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Wednesday, March 29, 2023

अब प्रोफेसर रेणु चीमा विग पंजाब विश्वविद्यालय की नई कुलपति

प्रविष्टि तिथि: 29 MAR 2023 4:32 PM by PIB Delhi  

कुलपति नियुक्त किया उपराष्ट्रपति ने


चंडीगढ़: 29 मार्च 2023: (पीआईबी//एजुकेशन स्क्रीन)::

प्रोफेसर राज कुमार की तरफ से पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति पद से इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुए इस पद पर अब नई नियुक्ति कर दी गई है। उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़, जो कि पंजाब विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं, ने आज प्रोफेसर (डॉ.) रेणु चीमा विग को पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति नियुक्त किया। वर्तमान में वे डीन ऑफ यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन (डीयूआई) हैं। 

श्री धनखड़ ने पंजाब विश्वविद्यालय अधिनियम- 1947 की धारा 10 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए प्रोफेसर विग की नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि के लिए की है।

इससे पहले प्रोफेसर राज कुमार ने पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद 16 जनवरी, 2023 से प्रोफेसर विग कार्यवाहक कुलपति थीं।

इसके बाद माननीय उपराष्ट्रपति ने पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति के पद के लिए नामों की सिफारिश करने के लिए 21 मार्च, 2023 को तीन सदस्यीय खोज-सह-चयन समिति का गठन किया था। इस समिति की रिपोर्ट के अनुसार प्रोफेसर रेणु विग की नियुक्ति की गई।

वर्तमान में उनके सामने कई चुनौतियाँ भी सम्भव हैं जिनसे निपटना नए वी सी के तौर पर उनके लिए बिलकुल भी कठिन न होगा क्यूंकि यूनिवर्सिटी के मामले में प्रेफ़ेसर रेनू बेहद अनुभवी हैं। इस मामले में उनकी कार्यकुशलता की तारीफ अक्सर की जाती है। 

***** एमजी/एमएस/एआर/एचकेपी/वाईबी

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Sunday, February 20, 2022

युवाओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया मतदान में

नई सरकार के गठन में भी होगी महत्वपूर्ण भूमिका

चंडीगढ़
//लुधियाना: (कार्तिका सिंह//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
इस बार कौन जीतेगा यह तो अब दस मार्च को ही पता चलेगा लेकिन इस बार मुकाबिला बहुकोणीय था। अनुमान लगाना आसान भी नहीं था। शायद इस बार एग्जिट पल वाले लोग भी इस चक्रव्यूह में चकरा जाएं। लेकिन एक बात पक्की है कि युवाओं में इस बार काफी उत्साह रहा। बहुत से लड़के लड़कियां ऐसे थे जिन्होंने पहली बार वोट डाल कर नई सरकार के चुनाव में अपना योगदान दिया। तकरीबन हर जगह युवाओं  पर उत्साह दिखा। क्रांति के लिए बंदूक की बात  को नकारते हुए इन लोगों ने लोकतान्त्रिक प्रक्रिया को पहल दी। अम्न को पहल दी। शांति को पहल दी। गुंडागर्दी और बाहुबल के प्रयोग को भी नकारा। पंजाब के युवाओं ने शांति प्रक्रिया के रस्ते को चुना है। 
लुधियाना के युवाओं में भी इस बार मतदान का जोश और उत्साह बहुत बड़े पैमाने पर देखने को मिला। पहली बार वोट डालने के लिए सम्मान निशानी के तौर पर मिला सर्टिफिकेट एक उपलब्धि की तरह था। इस  
प्रमाणपत्र को पा कर इनकी आंखों में एक नई सी चमक देखने को मिली। आज के वोटर ही भविष्य के विधायक और सांसद बन क्र सरका को भी चलाएंगे। युवाओं का इस जोशोखरोश के साथ आगे आना साबित करता है कि अब वृद्ध हो चुके नेताओं का ज़माना लद रहा है। 
उन्हें अपने घरों में बैठ कर इन बच्चों का मार्गदर्शन करना चाहिए, सत्ता लोलुपता अब इन बज़ुर्गों को छोड़ देनी चाहिए। यवाओं के लिए स्वयं ही रास्ता खाली कर देना चाहिए। जिन छात्रों से हमारी बात हुई वे बहुत ही मेघावी हैं और गिरगिट की तरह रंग बदलते ज़माने की नब्ज़ अच्छी तरह से पहचानते हैं। यह लोग लाठी से नहीं बुद्धि से काम लेने वाले लोग हैं। निकट भविष्य में कचरे की तरह बन चुके तथाकथि नेताओं को ये लोग अपनी वोट की शक्ति से समाप्त कर देंगें। 
हरमनप्रीत कौर, सुखप्रीत सिंह,कर्ण सिंह, उमा, डिम्पल, चाहत गरचा, गगनप्रीत कौर और अन्य युवाओं ने बहुत सी अच्छी बातें की हैं जिन्हें हम जल्द ही किसी अलग पोस्ट में  आपके सामने रखेंगें। 
 

