Wednesday, October 27, 2021

बेकारी और अशिक्षा के खिलाफ ज्ञान की मशालें जला रहा स्कूल

किताबी शिक्षा के साथ साथ हुनर की ट्रेनिंग भी  


लुधियाना
: 27 अक्टूबर 2021: (कार्तिका सिंह//एजुकेशन स्क्रीन) ::

वर्ष 1962 को पंजाब के अधिकांश लोग चीन के साथ युद्ध के लिए याद करते हैं। उस युद्ध ने कई युवाओं की क़ुरबानी ले ली। इस युद्ध ने कई घरों के चिराग बुझा दिए लेकिन देश के सम्मान, सम्मान और सम्मान की रक्षा के लिए हमें सचेत भी किया। हमारे देश ने अपनी सैन्य ताकत को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाना शुरू कर दिया है। इस युद्ध के जख्मों को अभी तक भुलाया नहीं जा सका है जब देश पर 1965 में पाकिस्तान ने हमला किया था। हमारे शांतिपूर्ण विकास की गति को गहरा आघात पहुंचा है। पड़ोसी देशों ने, भाइयों की तरह, अजनबियों का खून बहाया। दर्द था, दर्द था लेकिन देश की सेनाओं ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

इस दौर ने सभी को झकझौरा भी। इस युद्ध के साथ ही देश के बुद्धिजीवियों को लगा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। युद्ध अपने आप में एक बहुत बड़ी समस्या है। जंग टलती रहे तो बेहतर है। अम्म जनमानस को झंकझोरते हुए साहिर लुधियानवी साहब ने लिखा:

फ़तह का जश्न हो कि हार का सोग; ज़िंदगी मय्यतों पे रोती है;

जंग तो ख़ुद ही एक मसला है;जंग क्या मसलों का हल देगी!

यह पंजाब के बुद्धिजीवियों ने भी महसूस किया। घरों और मैदानों में खोदे गए मोर्चों का दर्द सभी ने महसूस किया। गहरी नींवों जैसे इन मोर्चों में बमबारी से छुपने के लिए छुप कर रातें काटनी पड़ती थीं ,ब्लैक आऊट का ऑर्डर सख्त था। अंधेरों में ज़िंदगी दूभर हो गई थी। उस समय के लोगों ने विनाश का वह समय अपनी आँखों से देखा। सैनिकों की अर्थियां उठती देखीं। घरों में अँधेरा था बाहर भी अँधेरा था। उस समय समझदार लोगों को लगा कि कुछ करना चाहिए। सरकार द्वारा संचालित जवद्दी स्कूल की प्रिंसिपल किरण गुप्ता पुराने समय और बड़ों के उद्धरणों को याद करती हैं तो आज भी बेहद गंभीर हो जाती हैं। वह याद दिलाती हैं पुराणी यादें। जब इस स्कूल का निर्माण हुआ, तब उर्दू अधिक प्रचलित थी। रेकार्ड के वे कागज अभी भी देखे जा सकते हैं। उनमें से इस स्कूल की शुरुआत का वर्ष शायद 1972 है, लेकिन वास्तव में इस स्कूल की शुरुआत के बारे में कई अन्य सबूत हैं जो बताते हैं कि यह स्कूल 1965 में शुरू हुआ था। उसी युद्ध वर्ष में निरक्षरता के खिलाफ युद्ध शुरू हो गया था।

अब जब महंगाई, बेरोजगारी और अंधी सांप्रदायिकता की बुराइयां जोर पकड़ रही हैं और हर तरफ अंधेरा छा रहा है, स्कूल एक बार फिर रास्ता दिखा रहा है। आधुनिक सोच और विज्ञान का लाभ उठाते हुए स्कूल ने स्कूल के छात्रों को नौकरी की तलाश करने और ज़िंदगी में काम आने वाले कौशल की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया है। इस स्कूल के लड़के और लड़कियां कुछ न कुछ सीखते ही रहते हैं जो उन्हें जीवन भर अपनी आजीविका के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहने देगा। 

