Sunday, August 11, 2013

शिक्षकों को गैर शैक्षिक प्रयोजनों के लिए तैनात नहीं किया जाना चाहिए

11-अगस्त-2013 17:56 IST
राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने की स्पष्ट सिफारिश
रोष व्यक्त करते टीचर (तस्वीर द ट्रिब्यून से साभार
मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. शशि थरूर ने कहा है कि 2009 के राष्ट्रीय शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अनुसार किसी भी शिक्षक को जनगणना, आपदा राहत ड्यूटी अथवा स्थानीय निकायों या राज्य विधान मंडल या संसद के चुनावों से संबंधित ड्यूटी को छोड़ कर किसी अन्य गैर शैक्षिक प्रयोजन के लिए तैनात नहीं किया जा सकता। 
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने भी सिफारिश की है कि मतदान केंद्रों के प्रबंधन और सर्वेक्षणों आदि के लिए आंकड़े एकत्र करने जैसे अनेक प्रकार के गैर शैक्षिक कार्यों में शिक्षकों को तैनात करने से शिक्षण के लिए समय में कटौती होती है और शिक्षकों के व्यावसायिक स्तर को कम करके आंका जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों में अन्य श्रेणियों के सरकारी कर्मचारियों को लगाया जा सकता है या इन प्रयोजनों के लिए विशेष रूप से कर्मचारी नियोजित किए जा सकते हैं। शिक्षकों पर ऐसे दायित्वों का बोझ कम किया जाना चाहिए। यह जानकारी मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री श्री शशि थरूर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी। (पीआईबी)
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वि. कासोटिया/देवेश/संगीता/राजीव/बेसरा-5430