Wednesday, June 3, 2020

PU की सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द करवाने के लिए नरेश गौड़ मैदान में

3rd June 2020 at 1:22 PM
छात्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के हित में होगा परीक्षा को रद्द करना 
चंडीगढ़//लुधियाना: 3 जून 2020: (कार्तिका सिंह//एजुकेशन स्क्रीन)::
फीस वृद्धि का आंदोलन सफलता पूर्वक विजयी बनाने के बाद अब कामरेड नरेश गौड़ ने नया संघर्ष शुरू किया है जो बहुसंख्यक छात्रों की आवाज़ है। यह नया संघर्ष है परीक्षा रद्द करवाने का संघर्ष। पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) चंडीगढ़ के कुछ पाठ्यक्रमों की फीस वृद्धि के खिलाफ लड़ाई के अपने प्रयासों में सफल होने के बाद, जिसके परिणामस्वरूप पीयू के सिंडिकेट ने अपने फैसले को वापस लेने के लिए मजबूर किया है, पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेटर श्री नरेश गौड़ ने अब एक और काम अपने हाथों में ले लिया है जो छात्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के हित में है "पीयू की परीक्षा रद्द" करने के लिए है। यदि इस परीक्षा को रद्द कर दिया जाता है तो कोरोना काल में डरे सहमे हुए छात्रों के सिर पर लटकती आ रही तलवार हट जाएगी। 
इसका विवरण देते हुए कामरेड नरेश गौड़ ने कहा कि, कोविद महामारी के मद्देनजर, फाइनल सहित सभी सेमेस्टर परीक्षाओं को रद्द करने की याचिका पीयू के कुलपति को दे दी गई है। उन्होंने कहा, डर के इस समय में, चिंता और असुरक्षा के शिकार छात्र परीक्षा में बैठने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं। हाल ही में छात्र नेताओं के एक समूह ने भी श्री  गौड़ से मुलाकात की और परीक्षाओं में उपस्थित होने से संबंधित अपनी चिंताओं को व्यक्त किया। गौरतलब है कि छात्रों की इस भयभीत मानसिकता की बात कोई भी नहीं कर रहा था। 
इस मुद्दे को गहराई से समझाते हुए उन्होंने कहा, छात्रों ने उन्हें अवगत कराया है कि इस महामारी की स्थिति के कारण अधिकांश छात्रों की मानसिक स्थिति स्थिर नहीं है और उन्हें परीक्षा में बैठने के लिए कहना उनके मानसिक तनाव को और बढ़ा देगा। यहां तक कि छात्रों के अभिभावक भी परीक्षा केंद्रों पर अपने वार्ड भेजने को तैयार नहीं हैं। स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्री गौड़ ने वीसी से अनुरोध किया और सुझाव दिया कि छात्रों को अंतिम सेमेस्टर में प्राप्त औसत अंकों के आधार पर ग्रेड दिया जाए। और यदि कोई भी छात्र अपने पिछले प्रदर्शन को सुधारने के लिए परीक्षा में शामिल होना चाहता है, तो उसे इस स्थिति के आधार पर सितंबर, अक्टूबर या नवंबर के महीने में अवसर दिया जा सकता है। उन्होंने कहा, यह फार्मूला महाराष्ट्र सरकार ने अपनाया है, जहां मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को रद्द कर देने का निर्देश दिया है। यदि यही फार्मूला पंजाब में भी अपनाया जाये तो छात्रों की सारी चिंताएं भी दूर हो सकती हैं और उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिलेगी। 
कोरोना के खतरों की चिंता करते हुए श्री गौड़  ने कहा कि जहां परीक्षा न देने से छात्रों का मानसिक बोझ कम होगा, वही इस स्थिति में परीक्षा कर्तव्यों में भाग लेने वाले शिक्षकों को भी बचायेगा, जहां सामाजिक दूरी जैसी सावधानियों का सख्ती से पालन किया जाना है। आगे जहां तक विश्वविद्यालय का संबंध है, यह विश्वविद्यालय के वित्तीय बोझ को कम करेगा, जो पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस लिए इसका फायदा यूनिवर्सिटी को भी होगा। 
इस संबंध में श्री गौड़ ने कहा, उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को आश्वासन दिया कि उनकी भावनाओं को वीसी को पुरजोर तरीके से अवगत कराया जाएगा और आने वाले भविष्य में भी छात्रों की बेहतरी से जुड़े फैसलों के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस अभियान से छात्रों ने सुख की सांस ली है। 
*नरेश गौड़ पीयू चंडीगढ़ की सीनेट के सदस्य हैं और प्रगतिशील आंदोलनों में अक्सर अग्रसर रहते हैं। 

