती गई। अब मैं सभी जानने वाले बच्चों को खूब पढ़ने के लिए कहती हूं।

जल्द ही हम आपके सामने लाएंगे भाविनी की इस प्रतिभा के संबंध में एक विस्तृत वीडियो स्टोरी।