लुधियाना के कालेज में रही तीज की धूम 

मेहनत, जज्बे और बहादुरी की एक सच्ची कहानी



Saturday, August 10, 2013

लुधियाना के कालेज में रही तीज की धूम

मास्टर तारा सिंह मेमोरियल कालेज में हुआ रंगारंग कार्यक्रम
लुधियाना: 8 अगस्त; 2013: (रेक्टर कथूरिया/पंजाब स्क्रीन): तीज का त्योहार इस बार भी हर तरफ हर्षो उल्लास और धूमधाम से मनाया गया इस सम्बन्ध में एक शानदार कार्यक्रम लुधियाना के मास्टर तार सिंह मेमोरियल कालेज में भी हुआ हर बार की तरह इस बार भी कॉलेज में सजी-धजी मुटियारें हर तरफ मस्ती, डांस और पंजाबी गानों की धूम से  पूरे माहौल को संगीत और डांस के जादू से यादगारी बना रहीं थीं। कार्यक्रम के दौरान कुछ अलग सा ही नजारा था मास्टर तारा सिंह मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन का। गौरतलब है कि इस बार कालेज में तीज कार्यक्रम के साथ-साथ फ्रेशर पार्टी का भी आयोजन किया गया। आसमान में आँख मिचोली खलते बादल, सावन की फुहारें, सजी-संवरी, झूला-झूलतीं पंजाबी पहरावे में मोहक लगती मुटियारें तो कहीं मेंहदी रचाती लड़कियां हरव तरफ एक अलग सा रंग था। कहीं रंग-बिंरगी चूडिय़ों की खनखनाहट सुने दे रही थी तो कहीं मुटियारों के सिर पर सजी संतरंगी चुन्नियां और सगी-फूल टीका कोका भूले बी इसरे पंजाब के याद ताज़ा करा रहे थे। वातवरण में गूंजती पंजाबी लोक धुनें और गिद्दे की धमक ने मंच पर एक बार तो वही पंजाब रच दिया था जो अब तेज़ी से लुप्त होता जा रहा है।
        हर तरफ रंग था, जोश था, उत्साह था और आधुनिकता के साथ साथ अपनी परम्परा को अपने साथ बनाये र्ख्न्र का दृढ़ संकल्प भी था पंजाब की परम्परा को दिखाती पंजाबी ड्रेस और आधुनिक जमाने के साथ कदम मिलाने का जोश दिखाती वेस्टर्न ड्रेस में सजी लड़कियां अपनी परफार्मेंस देने का इंतजार कर रही थीं। 
अपने टीवी के अतीत को एक बार फिर ज्वलंत करती तेजिन्द्र कौर और उसकी टीम की सदस्याएं अपने मनमोहक बोलों और खनखनाती सुरीली आवाज़ के साथ दर्शकों को शुरू से लेकर अंत तक बांधे रखने में कामयाब रहीं दर्शक और श्रोता मन्त्र मुग्ध हुए नजर आ रहे थे जैसे उन पर किसी ने जादू कर दिया हो। संगीत का जादू, मस्ती का जादू, कुछ बन दिखाने का जोश, कुछ कर दिखाने का संकल्प---तीज के बहाने से इन छात्रायों में छुपी कला और आगे बढने की ललक पंख लगा कर बाहर आ रही थी। सुनिश्चित है की अगर यह कार्यक्रम न हुआ होता तो उह कला अंतर मन के किसी कोने में लगातार छुपी की छुपी ही रह जाती
         इस मौके पर कॉलेज प्रबंधक कमेटी के प्रधान स्वर्ण सिंह तथाप्रबंधक कमेटी के ठेकेदार कंवलइंद्र भी मौजूद रहे।  कॉलेज प्रिंसीपल प्रवीण कौर चावला ने जहाँ तीज के महत्व की चर्चा की वहीँ नई छात्रयों को सुस्वागतम भी कहा मिस तीज और मिस फ्रेशर प्रतियोगिता भी करवाई गई। जिसमें तियां दी रानी अर्शदीप कौर, कुड़ी पंजाबण हरमनदीप कौर बनीं तथा कुड़ी मजाजण का ताज नवदीप कौर के सिर सजा। नए आए स्टूडेंट्स के लिए मिस फ्रेशर ऐश्वर्या बनी, फस्र्ट रनरअप शिफाली और सेकेंड रनरअप हरप्रीत कौर बनीं। सभी विजेताओं को प्रधान स्वर्ण सिंह, कंवलइंद्र सिंह ठेकेदार और प्रिंसीपल प्रवीण कौर चावला ने सम्मानित किया।

लुधियाना: हर्षो-उल्लास से मनाया गया तीज का त्यौहार 

लुधियाना के कालेज में रही तीज की धूम 

Wednesday, August 7, 2013

भारतीय आर्थिक सेवा/भारतीय सांख्‍यिकी सेवा परीक्षा

06-अगस्त-2013 20:41 IST
परीक्षा, 2012 के परिणाम घोषित
संघ लोक सेवा आयोग द्वारा दिसम्‍बर, 2012 में आयोजित भारतीय आर्थिक सेवा/भारतीय सांख्‍यिकी सेवा परीक्षा, 2012 की लिखित परीक्षा और तत्‍पश्‍चात् जून, 2013 में हुए व्‍यक्तित्‍व परीक्षण के परिणामों के आधार पर भारतीय आर्थिक सेवा के लिए 31 उम्‍मीदवारों, जिनमें 16 सामान्‍य (पीएच - 2 के 01 सहित), 08 अन्‍य पिछड़ा वर्ग, 05 अनुसूचित जाति और 02 अनुसूचित जनजाति के उम्‍मीदवार शामिल हैं, की योग्‍यताक्रम में अनुशंसा 31 रिक्तियों (जिनमें 16 सामान्‍य, 08 अन्‍य पिछड़ा वर्ग, 05 अनुसूचित जाति और 02 अनुसूचित जनजाति) के प्रति की गई है जिनमें पीएच-2 और पीएच-3 प्रत्‍येक के लिए के लिए आरक्षित 01 रिक्ति भी शामिल है और भारतीय सांख्‍यिकी सेवा के लिए 21 उम्‍मीदवारों, जिनमें 10 सामान्‍य, 09 अन्‍य पिछड़ा वर्ग, 02 अनुसूचित जाति के उम्‍मीदवार शामिल हैं, की योग्‍यताक्रम में  अनुशंसा 38 रिक्तियों (जिनमें 16 सामान्‍य, 07 अन्‍य पिछड़ा वर्ग, 10 अनुसूचित जाति और 05 अनुसूचित जनजाति) के प्रति की गई है जिसकी सूची संलग्‍न है जिनमें पीएच-1 के लिए 02 और पीएच-3 के लिए आरक्षित 1 रिक्ति भी शामिल है।