Sunday, May 24, 2020

PU इस वर्ष छात्रों से कोई बढ़ा हुआ शुल्क न ले-नरेश गौड़

24th May 2020 at 4:47 PM
शुल्क बढ़ोतरी पर फैसला होना है 30 मई को सिंडिकेट बैठक में 
लुधियाना: 24 मई 2020: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो):: 
2020-21 के शैक्षणिक सत्र में नए प्रवेशकों के लिए आज के अखबारों में सिंडिकेट पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) द्वारा दिए गए बयान  में,  स्व वित्तपोषित पाठ्यक्रमों पर 7.5% शुल्क और पारंपरिक पाठ्यक्रमों के लिए 5% की बढ़ोतरी के संबंध में जिसका निर्णय  30 मई, 2020 को होने वाली सिंडिकेट की बैठक में लिया जाएगा, के जवाब में, श्री नरेश गौड़, सदस्य सीनेट पंजाब विश्वविद्यालय, जो छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी आवाज उठाने में हमेशा सबसे आगे रहते है, ने अपने पत्र में वाइस चांसलर पीयू से उनके दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा, पोस्ट COVID 19 स्थिति को ध्यान में रखते हुए, जहां पंजाब सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इस वर्ष छात्रों से कोई बढ़ा हुआ शुल्क न लें। वह वाइस चांसलर से अनुरोध करते है कि इस संबंध में एक धर्मार्थ स्वभाव होना चाहिए कि स्व वित्तपोषित और पारंपरिक पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क में  भी कोई वृद्धि नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीयू उन अनगिनत छात्रों के लिए शिक्षा भी प्रदान कर रहा है जो समाज के कमजोर वर्ग से आते हैं, वह समाज जिसने COVID 19 महामारी का खामियाजा किसी और से ज्यादा उठाया है। जहां इन परिवारों के लिए दिन में 2 बार भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है, वे अपने बच्चों की शिक्षा के लिए बढ़ी हुई फीस जमा करने के बोझ से कैसे निपट सकते हैं? एक वाक्यांश का उपयोग करते हुए, "यूथ इज द फ्यूचर ऑफ नेशन" उन्होंने कहा, अगर हम पीयू एक प्रतिष्ठित संस्थान होने के नाते इस कठिन समय में उनके साथ नहीं खड़े हो सकते हैं तो कौन करेगा?

श्री। नरेश गौड़ ने कहा, उनका दृढ़ विश्वास है कि इस संबंध में नेतृत्व करने से हमारा विश्वविद्यालय न केवल अपने सामाजिक सद्भाव को बढ़ाएगा, बल्कि साथ ही पहले से ही बोझ तले दबे हुवे अनगिनत परिवारों के दुखों को कम करेगा।