प्रिंसिपल किरण गुप्ता ने सुबह की प्रार्थना सभा में छात्रों से कहा कि कौशल हासिल करने और जीविकोपार्जन के क्षेत्र में कोई जाति या लिंग भेद नहीं होता है। लड़के सिलाई करना सीख सकते हैं और अच्छे दर्जी बन सकते हैं. दर्जी बन कर अच्छा पैसा कमा सकते हैं। लड़कियां खाना बनाना भी सीख सकती हैं और किसी बड़े होटल का मुख्य रसोइया बन सकती हैं। अब लड़कियां ट्रेनों के इंजन भी चला रही हैं। ट्रक भी चलाए जा रहे हैं। बड़े शहरों में सरकारी बसें भी महिलाएं चलाती हैं। कंडक्टर बनकर बसों में टिकट भी काटती हैं। साफ है कि लड़कियों ने हर क्षेत्र में अपना दमखम दिखाया है। उन्हें मौका देने में कंजूस होने की कोई जरूरत नहीं है। कोई भी धर्म लड़कियों के साथ भेदभाव नहीं सिखाता और न ही कोई कानून। यदि समाज का कोई वर्ग ऐसा करता है तो उसका पुरजोर विरोध होना चाहिए।  

 प्रधानाचार्या मैडम किरण गुप्ता ने कहा कि स्कूल ने वर्षा जल संचयन और संचयन के लिए एक नियमित प्रणाली भी स्थापित की है।  छत से आने वाला बरसात का पानी का अब व्यर्थ नहीं हो रहा है। स्कूल में लगे सिस्टम के कारण यह पानी अब सीधे पृथ्वी में चला जाता है।  यह सिस्टम पृथ्वी के घटते जा रहे जल स्तर को बनाए रखने में योगदान देता है। धुंआ रहित चूल्हे भी लकड़ी पर चलते हैं। जिस पर मध्याह्न भोजन बनाया जाता है ताकि बच्चे भोजन या पोषण से वंचित न रहें।

लुधियाना के विकास के लिए यहाँ की लाईफ लाईन के तौर पर जाने जाते पंजाब के मंत्री भारत भूषण आशु ने स्कूल की प्रगति के लिए बहुत सहयोग दिया है। इसके लिए श्रीमती ममता आशु ने भी पूरी सक्रियता दिखाई है। कम्प्यूटर लैब का जीर्णोद्धार कराया, जो बहुत महत्वपूर्ण था। वाटर कूलर और अन्य उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। इंगलिश बूस्टर क्लब हर सप्ताह ब्लॉक लुधियाना में प्रथम स्थान प्राप्त करता है। उन्होंने लुधियाना जिले में दो बार टॉप किया है। शिक्षक महोत्सव के दौरान भी उन्होंने कई स्थान हासिल किए हैं। प्रखंड में चार और जिले में दो पद हासिल किए। 

एनएमएमएस के साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी अपना  काफी नाम बनाया। सं 2020 में छह स्थान हासिल किए। 2021 में भी एक मुकाम हासिल किया। कई और प्रतियोगिताएं थीं जिनकी चर्चा जल्द ही एक अलग पोस्ट में की जाएगी। सं 1965 में बनी इस इमारत के ज़्यादातर कमरों में बल्लियां और गाडर हुआ करते थे। उनके बीच पांच कमरों की लालटेन मिली है। 2020-21 के दौरान छह नए कमरे मिले। एक भोजन कक्ष भी बनाया गया था। एक विज्ञान प्रयोगशाला भी बनाई गई थी।

वर्तमान परिस्थितियों में, स्कूल ने अपने कर्मचारियों और छात्रों का समर्थन करने में काफी प्रगति की है। कहा जा सकता है कि हम किसी से कम नहीं हैं। बाबा नजमी की दो पंक्तियां को भी याद करते हुए:

* पत्रकार कार्तिका सिंह का ईमेल है: kartikasingh999@gmail.com व्हाट्सएप: +919417242529 

Saturday, October 2, 2021

शहीद भगत सिंह ओपन ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2021

2nd October 2021 at 06:50 PM

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी खरड़, मोहाली में हुआ विधिवत शुभआरंभ