2.    अनुक्रमांक 4071 और 5575 (भारतीय आर्थिक सेवा) तथा 1957 एवं 7731 (भारतीय सांख्‍यिकी सेवा) वाले उम्मीदवारों की उम्मीदवारी अनंतिम है ।

3.    सूची में नाम के समक्ष दिए गए आंकड़े उम्‍मीदवारों की अनुक्रमांक को दर्शाते हैं ।

4.    संघ लोक सेवा आयोग के परिसर “सी गेट” के नजदीक एक “सुविधा केन्द्र” है । उम्मीदवार इस केन्द्र से अपनी परीक्षा/भर्ती के संबंध किसी भी प्रकार की जानकारी/स्‍पष्‍टीकरण कार्य दिवसों में प्रात: 10.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक स्वयं आकर अथवा दूरभाष संख्या 011-23385271/011-23381125/011-23098543 से प्राप्त कर सकते हैं । परिणाम, संघ लोक सेवा आयोग की वेबसाइट http://www.upsc.gov.in  पर भी उपलब्ध  होगा । जिन उम्‍मीदवारों ने अर्हता प्राप्‍त नहीं की है उनके अंक पत्रक आयोग की वेबसाइट पर अंतिम परिणाम की घोषणा के 15 दिनों के अंदर प्रदर्शित कर दिए जाएंगे और  ये 45 दिनों की अवधि के लिए वेबसाइट पर उपलब्‍ध रहेंगे । 


भारतीय आर्थिक सेवा परीक्षा 2012
क्र.सं. अनुक्रमांक   नाम                 
1.        86             साकेत मालवीय
2.      2708             राहुल कुमार राकेश
3.      9503             अंशु शेरावत
4.      7523              अनुश्री राहा
5.     12305             आकांक्षा अरोड़ा
6.      8398              दिव्‍या शर्मा
7.      6550              सात्‍विक देव
8.      2379             आरती एल आर
9.      1196             राघव भट्ट
10.     8867             शालिनी गुप्ता
11.     1551             रीमा जैन
12.    13045             प्रेरणा साही
13.    11760             गौरव कुमार झा
14.     6181             एम राहुल
15.     6825             शालिनी महाजन
16.    10172             नेहा यादव               
17.     8395             विजित कृष्णन के                                
18.    10005             अमित साहू              
19.    14514             पुनीत कुमार       
20.     5575             नीरज कुमार       
21.    4195             सतिंदर कुमार            
22    4071             शिंदे आशीष अशोक
23.     6607             कामिनी तांडेकर          
24.     7118             हरीश कुमार कल्‍लेगा
25.    2319             दीपक कुमार दास         
26.     6420             रबि रंजन               
27.     7276             जगदीश कुमार           
28.    1772             गौरव कटियार            
29.     7186             विजय कुमार       
30.     7132              पौसियानमुआंग तुंगलुट     
31.    10680             एनजी यिरमायई          

भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा 2012

क्र.सं. अनुक्रमांक नाम                      
1.      2431             मोनिका कुमावत                
2.      7139             सृजन आचार्य
3.       420             अर्चना शुक्ला
4.      2318             गुंजन वर्मा                    
5.      1678             अक्सा इलाही
6.      2621             रिंकी गुप्ता
7.      1036             गायकवाड़ कीर्ति नंदकिशोर
8.      3961            रॉनी जोस कोक्‍काड
9.      3323            पुष्‍पेन्‍द्र सिंह
10.     7988           मानवी अग्रवाल
11.    3073             पल्लवी अग्रवाल
12.     1957             शिव बालक वर्मा                
13.     5633             सचिन कुमार यादव       
14.     7725             नवदीप सिंह             
15.     1606             दीपक कुमार               
16.     1815           विकास निगम
17.       39            कुवर आलोक सिंह यादव         
18.     7731             ऋतु                          
19.     3426             सुनील कुमार पटेल        
20.     6134             जितेंद्र कुमार वर्मा              
21.     7474        विनीश पी पी
            
     संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आज यहां जारी एक प्रेस नोट में यह जानकारी दी गई है।
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वि.कासोटिया/सुधीर/मनोज-5344

Sunday, June 23, 2013

मेहनत, जज्बे और बहादुरी की एक सच्ची कहानी

इस बेटी के ज़ज्बे को सलाम
पत्रकार राजीव गुप्ता ने दिलाई एक वीरांगना को बाल विवाह के बंधन से मुक्ति 
पढाई का सारा खर्च दूसरे के खेतों मे मजदूरी कर उठाया
वर्तमान समय में बब्बी कुमारी दिल्ली स्थित जवाहरलालनेहरू विश्वविद्यालय से सोशियोलोजी की छात्रा हैं और इस समय ग्रीष्मावकास और वृद्ध पिता जी की तबियत ठीक न होने के कारण इन दिनों देवरिया जिले के साहबाज़पुर गाँव में अपने घर आयीं हुई हैं. इन्होने सपने मे भी नही सोचा था कि परिवार और समाज के चलते इतनी मुसीबतों का सामना करना पडेगा. दरअसल परिवार और समाज़ के दबाव के चलते इनका विवाह उस समय हुआ था जब यें बारहवीं कक्षा की छात्रा थी. परंतु पढने की ललक के चलते उस समय इन्होनें विवाहोपरांत ससुराल जाने से मना कर दिया परिणामत: ‘गवना’ की र को कुछ दिनों के लिये टाल दिया गया. इन्होने अपने पति जो कि एक अनपढ हैं और कमाने के लिये शुरू से ही शहर मे रहते थे, से अपनी पढने की इच्छा जतायी तो उन्होने किसी भी प्रकार की सहायता देने के लिये मना कर दिया. परंतु इस बहादुर बेटी ने हार न मानने की ठान ली. माता-पिता की अस्वस्थता और उनकी निर्धनता के चलते इन्होने अपने स्नातक की पढाई का सारा खर्च दूसरे के खेतों मे मजदूरी कर उठाया. बहन की पढने की इस लगन को देखकर इनके बडे भाई जो कि उस समय खुद पढाई करते थे, ने अपनी बहन को दूसरे के खेत में मजदूरी के लिये जाने हेतु मना कर खुद मजदूरी करने लग गये. बहन-भाई की इस मेहनत का परिणाम सकारात्मक आया. कालंतर में बब्बी कुमारी का स्नातकोत्तर हेतु
