Monday, March 28, 2022

अंतर्राष्ट्रीय महिला साहित्य उत्सव और सम्मान समारोह

आयोजन कराया कविता कथा कारवां व सीटी यूनिवर्सिटी द्वारा 

आयोजन की कुछ तस्वीरें  
लुधियाना
: 28 मार्च 2022: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो)::
सीटी विश्वविद्यालय (सीटीयू) के सहयोग से साहित्यिक संस्था कविता कथा कारवां (पंजीकृत) (के के के) ने सीटी विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला साहित्य उत्सव-2022 का आयोजन किया। इस अवसर पर सीटीयू के चांसलर चरणजीत सिंह चन्नी मुख्य अतिथि थे। जगराओं की एडीसीपी रुपिंदर कौर विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया, तत्पश्चात प्रसिद्ध भजन गायिका सरोज वर्मा द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।
कविता कथा कारवां की अध्यक्षा डॉ जसप्रीत कौर फलक ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और संगठन के बारे में परिचयात्मक जानकारी प्रदान की। उन्होंने साझा किया कि कविता कथा कारवां की अब कनाडा और भारत के अन्य राज्यों में भी शाखाएं हैं।
सीटीयू के कुलपति डॉ हर्ष सदावर्ती ने कहा कि आज महिलाओं ने जीवन के सभी क्षेत्रों में अपनी योग्यता साबित की है और सभी सम्मान और मान्यता की पात्र हैं।
 मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने "दिशाएं गा उठी हैं" पुस्तक का विमोचन किया।
विशिष्ट अतिथि माननीया रूपिंदर कौर ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशेष क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए महिलाओं की सराहना की और उन्हें साहस के साथ निडर होकर कार्य करने और अपनी क्षमता के अनुसार गतिविधि के अपने चुने हुए क्षेत्र में योगदान करने के लिए प्रेरित किया।
मनिंदर गोगिया ने महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आयोजकों को बधाई दी।
महिला विचार विमर्श सत्र में व्याख्यान और कविताओं के माध्यम से विषय के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। डॉ वंदना गुप्ता (पश्चिम बंगाल), प्रोफेसर मंगला रानी (बिहार), डॉ अन्नपूर्णा सिसोदिया (मध्य प्रदेश), संयोगिता कुमारी (नई दिल्ली), डॉ रविंदर सिंह चंदी (लुधियाना), और डॉ जसप्रीत कौर फलक (लुधियाना) ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। 
 डॉ प्रवीण कुमार (सीटी यूनिवर्सिटी) ने खेल और खेल के क्षेत्र में महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका पर प्रकाश डाला और आयोजन के लिए सीटीयू के चयन के लिए कविता कथा कारवां का आभार व्यक्त किया।
 डॉ वंदना गुप्ता (पश्चिम बंगाल) को सत्र 2022-23 के लिए कविता कथा कारवां के पश्चिम बंगाल चैप्टर के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया और उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
सम्मान सत्र में डॉ वंदना गुप्ता (पश्चिम बंगाल) को सुभद्रा कुमारी चौहान स्मृति सम्मान-2022, प्रो मंगला रानी (बिहार) को मन्नू भंडारी स्मृति सम्मान-2022, डॉ अन्नपूर्णा सिसोदिया (मध्य प्रदेश) को कृष्णा सोबती स्मृति सम्मान-2022 से सम्मानित किया गया। और संयोगिता कुमारी (नई दिल्ली) को साहित्य के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान के सम्मान में महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान-2022 से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जसकीरत सिंह (कनाडा), अंगद (लुधियाना) और अन्य ने अपने रचनात्मक चित्रों, फोटोग्राफी और पुस्तकों का प्रदर्शन करके कार्यक्रम को और शोभा प्रदान की।
 कार्यक्रम का समापन कविता कथा कारवां के सचिव डॉ रविंदर सिंह चंदी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। डॉ राजेन्द्र सिंह साहिल द्वारा मंच की कार्यवाही का संचालन बहुत ही अच्छे ढंग से किया गया।


Wednesday, February 23, 2022

अगलासेम टैलेंट सर्च एग्ज़ाम में लुधियाना की छात्रा रही अव्वल

23rd February 2022 at 6:23 PM

 2021-2022 में पहला राष्ट्रीय रैंक हासिल किया 

लुधियाना: 23 फरवरी 2022: (कार्तिका सिंह//एजुकेशन स्क्रीन)::

