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Tuesday, July 19, 2022

मांगट के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में खास आयोजन

 सकिट और पोस्टर मेकिंग कार्यक्रम ज़रिए खोजी गई नई प्रतिभाएं 


लुधियाना
:19 जुलाई 2022: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो)::

ब्लॉक मांगट 2 के ब्लॉक स्तर पर सकिट और पोस्टर मेकिंग के मुकाबले सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेखेवाल में करवाए गए। इन सभी मुकाबलों का परिणाम आज घोषित किया गया। इस परिणाम में सकिट में छठी कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों ने भाग लिया। सरकारी हाई स्कूल मत्तेवाडा से कोमलप्रीत कौर और टीम ने पहला स्थान, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल  सेखेवाल से मनप्रीत सिंह मडार और टीम ने दूसरा स्थान, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बस्ती जोधेवाल से सौम्या पाल और टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। दूसरे मुकाबले में सकिट में 9 वी से 12 वीं कक्षा तक के बच्चों ने भाग लिया इसमें  सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बस्ती जोधेवाल से रमनजीत कौर और टीम ने पहला स्थान, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल इंदिरा पुरी से रीया रानी और टीम ने दूसरा स्थान, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेखेवाल से जसकरण सिंह और टीम ने दूसरा स्थान, सरकारी हाई स्कूल ससराली कॉलोनी से  सिमरन कौर और टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। 

पोस्टर मेकिंग  मुकाबलों में छठी से आठवीं  कक्षा तक के बच्चों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेखेवाल से श्रेया वर्मा ने पहला स्थान, सरकारी मिडिल स्कूल मंगली टांडा से हरप्रीत सिंह ने दूसरा स्थान,  सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल  मानगढ़ से मोहित मान ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेकिंग मुकाबलों में नौवीं से 12 वीं  कक्षा तक के बच्चों ने भाग लिया। जिसमें सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल मांगट से भरत सिंह ने पहला स्थान, सरकारी  सीनियर सेकेंडरी स्कूल इंदिरा पुरी से रिया गुप्ता ने दूसरा स्थान, सरकारी हाई स्कूल कैलाश नगर से पिंटू ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस मौके आए हुए सभी  मेहमानों द्वारा इन बच्चों को  सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेखेवाल के प्रिंसिपल नरेश कुमार , कविता प्रतियोगिता न्यायाधीश पंजाबी मालकिन शासकीय हाई स्कूल कैलाश नगर श्रीमती कमलदीप वर्मा , एस एस मास्टर गवर्नमेंट मिडिल स्कूल कक्का गाँव से अवनीश कुमार, नारा लेखन प्रतियोगिता के निर्णायक पंजाबी मिस्ट्रेस गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल मुंड़िया कलां से श्रीमती प्रभजोत कौर, साइंस मिस्टरैस गवर्नमेंट मिडिल स्कूल गोंसगढ़ से श्रीमती जगजीत कौर, सुंदर लेखन प्रतियोगिता की जज पंजाबी मिस्टर गवर्नमेंट हाई स्कूल जमालपुर अवाना से श्रीमती रविंदर कौर, पंजाबी मिस्टर गवर्नमेंट हाई स्कूल खासी कलां से श्रीमती सुरिंदर कौर उपस्थित हुये। 

Wednesday, October 27, 2021

बेकारी और अशिक्षा के खिलाफ ज्ञान की मशालें जला रहा स्कूल

किताबी शिक्षा के साथ साथ हुनर की ट्रेनिंग भी  


लुधियाना
: 27 अक्टूबर 2021: (कार्तिका सिंह//एजुकेशन स्क्रीन) ::

वर्ष 1962 को पंजाब के अधिकांश लोग चीन के साथ युद्ध के लिए याद करते हैं। उस युद्ध ने कई युवाओं की क़ुरबानी ले ली। इस युद्ध ने कई घरों के चिराग बुझा दिए लेकिन देश के सम्मान, सम्मान और सम्मान की रक्षा के लिए हमें सचेत भी किया। हमारे देश ने अपनी सैन्य ताकत को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाना शुरू कर दिया है। इस युद्ध के जख्मों को अभी तक भुलाया नहीं जा सका है जब देश पर 1965 में पाकिस्तान ने हमला किया था। हमारे शांतिपूर्ण विकास की गति को गहरा आघात पहुंचा है। पड़ोसी देशों ने, भाइयों की तरह, अजनबियों का खून बहाया। दर्द था, दर्द था लेकिन देश की सेनाओं ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

इस दौर ने सभी को झकझौरा भी। इस युद्ध के साथ ही देश के बुद्धिजीवियों को लगा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। युद्ध अपने आप में एक बहुत बड़ी समस्या है। जंग टलती रहे तो बेहतर है। अम्म जनमानस को झंकझोरते हुए साहिर लुधियानवी साहब ने लिखा:

फ़तह का जश्न हो कि हार का सोग; ज़िंदगी मय्यतों पे रोती है;

जंग तो ख़ुद ही एक मसला है;जंग क्या मसलों का हल देगी!