ताइक्वांडो चैंपियनशिप का शुभारंभ करते हुए विश्वविद्यालय के प्रोचांसलर प्रोफेसर डॉआर.एस. बावा, अभय गुप्ता जी ज्वाइंट डायरेक्टर (इंटेलिजेंस) नॉर्थ चंडीगढ़,,, शिवकुमार (तकनीकी सचिव पीटीए, जालंधर) ऑर्गेनाइजिंग सचिव शिव प्रकाश शुक्ला (कोषाध्यक्ष पीटीए, जालंधर) निखिल हंस (प्रेससचिव पीटीए ,जालंधर) आए हुए सभी गणमान्य ,खिलाड़ी तथापंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन (पंजीकृत) जालंधर के पदाधिकारी

खरड़//मोहाली: 2nd अक्टूबर 2021: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो):: 

महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह जी की पुण्य याद में शहीद भगत सिंह  ओपन ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2021 का आगाज् , चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी खरड़, मोहाली में , पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन (पंजीकृत) जालंधर के तत्वाधान में हुआ। 

उक्त प्रतियोगिता में 10 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 500 ताइक्वांडो के नवप्रशिक्षुओ के साथ साथ उत्कृष्ट ऐविमं श्रेष्ठ खिलाड़ियों ने बड़ चढ कर भाग लिया। 

भाग लेने वाले खिलाडी मुख्यता पंजाब, राजस्थान , हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, नई दिल्ली उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश , चंडीगढ़ तथा पंजाब पुलिस  से संबंधित थे। 

प्रतियोगिता का विधीवत शुभआरंभ विश्वविद्यालय के प्रोचांसलर प्रोफेसर डॉ आर.एस. बावा ज़ी ने किया। 

जिनके साथ श्री अभय गुप्ता ज्वाइंट डायरेक्टर (इंटेलिजेंस) नॉर्थ चंडीगढ़,, टूर्नामेंट ऑर्गेनाइजिंग सचिव श्री शिव प्रकाश शुक्ला जी ,,डॉ त्रिलोक सिंह (ड़ीन ऑफ डिपार्टमेंट ऑफ स्टूडेंट्स चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी),, डॉ महेश जेटली (खेल विभाग प्रमुख चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी) प्रतियोगिता के तकनीकी सचिव श्री शिवकुमार( कोच एवं प्लेयर पंजाब पुलिस ) पुण्यात्मादेव कोहली तथा ऑफिस सेक्रेटरी हरमीत सिंह विशेष तौर पर उपस्थित रहे। 

आए हुए सभी खिलाड़ियों,कोच,ऑफिशल्स तथा अभीवाहको का उत्साहवर्धन करते हुए मुख्य अतिथि डॉ बावा ने कहा कि जिस प्रकार नन्हे नन्हे नवप्रशिक्षु इस खेल के साथ जुड़े हैं,वह समय दूर नहीं है जब यह सब खिलाड़ी बड़े होकर भारत का परचम संपूर्ण विश्व में लहराएंगे और अपनी प्रतिभा का लोहा विश्व पटल पर मानवायेंगे। 

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में ताइक्वांडो एसोसिएशन( पंजीकृत) जालंधर जो प्रयास खेल क्षेत्र में कर रहे हैं वह बहुत ही सराहनीय एवं अविस्मरणीय है उन्होंने पी.टी.ए जालंधर के माननीय प्रधान एडीजीपी श्री अर्पित शुक्ला जी (आई.पी.एस) तथा पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन के महासचिव  सतिन्द्र  सिंह जी (आई.पी.एस) एस.एस.पी, मोहाली जी को बधाई दी जिन के सानिध्य में इस चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। 

प्रतियोगिता के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री एवं पीटीऐ जालंधर के कोषाध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो रेफरी श्री शिव प्रकाश शुक्ला जी ने आए हुए सभी गणमान्यों, सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं विभिन्न राज्यों से आए हुए टीम मैनेजर्स  के बारे में संक्षेप परिचय दिया। 

पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन जालंधर के प्रेस सचिव श्री निखिल हंस ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपती  ,, प्रोफेसर कंग तथा विशेष तौर पर खेल विभाग के प्रमुख डॉक्टर महेश जेटली का पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन जालंधर की तरफ से धन्यवाद किया जिनके सहयोग से विश्वविद्यालय प्रांगण में यह चैंपियनशिप करवाई जा रही है साथ ही साथ उन्होंने सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा की करोना वायरस के संकट पूर्ण समय  के बाद करवाई जा रही यह चैंपियनशिप सभी खिलाड़ियों के लिए एक अमिट  एवं अविस्मरणीय याद बनेगी। 

इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो कोच मास्टर केहर , सिंह मोगा से, राजकुमार वर्मा तथा सतविंदर सिंह स्टेट आवार्दी ताइक्वांडो कोच पटियाला से, एशियन गेम्स प्लेयर मोबीन खान उत्तर प्रदेश से, डॉ अश्विनी जालंधर से, अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो रेफरी सुभाष ठाकुर जी हिमाचल से, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ,काशीपुर के ताइक्वांडो के मुख्य प्रशिक्षक नीरज शर्मा जी, पारस कुमार चंडीगढ़ से,देवांश चौहान तथा  पुलोक सेन राजस्थान से, रवि कदयान हरियाणा से मौजूद रहे।


Wednesday, September 22, 2021

विश्वास स्कूल में मनाया हरियाणा वीर व शहीदी दिवस

 Wednesdayy: 22nd September 2021 at 10:05 PM

श्री राम तुला राम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई


पंचकूला
: 22 सितंबर 2021: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो):: 

आज बी के एम विश्वास स्कूल में हरियाणा वीर व शहीदी दिवस गरिमा पूर्ण ढंग से मनाया गया। इस अवसर परअतीत के  उन गौरवपूर्ण पन्नों की बातें हुईं जब देश कीआन बान और शान के लिए प्राण न्योछावर क्र दिए गए। देश की आजादी के इस आंदोलन के दौरान व बाद में देश की एकता व अखंडता बनाए रखने के लिए भी अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। उनको याद किया गया। इस अवसर पर स्कूल की अध्यापिकाओ व बच्चों ने भाषण के द्वारा जंग ए आज़ादी की पहली लड़ाई के प्रणेता श्री राम तुला राम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी इस कुर्बानी को व्यर्थ ना गवाते हुए देश की आज़ादी को बनाए रखने व देश का गौरव बढ़ाने का प्रण भी लिया गया। 

Tuesday, September 21, 2021

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य समानता और समावेश

प्रविष्टि तिथि: 21 SEP 2021 6:39PM by PIB Delhi

 शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 'समावेशी शासन प्रणाली सुनिश्चित करना:प्रत्येक व्यक्ति को महत्वपूर्ण बनाना' विषय पर वेबिनार आयोजित किया

यह सुशासन का एक सच्चा घोषणापत्र है-श्री अर्जुन मुंडा

नई दिल्ली: 21 सितंबर 2021: (पीआईबी//एजुकेशन स्क्रीन)::


शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने
आज सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के दृष्टिकोण के अंतर्गत 'समावेशी शासन प्रणाली सुनिश्चित करना: प्रत्येक व्यक्ति को महत्वपूर्ण बनाना' विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने वेबिनार को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। उच्च शिक्षा सचिव, श्री अमित खरे, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष, श्री डी.पी. सिंह, संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा, श्रीमती नीता प्रसाद और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने सम्बोधन में, श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) योजना समावेशी शिक्षा के प्रति प्रधानमंत्री के दूरदर्शी दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि ईएमआरएस आदिवासी क्षेत्रों में हाशिए की आबादी के लिए शिक्षा की पहुंच प्रदान करता है। श्री मुंडा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य समानता और समावेश सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने आदिवासी समाज की शिक्षा को एक राष्ट्रीय स्वरूप दिया है और यह सुशासन का एक सच्चा घोषणा पत्र है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया, समग्र शिक्षा आदि जैसे कार्यक्रम आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद कर रहे हैं।

श्री अर्जुन मुंडा ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ स्वशासन के महत्व पर बल दिया। श्री मुंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमें इन आदर्शों को प्राप्त करने में लोगों की भागीदारी पर ध्यान देने के साथ यह मंत्र दिया है, जो एक सच्चे लोकतंत्र का आधार है।

श्री मुंडा ने दोहराया कि जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, तो ऐसे समय में सभी को समान अवसर प्रदान करने के लिए हमारी दीर्घकालिक संवैधानिक प्रतिबद्धता के साथ अवसरों का लाभ उठाने के लिए सभी को सशक्त बनाने का हमारा संकल्प होना चाहिए।