छात्राएं तेज़ी से आगे बढ़ती जा रही हैं। हर दिन उनके विकास की रफ्तार तेज़ हो रही है। अब एक और अच्छी खबर आई है लुधियाना से जहां धनुषठा छाबड़ा ने कमल किया है। 

सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल, सराभा नगर, लुधियाना की छात्रा धनुष्ठा छाबड़ा ने एग्लासेम एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा आयोजित की गई अगलासेम टैलेंट सर्च एग्ज़ाम (एटीएसई) 2021-2022 में पहला राष्ट्रीय रैंक हासिल किया है। इसके लिए उन्हें प्रमाण पत्र, स्वर्ण पदक और 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। 
अगलासेम टैलेंट सर्च एग्ज़ाम (एटीएसई) कक्षा 5 से 12 तक के छात्रों के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभा खोज-सह-छात्रवृत्ति परीक्षा है जिसमें छात्रों का उनके विज्ञान और गणित ज्ञान के आधार पर टैस्ट लिया जाता है। 

यह परीक्षा उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपने साथियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और छात्रवृत्ति प्राप्त करने का अवसर देती है जो उन्हें अपने शिक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। प्रत्येक कक्षा के शीर्ष 100 छात्रों को कुल 12.16 लाख रुपये की कुल 800 स्कॉलशिप प्रदान की गई।

Sunday, February 20, 2022

युवाओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया मतदान में

नई सरकार के गठन में भी होगी महत्वपूर्ण भूमिका

चंडीगढ़
//लुधियाना: (कार्तिका सिंह//एजुकेशन स्क्रीन डेस्क)::
इस बार कौन जीतेगा यह तो अब दस मार्च को ही पता चलेगा लेकिन इस बार मुकाबिला बहुकोणीय था। अनुमान लगाना आसान भी नहीं था। शायद इस बार एग्जिट पल वाले लोग भी इस चक्रव्यूह में चकरा जाएं। लेकिन एक बात पक्की है कि युवाओं में इस बार काफी उत्साह रहा। बहुत से लड़के लड़कियां ऐसे थे जिन्होंने पहली बार वोट डाल कर नई सरकार के चुनाव में अपना योगदान दिया। तकरीबन हर जगह युवाओं  पर उत्साह दिखा। क्रांति के लिए बंदूक की बात  को नकारते हुए इन लोगों ने लोकतान्त्रिक प्रक्रिया को पहल दी। अम्न को पहल दी। शांति को पहल दी। गुंडागर्दी और बाहुबल के प्रयोग को भी नकारा। पंजाब के युवाओं ने शांति प्रक्रिया के रस्ते को चुना है। 
लुधियाना के युवाओं में भी इस बार मतदान का जोश और उत्साह बहुत बड़े पैमाने पर देखने को मिला। पहली बार वोट डालने के लिए सम्मान निशानी के तौर पर मिला सर्टिफिकेट एक उपलब्धि की तरह था। इस  
प्रमाणपत्र को पा कर इनकी आंखों में एक नई सी चमक देखने को मिली। आज के वोटर ही भविष्य के विधायक और सांसद बन क्र सरका को भी चलाएंगे। युवाओं का इस जोशोखरोश के साथ आगे आना साबित करता है कि अब वृद्ध हो चुके नेताओं का ज़माना लद रहा है। 
उन्हें अपने घरों में बैठ कर इन बच्चों का मार्गदर्शन करना चाहिए, सत्ता लोलुपता अब इन बज़ुर्गों को छोड़ देनी चाहिए। यवाओं के लिए स्वयं ही रास्ता खाली कर देना चाहिए। जिन छात्रों से हमारी बात हुई वे बहुत ही मेघावी हैं और गिरगिट की तरह रंग बदलते ज़माने की नब्ज़ अच्छी तरह से पहचानते हैं। यह लोग लाठी से नहीं बुद्धि से काम लेने वाले लोग हैं। निकट भविष्य में कचरे की तरह बन चुके तथाकथि नेताओं को ये लोग अपनी वोट की शक्ति से समाप्त कर देंगें। 
हरमनप्रीत कौर, सुखप्रीत सिंह,कर्ण सिंह, उमा, डिम्पल, चाहत गरचा, गगनप्रीत कौर और अन्य युवाओं ने बहुत सी अच्छी बातें की हैं जिन्हें हम जल्द ही किसी अलग पोस्ट में  आपके सामने रखेंगें। 
 