यह पंजाब के बुद्धिजीवियों ने भी महसूस किया। घरों और मैदानों में खोदे गए मोर्चों का दर्द सभी ने महसूस किया। गहरी नींवों जैसे इन मोर्चों में बमबारी से छुपने के लिए छुप कर रातें काटनी पड़ती थीं ,ब्लैक आऊट का ऑर्डर सख्त था। अंधेरों में ज़िंदगी दूभर हो गई थी। उस समय के लोगों ने विनाश का वह समय अपनी आँखों से देखा। सैनिकों की अर्थियां उठती देखीं। घरों में अँधेरा था बाहर भी अँधेरा था। उस समय समझदार लोगों को लगा कि कुछ करना चाहिए। सरकार द्वारा संचालित जवद्दी स्कूल की प्रिंसिपल किरण गुप्ता पुराने समय और बड़ों के उद्धरणों को याद करती हैं तो आज भी बेहद गंभीर हो जाती हैं। वह याद दिलाती हैं पुराणी यादें। जब इस स्कूल का निर्माण हुआ, तब उर्दू अधिक प्रचलित थी। रेकार्ड के वे कागज अभी भी देखे जा सकते हैं। उनमें से इस स्कूल की शुरुआत का वर्ष शायद 1972 है, लेकिन वास्तव में इस स्कूल की शुरुआत के बारे में कई अन्य सबूत हैं जो बताते हैं कि यह स्कूल 1965 में शुरू हुआ था। उसी युद्ध वर्ष में निरक्षरता के खिलाफ युद्ध शुरू हो गया था।

अब जब महंगाई, बेरोजगारी और अंधी सांप्रदायिकता की बुराइयां जोर पकड़ रही हैं और हर तरफ अंधेरा छा रहा है, स्कूल एक बार फिर रास्ता दिखा रहा है। आधुनिक सोच और विज्ञान का लाभ उठाते हुए स्कूल ने स्कूल के छात्रों को नौकरी की तलाश करने और ज़िंदगी में काम आने वाले कौशल की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया है। इस स्कूल के लड़के और लड़कियां कुछ न कुछ सीखते ही रहते हैं जो उन्हें जीवन भर अपनी आजीविका के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहने देगा। 

प्रिंसिपल किरण गुप्ता ने सुबह की प्रार्थना सभा में छात्रों से कहा कि कौशल हासिल करने और जीविकोपार्जन के क्षेत्र में कोई जाति या लिंग भेद नहीं होता है। लड़के सिलाई करना सीख सकते हैं और अच्छे दर्जी बन सकते हैं. दर्जी बन कर अच्छा पैसा कमा सकते हैं। लड़कियां खाना बनाना भी सीख सकती हैं और किसी बड़े होटल का मुख्य रसोइया बन सकती हैं। अब लड़कियां ट्रेनों के इंजन भी चला रही हैं। ट्रक भी चलाए जा रहे हैं। बड़े शहरों में सरकारी बसें भी महिलाएं चलाती हैं। कंडक्टर बनकर बसों में टिकट भी काटती हैं। साफ है कि लड़कियों ने हर क्षेत्र में अपना दमखम दिखाया है। उन्हें मौका देने में कंजूस होने की कोई जरूरत नहीं है। कोई भी धर्म लड़कियों के साथ भेदभाव नहीं सिखाता और न ही कोई कानून। यदि समाज का कोई वर्ग ऐसा करता है तो उसका पुरजोर विरोध होना चाहिए।  

 प्रधानाचार्या मैडम किरण गुप्ता ने कहा कि स्कूल ने वर्षा जल संचयन और संचयन के लिए एक नियमित प्रणाली भी स्थापित की है।  छत से आने वाला बरसात का पानी का अब व्यर्थ नहीं हो रहा है। स्कूल में लगे सिस्टम के कारण यह पानी अब सीधे पृथ्वी में चला जाता है।  यह सिस्टम पृथ्वी के घटते जा रहे जल स्तर को बनाए रखने में योगदान देता है। धुंआ रहित चूल्हे भी लकड़ी पर चलते हैं। जिस पर मध्याह्न भोजन बनाया जाता है ताकि बच्चे भोजन या पोषण से वंचित न रहें।