श्री मुंडा ने समावेशी विकास के लिए सुशासन, स्वशासन और समावेशी शासन व्यवस्था पर बल दिया। श्री मुंडा ने शिक्षाविदों को नई पीढ़ी, विशेषकर वंचितों की आकांक्षाओं को नई ऊंचाई प्रदान करने की उनकी जिम्मेदारी के बारे में भी याद दिलाया।

श्री अमित खरे ने ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों सहित समाज के वंचित वर्ग के विद्यार्थियों की समस्याओं पर प्रकाश डाला। श्री खरे ने विद्यार्थियों को हो रही भाषा संबंधी समस्याओं पर बल दिया। उन्होंने हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि कोई भी विद्यार्थी पीछे न रहे।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-यूजीसी के अध्यक्ष, श्री डी.पी. सिंह, ने अपने उद्घाटन भाषण में हमारे लोकतंत्र की धुरी के रूप में स्थिति और अवसर की समानता के संवैधानिक आदर्शों को दोहराया। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों के नेतृत्व से समावेश पर विशेष ध्यान देने के साथ सुशासन की दिशा में ठोस प्रयास करने और अपने सभी घटकों को समान रूप से अवसर प्रदान करने का प्रयास करने का आह्वान किया।

समावेशी शासन व्यवस्था सुनिश्चित करना:प्रत्येक व्यक्ति को महत्वपूर्ण बनाना विषय पर वेबिनार शैक्षिक नेतृत्व, शिक्षाविदों और प्रशासकों को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान करता है। इस वेबिनार का आयोजन बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ के सहयोग से किया गया था। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय सिंह ने स्वागत भाषण दिया। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो. आलोक राय ने अपने मुख्य भाषण में विद्यार्थियों को हमारी शिक्षा प्रणाली के लिए मूल आधार बताया। उन्होंने समाज के सभी वर्गों के विद्यार्थियों द्वारा सामना किए जा रहे मुद्दों को रेखांकित किया और महिला विद्यार्थियों, दिव्यांग विद्यार्थियों, आदिवासी विद्यार्थियों आदि के विभिन्न मुद्दों के बारे में विस्तार से बातचीत की। प्रो. राय ने विभिन्न पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए मूल्य निर्माण और मूल्यवर्धन पर जोर दिया।

तकनीकी सत्र की अध्यक्षता भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, सोनीपत की पूर्व कुलपति प्रो. सुषमा यादव ने की। इसके अलावा सदस्य-यूजीसी प्रो. एम.एम. सालुंखे, भारती विद्यापीठ, पुणे के कुलपति, प्रो. एच.सी.एस. राठौर, पूर्व कुलपति, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रो. भीमराय मेत्री, और निदेशक, आईआईएम नागपुर ने तकनीकी सत्र को संबोधित किया।

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Saturday, September 4, 2021

हिमाचल प्रदेश: विभागीय परीक्षा 13 से 20 सितम्बर तक होंगी

4th September 2021 at  6:28 PM

 कोविड नेगेटिव रिपोर्ट साथ लाना आवश्यक होगा 

शिमला: 04 सितम्बर 2021: (एजुकेशन स्क्रीन//देवभूमि स्क्रीन)::

हिमाचल प्रदेश विभागीय परीक्षा बोर्ड के एक प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी दी कि सभी श्रेणीयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विभागीय परीक्षाएं 13 से 20 सितंबर, 2021 तक काॅलेज ऑफ एक्सीलेंस संजौली, शिमला में आयोजित की जाएंगी।

प्रवक्ता ने बताया कि 13 सितंबर, 2021 को पेपर-1 अर्थात् वित्तीय प्रशासन के आयोजन की व्यवस्था राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक (बालिका) विद्यालय मण्डी में भी की गयी है।

हिमाचल प्रदेश विभागीय परीक्षा बोर्ड द्वारा सभी पात्र उम्मीदवारों के रोल नंबर जारी कर दिए गए हैं। सभी उम्मीदवारों से अनुरोध है कि रोल नंबर डाउनलोड और प्रिंट करने के लिए वे अपने पीएमआईएस खातों की जांच करें। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड से सम्बंधित उम्मीदवारों के रोल नंबर डाक द्वारा भेजे गए हैं और वे अपने रोल नंबर हिपा (एचआईपीए) की वेबसाइट पर भी देख सकते हैं।