Wednesday, February 16, 2022

NCC कैडेट अरमानदीप कौर ने रौशन किया GCG का नाम

 16th February 2022 at 12:49 PM

सभी प्रतियोगिताएं जीत कर लिया नई दिल्ली की RDC 2022 में भाग

लुधियाना: 16 फरवरी 2022: (कार्तिका सिंह//एजुकेशन स्क्रीन)::

यह लुधियाना में स्थित राजकीय कन्या कालेज के लिए गर्व का क्षण था। गौरमिंट कॉलेज फॉर गर्ल्स, लुधियाना की एनसीसी कैडेट सीपीएल अरमानदीप कौर ने बहुत सी कठिन प्रतियोगिताओं को सफलता से पूरा कर के  आरडीसी, नई दिल्ली 2022 के लिए अपनी विशेष  जगह बनाई। इस छात्रा ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ निदेशालय का प्रतिनिधित्व किया। विभिन्न इंटर बटालियन और इंटर ग्रुप प्रतियोगिताओं के बाद 57 कैडेटों का चयन किया गया था, जिनमें से केवल 7 कैडेट लुधियाना ग्रुप से चुने गए थे और अरमानदीप कौर 3पीबी (जी) बटालियन एनसीसी के तहत नामांकित लुधियाना एकमात्र एसडब्ल्यू कैडेट थीं, जिसे प्रधान मंत्री रैली और सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए चुने जाने का सुअवसर मिला। 

एनसीसी अकादमी, मलौट में आयोजित पहले शिविर के बाद से उसने अपना पूरा दिल और आत्मा प्रशिक्षण में लगा दिया है। शिविर के दौरान, वह सर्वश्रेष्ठ कैडेट प्रतियोगिता, ध्वज क्षेत्र प्रतियोगिता, ड्रिल और सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा थीं। उन्हें SW सेना विंग समूह स्तर में सर्वश्रेष्ठ कैडेट के रूप में चुना गया था। 

इसके बाद रोपड़ में, विभिन्न चयन प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद, वह लुधियाना ग्रुप से आर्मी विंग की एकमात्र एसडब्ल्यू कैडेट थीं, जो आरडीसी 2022 में जगह बनाने में सक्षम हुई। प्रिंसिपल श्रीमती कृपाल कौर और लेफ्टिनेंट जसदीप कौर (एएनओ) ने अरमानदीप कौर को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी। नई ऊंचाइयों को छूकर और छात्रों के लिए महान उदाहरण स्थापित करके अपने संस्थान का नाम रोशन करना  हमेशां याद रहेगा, परिवार को भी और गांव-ज़िले, राज्य व देश को भी।   

Thursday, December 23, 2021

गोवा के विद्यार्थियों ने की हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल से भेंट

23rd December 2021 at 6:22 PM

राज भवन में शैक्षणिक भ्रमण पर आए थे ये छात्र 


शिमला
: 23 दिसंबर 2021: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो)::

छात्र जीवन वास्तव में एक ऐसा सुअवसर होता है जब हमें चहुंमुखी विकास के अवसर निरंतर मिलते हैं। शिक्षा के दौरान हमें वास्तव में ज़िंदगी जीने के तरीके और सलीके आते हैं। कदम कदम पर हमें मार्ग दिखाने वाली शिक्षा सचमुच में कदम कदम पर काम भी आती है। इसी जीवन में मिलते हैं हमें वे लोग जिनसे भेंट आसान नहीं होती।  

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से आज राज भवन में शैक्षणिक भ्रमण पर हिमाचल आए गोवा काॅलेज ऑफ़  फार्मेसी, पंजिम के विद्यार्थियों ने भेंट की।

इस अवसर पर राज्यपाल ने इन विद्यार्थोयों को हिमाचल प्रदेश के इतिहास, भौगोलिक स्थिति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल का वातावरण शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक है। उन्होंने विद्यार्थियांे को हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों और विभिन्न विश्वविद्यालयों की जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल शिक्षा का हब है और यहां साक्षरता दर भी बहुत अच्छी है।

राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 से बचाव उपायों व दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। यह देश का ऐसा प्रथम राज्य है जहां शत-प्रतिशत पात्र आबादी का  कोविड से सुरक्षा के लिए टीकाकरण किया जा चुका है। विद्यार्थियों ने राज्यपाल के साथ शैक्षणिक भ्रमण के दौरान अपने विभिन्न अनुभव साझा किए।