राजीव गुप्ता
जवाहरलालनेहरू विश्वविद्यालय के सोशियोलोजी कोर्स मे चयन हो गया और बब्बी कुमारी जे.एन.यू. चली गयी. जब इनकी ससुराल वालों को बब्बी कुमारी की इस सफलता के बारे में पता चला तो उन्होने ‘गवना’  के लिये समाज की सहायता से इनके परिवार वालों के ऊपर दबाव बनाना शुरू किया परंतु बब्बी कुमारी और इनके भाई मुन्ना किसी भी प्रकार के दबाव के आगे नही झुके. बब्बी कुमारी बताती है कि जे.एन.यू. जाने के बाद जब तक छात्रावास नही मिला तब तक यह वहाँ के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक छात्रा के साथ कुछ दिनों तक रही. नम आँखों से बब्बी कुमारी ने बताया कि उनके साथ ऐसा समय कई बार आया जब इनके पास न्यूनतम कपडे तक नही होते थे और आर्थिक तंगी से परेशान होकर एक बार तो इन्होने आत्महत्या तक विचार बना लिया था परंतु इन्होने अपनी गरीबी को ही अपनी असली ताकत बनाने की सोचा. कुछ महीने बाद इन्हे छात्रावास मिला तथा छात्रावृत्ति भी मिलने लगी और आगे की पढाई का मार्ग प्रशस्त हुआ. इन्होने अपने पति से कई बार आर्थिक मदद के लिये कहा परंतु हर बार वो मना कर देता था. हारकर इन्होने भविष्य में अपने पति से कोई रिश्ता न रखने के लिये कहा तो उसने कुछ पैसे भेजें. इनकी आर्थिक–स्थिति को इनके साथ रहने वाली मित्र से जब नही देखा गया तो वह आगे आयी और इनकी हर प्रकार की सहायता की.
जे.एन.यू के एम.फिल की प्रवेश परीक्षा देकर ये अपने गाँव चली आयी. इनके गाँव आते ही इन्हे जबरदस्ती ससुराल ले जाने के लिये इनके ससुराल वालें कई लोगों के साथ इनके घर आ धमके. परंतु जब इनके भाई और इन्होने अपने ससुराल वालों के इस कृत्य का विरोध किया तो सैकडों गाँव वालों और खाप पंचायत के सामने अनुसूचितजाति-समाज की इस बेटी को खीँचकर ले जाने की कोशिश की गई परंतु इनके भाई के अलावा किसी ने भी इस कृत्य को रोकने की हिम्मत नही दिखायी. चिंतन-मनन के पश्चात किसी प्रकार वहाँ उपस्थित लोगों से इन्होने अगले दिन तक का समय मांगा और दिल्ली स्थित एक स्वतंत्र पत्रकार राजीव गुप्ता को फोनकर अपनी सारी स्थिति बताते हुए मदद मांगी. बस यही से इस पूरे घटनाक्रम मे तेज़ी से बदलाव आया. अगली सुबह ही जिला उप-जिलाधिकारी श्री दिनेश गुप्ता के संज्ञान मे सारा विषय आ गया और प्रशासन के सकारात्मक सहयोग और दूरदर्शिता के चलते दोनों परिवारवालों के बीच विवाह-खत्म करने की सहमति बनी. समाज-उपेक्षा से बब्बी को तो अब मुक्ति मिल जायेगी परंतु अभी भी बब्बी कुमारी की आर्थिक समस्या मुँह बाये खडी है फिर भी बब्बी कुमारी ने नेट, जे.आर.एफ जैसी छात्रवृत्ति पाने की आशा रखते हुए प्रशासनिक सेवा में जाने का अब मन बना लिया हैं.  
राजीव गुप्ता, स्वतंत्र पत्रकार , 09811558925             
इस बेटी के ज़ज्बे को सलाम