लुधियाना के विकास के लिए यहाँ की लाईफ लाईन के तौर पर जाने जाते पंजाब के मंत्री भारत भूषण आशु ने स्कूल की प्रगति के लिए बहुत सहयोग दिया है। इसके लिए श्रीमती ममता आशु ने भी पूरी सक्रियता दिखाई है। कम्प्यूटर लैब का जीर्णोद्धार कराया, जो बहुत महत्वपूर्ण था। वाटर कूलर और अन्य उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। इंगलिश बूस्टर क्लब हर सप्ताह ब्लॉक लुधियाना में प्रथम स्थान प्राप्त करता है। उन्होंने लुधियाना जिले में दो बार टॉप किया है। शिक्षक महोत्सव के दौरान भी उन्होंने कई स्थान हासिल किए हैं। प्रखंड में चार और जिले में दो पद हासिल किए। 

एनएमएमएस के साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी अपना  काफी नाम बनाया। सं 2020 में छह स्थान हासिल किए। 2021 में भी एक मुकाम हासिल किया। कई और प्रतियोगिताएं थीं जिनकी चर्चा जल्द ही एक अलग पोस्ट में की जाएगी। सं 1965 में बनी इस इमारत के ज़्यादातर कमरों में बल्लियां और गाडर हुआ करते थे। उनके बीच पांच कमरों की लालटेन मिली है। 2020-21 के दौरान छह नए कमरे मिले। एक भोजन कक्ष भी बनाया गया था। एक विज्ञान प्रयोगशाला भी बनाई गई थी।

वर्तमान परिस्थितियों में, स्कूल ने अपने कर्मचारियों और छात्रों का समर्थन करने में काफी प्रगति की है। कहा जा सकता है कि हम किसी से कम नहीं हैं। बाबा नजमी की दो पंक्तियां को भी याद करते हुए:

* पत्रकार कार्तिका सिंह का ईमेल है: kartikasingh999@gmail.com व्हाट्सएप: +919417242529 

Thursday, July 15, 2021

सरकारी स्कूलों में और सहूलतें मुहैया करवाने के लिए और फंड

 Thursday 15th July 2021 at 10:38 PM

पंजाब सरकार ने  6.43 करोड़ रुपए मंज़ूर-विजय इंदर सिंगला

832 सरकारी स्कूलों के स्मार्ट क्लासरूमों में पेंट भी नया होगा 
कायाकल्प के लिए कई और नए काम भी होंगें 
इन पर खर्चे जाएंगे  ख़र्चे जाएंगे 73.38 लाख रुपए-स्कूल शिक्षा मंत्री
चंडीगढ़: 15 जुलाई 2021: (गुरजीत बिल्ला//एजुकेशन स्क्रीन)::
शिक्षा मंत्री विजय सिंगला
स्कूल शिक्षा मंत्री पंजाब श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार लाने के लिए लगातार ज़रुरी फंडों की व्यवस्था यकीनी बनाई जा रही है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि लगभग 13,000 सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में तबदील करने के इलावा, राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र की प्रभावशाली गतिविधियों के लिए अन्य सहूलतें देने और स्कूलों की छवि को आकर्षक बनाने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट स्कूल प्रोजैक्ट के अंतर्गत राज्य भर के सर्वोत्त्म स्कूलों में फाटकों के निर्माण और नवीनीकरण और रिसैपशन एरीए के निर्माण के लिए 6.43 करोड़ रुपए की राशि की ग्रांट को मंज़ूर किया गया है।
श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि हाल ही में नये स्मार्ट क्लासरूमों के लिए 117 करोड़ रुपए का बजट पहले ही मंज़ूर किया जा चुका है और अब शिक्षा विभाग की तरफ से 832 सरकारी स्कूलों के स्मार्ट क्लासरूमों के पेंट और अन्य नवीनीकरण कामों के लिए 73.38 लाख रुपए की अतिरिक्त ग्रांट देने का फ़ैसला किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि विभाग की तरफ से सरकारी स्कूलों के अन्य 14,853 क्लासरूमों में इसी तरह के कामों के लिए भी जल्द ही 4.46 लाख की ग्रांट जारी की जायेगी। उन्होंने आगे कहा कि इन ग्रांटों के उचित प्रयोग के लिए समूह जि़ला शिक्षा अधिकारियों को ज़रूरी हिदायतें पहले ही जारी कर दीं गई हैं। शिक्षा विभाग की तरफ से जि़ला शिक्षा अधिकारियों को हिदायत की गई है कि वह स्मार्ट क्लासरूमों के दरवाजों और खिड़कियों पर पेंट और प्रोजैक्टरों की सुरक्षा सम्बन्धी ज़रुरी कामों को यकीनी बनाएं।
श्री सिंगला ने बताया कि राज्य भर में से सबसे बढिय़ा 735 सरकारी स्कूलों का चयन किया गया है और इन स्कूलों में रिसैपशन एरीए का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि रिसैपशन एरीए का प्रयोग माता-पिता और अन्य व्यक्तियों के लिए आतिथ्य और मीटिंग रूम के तौर पर किया जायेगा जिससे क्लासों को परेशान किये बिना उनको स्कूल में उपलब्ध सहूलतों के प्रति जागरूक किया जा सके।