उम्मीदवारों को केवल संदर्भ पुस्तकों, अधिनियम और विभागीय मैनुअल व पाठ पुस्तकों की अनुमति है और टेक्स्ट बुक, हेल्प बुक और गाइड की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा भवन के अंदर मोबाइल फोन के उपयोग की अनुमति नहीं होगी और निर्देशों की अवहेलना को अनुचित साधनों का उपयोग माना जाएगा।

उम्मीदवारों को कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र या परीक्षा से 72 घंटे के भीतर जारी आरटी पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट साथ लाना आवश्यक है।

Tuesday, August 31, 2021

स्कूलों के गेट बनाने के लिए तकरीबन 4 करोड रुपए जारी

Tuesday:31 August 2021 at 4:04 pm

पंजाब सरकार द्वारा प्रा.और मिडल स्कूलों की तरफ विशेष ध्यान 

चंडीगढ़: 31 अगस्त 2021: (गुरजीत सिंह बिल्ला///पंजाब स्क्रीन)::
पंजाब सरकार ने प्राइमरी और मिडल स्कूलों के नए गेट बनाने और पुराने गेटों की मरम्मत करने के लिए 4 करोड रुपए के करीब राशि जारी कर दी है, ताकि स्कूलों का अगला भाग संवाराने के साथ-साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया जा सके।
पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार पंजाब में 70 फ़ीसदी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में बदल दिया गया है, जिस कारण इन स्कूलों की पूरी तरह से कायाकल्प हो गई है। पर राज्य के 98 स्कूलों में अभी गेट नहीं हैं और 1622 की मरम्मत होनी अभी बाकी है, इसको ध्यान में रखते हुए डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा ईशा कालिया ने 3.93 करोड़ रुपए जारी करने के लिए पत्र जारी कर दिया है।
प्रवक्ता के अनुसार इस समय राज्य भर के 81 प्राइमरी स्कूलों और 17 मिडल स्कूलों के गेट नहीं हैं, इन्हें बनाने के लिए कुल 68.60 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। इस तरह राज्य के 1177 प्राइमरी और 445 मिडल स्कूलों के गेटों की मरम्मत करने की जरूरत है। इसके लिए 324.40 लाख रुपए जारी किए गए हैं। 
प्रवक्ता के अनुसार स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला जी के नेतृत्व में राज्य के 13225 सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में तब्दील करते हुए इनकी पूरी तरह से कायाकल्प कर दी गई है। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का बढिय़ा माहौल बनाया बना है, इसका प्रगटावा पिछले 3 सालों से सरकारी स्कूलों में लगातार विद्यार्थियों की गिनती में वृद्धि से स्पष्ट तौर से होता है।

Thursday, August 26, 2021

शिक्षा मंत्री सिंगला ने दिए विकास के लिए विशेष निर्देश

 26th August 2021 at 3:02 PM

 4 करोड़ 21 लाख से अधिक की राशि जारी 

शिक्षा विभाग द्वारा साइंस और कंप्यूटर लैब्ज़ का स्तर और ऊँचा उठाने के लिए विशेष प्रयास 


चंडीगढ़
: 26 अगस्त 2021: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो):: 

राज्य के विभिन्न स्कूलों की साइंस और कंप्यूटर लैब्ज़ का स्तर और ऊँचा उठाने के लिए पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला के निर्देशों पर शिक्षा विभाग ने 1400 से अधिक स्कूलों के लिए 4 करोड़ और 21 लाख से अधिक राशि जारी कर दी है।

इसकी जानकारी देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि स्कूलों को अनुदान जारी करने संबंधी पत्र डायरैक्टर जनरल स्कूल शिक्षा ईशा कालिया ने जारी कर दिया है। सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में बदलने के बाद विभाग ने इन स्कूलों की साइंस और कंप्यूटर लैब्ज़ का कायाकल्प करने का फ़ैसला किया है, जिससे विद्यार्थियों को शानदार लैब सुविधाएं प्राप्त हो सकें। प्रवक्ता के अनुसार पहले पड़ाव के दौरान कुल 1406 सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों के लिए 4,21,80,000 रुपए की राशि जारी की गई है। इस पड़ाव के दौरान स्मार्ट स्कूलों की 554 साइंस और 852 कंप्यूटर लैब्ज़ का रूप बदला जाना है। अब तक पंजाब सरकार द्वारा 13,224 सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में बदला जा चुका है।