Thursday, June 6, 2013

भोपाल में अटल बि‍हारी वाजपेयी हि‍न्‍दी वि‍श्‍ववि‍द्यालय

06-जून-2013 17:02 IST
राष्‍ट्रपति‍ नेरखी आधारशि‍ला 
राष्‍ट्रपति‍श्री प्रणब मुखर्जी ने आज भोपाल में अटल बि‍हारी वाजपेयी हि‍न्‍दी वि‍श्‍ववि‍द्यालय की आधारशि‍ला रखी। 
श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि‍सरकार तथा जनता के बीच भाषा की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। सामाजिक कल्याण तथा विकास के कार्यक्रमों की सफलता भाषा पर निर्भर करती है। इसलिए हमें हिंदी तथा क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देना चाहिए। हमारे राष्ट्र को जोड़ने में हिंदी का अह्म योगदान है। यह भारत की सामाजिक तथा सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। 

राष्‍ट्रपति‍महोदय ने कहा कि‍समाज और राष्ट्र के विकास में शिक्षा की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं और बच्चों के प्रति बढ़ते अपराध अत्‍यंत चिंता का वि‍षय हैं। इसके अलावा, हमारे समाज को आत्मचिन्तन करते हुए नैतिकता में हो रहे पतन को भी रोकने की जरूरत है। हमारे विश्वविद्यालयों को नैतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक अभियान चलाना होगा। उन्‍होंने कहा कि‍हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे युवाओं में देश के प्रति प्रेम; दायित्वों का निर्वाह; सभी के प्रति करुणा; भिन्नताओं का सम्मान; महिलाओं और बुजुर्गों का आदर; जीवन में सच्चाई और ईमानदारी; आचरण में अनुशासन तथा कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी की भावना हो। 

श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि‍2010-20 के दशक को अभि‍नव प्रयोग का दशक घोषि‍त कि‍या गया है। उन्‍होंने कहा कि‍पिछले महीने, मुझे उत्तर प्रदेश और असम के दो केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इनोवेशन क्लबों के उद्घाटन का अवसर मिला। उन्‍होंने कहा कि‍ मैंने विश्वविद्यालयों में आयोजित प्रदर्शनियों को भी देखा। उन्‍होंने वि‍श्‍ववि‍द्यालय से आग्रह कि‍या कि‍वह अपने यहां भी नवान्वेषण संस्कृति शुरू करने के लिए पहल करे। 

इस अवसर पर 'अटल संवाद' नामक एक न्‍यूज़लेटर भी जारी कि‍या गया, जि‍सकी पहली प्रति‍राष्‍ट्रपति‍महोदय को भेंट की गई। (PIB)

वि. कासोटिया/अरुण/मनीषा-2659

Saturday, May 4, 2013

सिविल सेवा परीक्षा 2012 के महत्‍वपूर्ण मुख्‍य बिंदु

03-मई-2013 20:11 IST
2,71,422 उम्‍मीदवार ही परीक्षा में शामिल हुए थे
संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2012 के अंतिम परिणाम 3, मई 2013 दिन शुक्रवार को घोषित कर दिये। इन परिणामों के महत्‍वपूर्ण मुख्‍य बिंदु निम्‍नलिखित हैं: 
• सिविल सेवा परीक्षा (प्राथमिक) 2012, 20 मई 2012 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में आवेदन करने वालों की 5,36,506 की संख्‍या एक कीर्तिमान था, जिसमें से वास्‍तव में 2,71,422 उम्‍मीदवार ही परीक्षा में शामिल हुए थे। 
• अक्‍टूबर 2012 में होने वाली मुख्‍य लिखित परीक्षा के लिए 13,092 उम्‍मीदवारों को सफल घोषित किया गया जिसमें से 2674 उम्‍मीदवारों का चयन मार्च-अप्रैल 2012 में होने वाले व्‍यक्तित्‍व परीक्षण के लिए किया गया। अंत में 998 उम्‍मीदवारों (753 पुरूष और 245 महिलाएं) की 1091 रिपोर्ट की गई रिक्तियों के समक्ष भारतीय प्रशा‍सनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और अन्‍य केन्‍द्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसा की गई। वर्तमान में खाली बची 92 रिक्तियां सामान्‍य मानकों से सफल होने वाले आरक्षित उम्‍मीदवारों के लिए हैं। सेवा आंवटन के लिए यह उम्‍मीदवार विकल्‍प के आधार पर निर्भर करेंगे, यह रिक्तियां आयोग द्वारा बनायी जाने वाली आरक्षित सूची से अनुशंसित उम्‍मीदवारों द्वारा भरी जायेंगी। 

• शीर्ष स्‍थान पर एक महिला उम्‍मीदवार सुश्री हर्षिता वी. कुमार (रोल नम्‍बर 075502) हैं। उन्‍होंने केरल विश्‍वविद्यालय से बी.टेक किया है। यह उनका चौथा प्रयास था। 

• दूसरे स्‍थान पर श्री वी. श्रीराम (रोल नम्‍बर 494891) रहे। वह केरल विश्‍वविद्यालय से एमबीबीएस हैं। यह उनका दूसरा प्रयास था। 