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Wednesday, December 8, 2021

हिमाचल के छात्रों की स्किल मैपिंग होगी-गोविन्द सिंह ठाकुर

8th December 2021 at 9:17 AM

चयनित छात्रों के लिए प्रेक्टिकल कार्य शुरू 


शिमला
: 06 दिसम्बर, 2021: (देवभूमि स्क्रीन//एजुकेशन स्क्रीन)::

शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आज यहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रदेश में क्रियान्वयन संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्नवयन में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है।  

उन्होंने कहा कि प्रदेश के चयनित विद्यालयों में छठीं, सातवीं और आठवीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए प्री-वोकेशनल शिक्षा आरम्भ की गई है और इसके अन्तर्गत विद्यालयों को बजट आवंटित किया गया है। प्रदेश के विद्यार्थियों को विस्तृत रूप से प्री-वोकेशनल टेªनिंग प्रदान करने के लिए विद्यार्थियों की स्किल मैपिंग की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को उच्चतर कक्षाओं मेें विषय विशेष का चयन करने में सहायता मिलेगी। विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने में प्रदेश से संबंधित आवश्यकताओं और संबंधित जिलों पर आधारित विषयों को ध्यान में रखकर वोकेशनल ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि वोकेशनल विषयों को पाठ्यक्रम आधारित न रखकर गतिविधियों आधारित रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के 140 महाविद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अन्तर्गत प्रदेश के महाविद्यालयों को बहुविषयक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्नवयन सुनिश्चित करने के लिए टास्क फोर्स के सदस्यों को बढ़ाकर 21 किया जाएगा। एनईपी के अन्तर्गत प्रदेश से सम्बन्धित विषयों का प्रारूप तैयार करने के लिए प्राथमिक और उच्चतर शिक्षा से सम्बन्धित विशेषज्ञों की स्टेरिंग कमेटी गठित की गई है। उन्होंने अधिकारियों को राज्य से सम्बन्धित पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को विषय विशेष से सम्बन्धित विशेषज्ञों का एक डाटा बैंक तैयार करने के निर्देश दिए।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश एनईपी के सफल क्रियान्वयन की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि स्टार परियोजना के अन्तर्गत राज्य के आठ जिलों में परामर्श कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं और शीघ्र ही अन्य जिलों में भी इन कार्यशालाओं का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों को एनईपी से सम्बन्धित जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए जिलों के साथ-साथ खण्ड स्तर पर भी यह कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डी. रामकृष्ण राव, निदेशक उच्चतर शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा, समग्र शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक वीरेन्द्र शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और विद्याभारती के पदाधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

Wednesday, December 1, 2021

ऑनलाइन कहानी सुनाने का अनोखा आयोजन

 1st December 2021 at 05:25 PM WhatsApp 

डीएवी स्कूल के किंडरगार्टनर्स ने की "टी एंड टॉक एक्टिविटी


चंडीगढ़
: 1 दिसंबर 2021: (गुरजीत बिल्ला//एजुकेशन स्क्रीन):: 

कहानी हमेशां से ही बच्चों की मानसिकता को अपने साथ बांधे रखती आई है। हर युग और हर दौर में बच्चों ने कहानी के असर को बहुत ही गहरे मन से स्वीकार किया है। कहानिया ही उनकी शख्सियत को बनाती आई हैं। आज के तकनीकी युग में इसे फिर से अपनाया है डीएवी पब्लिक स्कूल ने। डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर 39, चंडीगढ़ के किंडरगार्टनर्स ने बच्चों के लिए ऑनलाइन कहानी सुनाने का सत्र आयोजित किया। 

किंडरगार्टन टीचर श्रीमती उषा मेहता ने बच्चों के लिए एक बहुत ही अनोखी तरह की "टी एंड टॉक एक्टिविटी " का आयोजन किया, जिसमें बच्चों ने ठंड के मौसम में चाय की चुस्की का आनंद लिया और "दा टाइगर हु केम टू टी" कहानी सुनी।  सभी बच्चे अपने चाय के मग और नाश्ते के साथ तैयार थे और उनके पास अपने शिक्षक की बात सुनने का वास्तव में अच्छा समय था। ये कहानी सत्र बच्चों को व्यस्त रखने के लिए हैं।  दूसरा कारण उन्हें सीखने और उनकी शब्दावली, सुनने के कौशल को बढ़ाना है।