प्रवक्ता के अनुसार कंप्यूटर लैब्ज़ में सुधार लाने के लिए अमृतसर जि़ले के कुल 113 स्कूलों के लिए 33.90 लाख रुपए, बरनाला के 14 स्कूलों के लिए 4.20 लाख रुपए, बठिंडा के 85 स्कूलों के लिए 25.50 लाख रुपए, फरीदकोट के 24 स्कूलों के लिए 7.20 लाख रुपए, फ़तेहगढ़ साहिब के 30 स्कूलों के लिए 9.00 लाख रुपए, फाजिल्का के 32 स्कूलों के लिए 9.60 लाख रुपए, फिऱोज़पुर के 31 स्कूलों के लिए 9.30 लाख रुपए, गुरदासपुर के 2 स्कूलों के लिए 0.60 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। प्रवक्ता के अनुसार होशियारपुर जि़ले के 63 स्कूलों के लिए 18.90 लाख रुपए, जालंधर के 62 स्कूलों के लिए 18.60 लाख रुपए, कपूरथला के 23 स्कूलों के लिए 6.90 लाख रुपए, लुधियाना के 11 स्कूलों के लिए 3.30 लाख रुपए, मानसा के 22 स्कूलों के लिए 6.60 लाख रुपए, मोगा के 55 स्कूलों के लिए 16.50 लाख रुपए, पठानकोट के 35 स्कूलों के लिए 10.50 लाख रुपए जारी किए गए हैं। इसी तरह ही पटियाला जि़ले के 46 स्कूलों के लिए 13.80 लाख रुपए, रूपनगर के 11 स्कूलों के लिए 3.30 लाख रुपए, संगरूर के 45 स्कूलों के लिए 13.50 लाख रुपए, एस.ए.एस. नगर के 33 स्कूलों के लिए 9.90 लाख रुपए, एस.बी.एस. नगर के 16 स्कूलों के लिए 4.80 लाख रुपए, श्री मुक्तसर साहिब के 33 स्कूलों के लिए 9.90 लाख रुपए और तरन तारन के 66 स्कूलों के लिए 19.80 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है।

इसी तरह साइंस लैब्ज़ की कायाकल्प के लिए अमृतसर जि़ले के कुल 54 स्कूलों के लिए 16.20 लाख रुपए, बरनाला के 9 स्कूलों के लिए 2.70 लाख रुपए, बठिंडा के 25 स्कूलों के लिए 7.50 लाख रुपए, फरीदकोट के 10 स्कूलों के लिए 3.00 लाख रुपए, फ़तेहगढ़ साहिब के 9 स्कूलों के लिए 2.70 लाख रुपए, फाजिल्का के 21 स्कूलों के लिए 6.30 लाख रुपए, फिऱोज़पुर के 37 स्कूलों के लिए 11.10 लाख रुपए, गुरदासपुर के 42 स्कूलों के लिए 12.60 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। प्रवक्ता के अनुसार होशियारपुर जि़ले के 38 स्कूलों के लिए 11.40 लाख रुपए, जालंधर के 72 स्कूलों के लिए 28.60 लाख रुपए, कपूरथला के 12 स्कूलों के लिए 3.60 लाख रुपए, लुधियाना के 29 स्कूलों के लिए 8.70 लाख रुपए, मानसा के 16 स्कूलों के लिए 4.80 लाख रुपए, मोगा के 24 स्कूलों के लिए 7.20 लाख रुपए, श्री मुक्तसर साहिब के 20 स्कूलों के लिए 6.00 लाख रुपए पठानकोट के 21 स्कूलों के लिए 6.30 लाख रुपए जारी किए गए हैं। इसी तरह पटियाला जि़ले के 15 स्कूलों के लिए 4.50 लाख रुपए, रूपनगर के 20 स्कूलों के लिए 6.00 लाख रुपए, संगरूर के 23 स्कूलों के लिए 6.90 लाख रुपए, एस.ए.एस. नगर के 21 स्कूलों के लिए 6.30 लाख रुपए, एस.बी.एस. नगर के 20 स्कूलों के लिए 6.00 लाख रुपए और तरन तारन के 16 स्कूलों के लिए 4.80 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है।