• तीसरा स्‍थान भी एक महिला सुश्री स्‍तुति चौहान (रोल नम्‍बर 038970) ने ही हासिल किया। उन्‍होंने जोधपुर विश्‍वविद्यालय से बीएससी किया और दिल्‍ली के आईआईपीएम से कार्मिक और विपणन प्रबंधन में स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा किया है। यह उनका तीसरा प्रयास था। 

• सामान्‍य, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सभी में शीर्ष स्‍थान महिलाओं ने ही हासिल किया है। शीर्षस्‍थ 25 उम्‍मीदवारों में 13 पुरूष और 12 महिलाएं हैं। 

• इस परीक्षा में सफल हुए उम्‍मीदवार एक अखिल भारतीय विभाजन की प्रदर्शनी भी है। शीर्षस्‍थ 25 उम्‍मीदवारों में वह उम्‍मीदवार हैं जो अपने आपकों को बारह राज्‍य/ केन्‍द्र शासित प्रदेशों के निवसी होने के रूप में दावा कर सकते हैं अर्थात आन्‍ध्र प्रदेश, बिहार, चण्‍डीगढ़, दिल्‍ली, हरियाणा, जम्‍मु-कश्‍मीर, कर्नाटक, केरल, महाराष्‍ट्र, राजस्‍थान, तमिलनाडु और उत्‍तर प्रदेश। 

• जीवन के सभी क्षेत्रों जैसे किसान, अध्‍यापक, व्‍यवसायी, सरकारी कर्मचारी, डॉक्‍टर, वकील, प्रोफेसर और सिविल सेवा से आने के कारण शीर्षस्‍थ 25 उम्‍मदवारों की पारिवारिक पृष्‍ठभूमि विविधतापूर्ण प्रतिनिधित्‍व दर्शाती है। 

• शीर्षस्‍थ 25 उम्‍मीदवारों में से 6 अपने पहले प्रयास में वरीयता सूची में थे, 9 दूसरे प्रयास में वरीयता सूची में थे, 8 तीसरे प्रयास में और चौथे और छठे प्रयासों में एक एक उम्‍मीदवार वरीयता सूची में थे। 

• शीर्षस्‍थ 25 उम्‍मीदवारों में 12 दिल्‍ली से थे; 4 तिरूवंनतपुरम, दो-दो चैन्‍नई और हैदराबाद से और एक-एक जम्‍मु, मुम्‍बई, जयपुर, चण्‍डीगढ और इलाहाबाद केन्‍द्र से थे। 

वि.कसोटियाध्/ महेश राठी- 2220

Friday, May 3, 2013

जाली प्रमाण पत्र के आधार पर प्रवेश

03-मई-2013 15:29 IST
एमबीबीएस में प्रवेश प्राप्‍त करने के दो मामले सरकार के नोटिस में
स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्याण मंत्री श्री गुलाम नबी आजाद ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्‍तर में बताया कि 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा के अंतर्गत वर्ष 2010-11 में जाति संबंधी जाली प्रमाण पत्र के आधार पर राजस्‍थान में जयपुर मेडिकल कॉलेज और गुजरात में अहमदाबाद मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश प्राप्‍त करने के दो मामले सरकार के नोटिस में आए हैं। लेकिन डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया को इस तरह का कोई मामला नहीं मिला है। 

मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश से संबंधित शिकायतों को उचित कार्रवाई के लिए संबंधित कॉलेज, राज्‍य सरकार तथा भारतीय चिकित्‍सा परिषद को भेज दिया गया है। 

उच्‍चतम न्‍यायालय के निर्देशों के अनुसार प्रत्‍येक राज्‍य में प्रवेश और फीस ढांचे के निर्धारण से संबंधित समिति है, जो फीस के ढांचे पर तथा प्रवेश प्रक्रिया की निष्‍पक्षता और पारदर्शिता पर नजर रखती है। (PIB)

मीणा/राजगोपाल/तारा – 2200