Wednesday, August 25, 2021

श्री गुरु तेग़ बहादुर स्टेट यूनिवर्सिटी आफ लॉ, तरन तारन

 25th August 2021 at 6:03 PM

मुख्यमंत्री पंजाब 27 अगस्त को रखेंगे नींव पत्थर

यूनिवर्सिटी मौजूदा शैक्षिक सैशन 2021 -22 से एल.एल.बी. (टी.वाई.सी.), बी.ए. एल.एल.बी. (एफ.वाई.आई.सी), बी.बी.ए. एल.एल.बी. (पी.आई.सी.), और बी.कॉम एल.एल.बी. (एफ.वाई.आई.सी.) कक्षाएं करेगी शुरू

चंडीगढ़: 25 अगस्त 2021: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो)::

कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा कानूनी शिक्षा के विकास एवं प्रगति के लिए और इस क्षेत्र में विशेष और योजनाबद्ध निर्देशों, प्रशिक्षण और शोध प्रदान करने के उद्देश्यों की पूर्ति के साथ साथ इससे सम्बन्धित मामलों के लिए एक स्टेट यूनिवर्सिटी की स्थापना करने का फ़ैसला लिया गया है। इस यूनिवर्सिटी का नींव पत्थर मुख्यमंत्री पंजाब द्वारा 27 अगस्त, 2021 को रखा जायेगा।

इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुये पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि श्री गुरु तेग़ बहादुर स्टेट यूनिवर्सिटी आफ लॉ, तरन तारन का उद्देश्य भाषणों, सैमीनारों, सम्मेलनों, वैबीनारों, वर्कशापों और कान्फ़्रेंसों का आयोजन करके कानूनी ज्ञान और कानूनी प्रक्रियाओं और राष्ट्रीय विकास में इनकी भूमिका संबंधी जागरूकता पैदा करना है। इसके इलावा इसका उद्देश्य लोगों के हितों के लिए सार्वजनिक चिंता के वर्तमान मुद्दों और उनके कानूनी प्रभावों के विश्लेषण और पेश करने के नज़रिए में सुधार करना और यूनिवर्सिटी के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए ज़रूरी और अनुकूल सभी कार्य करना है।

इसी पर और अधिक जानकारी देते हुये प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्धी बार कौंसिल आफ इंडिया से अपेक्षित मंज़ूरी प्राप्त कर ली गई है। इसके साथ ही श्री गुरु तेग़ बहादुर स्टेट यूनिवर्सिटी आफ लॉ, तरन तारन की स्थापना के लिए एक्ट 2-एफ के अधीन यूनिवर्सिटी ग्रांटस कमिशन, नयी दिल्ली की मंजूरी भी ले ली गई है।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि पंजाब सरकार द्वारा यूनिवर्सिटी बजट के लिए 5 करोड़ रुपए मंज़ूर किये हैं जिनमें से वित्तीय साल 2020-21 में यूनिवर्सिटी को 159.10 लाख रुपए जारी किये गए हैं और वित्तीय साल 2021-22 के लिए 7 करोड़ रुपए अलाट किये गए हैं।

उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से इमारत के नवीनीकरण के लिए 135.15 लाख रुपए की राशि भी जारी की गई है और नवीनीकरण के लिए टैंडर जारी कर दिया गया है।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि यूनिवर्सिटी के आर्कीटैक्चरल डिज़ाइन को पहले ही अंतिम रूप दे दिया गया है और प्रोजैक्ट का काम निर्धारित समय में शुरू कर दिया जायेगा। कैंपस में एक अकादमिक ज़ोन, प्रशासनिक कंपलैक्स, रिहायशी ज़ोन (रिहायश और होस्टल), खेल और मनोरंजन सुविधा शामिल होंगी।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार की तरफ से लॉ कोर्सों के लिए राज्य स्तर पर केंद्रीकृत दाखि़ला गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर को अलाट किया गया है और श्री गुरु तेग़ बहादुर स्टेट यूनिवर्सिटी आफ लॉ, तरन तारन के लिए दाखि़ला प्रक्रिया अधीन है।

Tuesday, July 27, 2021

AECC का वर्चुअल एजुकेशन फेयर 7 अगस्त 2021 तक चलेगा

 Tuesday: 27th July 2021 at 3:02 PM

200 से अधिक विश्वविद्यालय भाग ले रहे हैं


लुधियाना
: 27 जुलाई 2021: (कार्तिका सिंह//एजुकेशन स्क्रीन):: 
 

ए ई सी सी ग्लोबल की ओर से 23 जुलाई से 7 अगस्त 2021 तक वर्चुअल एजुकेशन फेयर का आयोजन कर रहा है। यह जानकारी संस्थान की रीजनल हेड कंचन अरोड़ा ने दी।

कंचन अरोड़ा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि एईसीसी ग्लोबल के भारत भर के बड़े बड़े शहरों में जैसे अहमदाबाद, बैंगलोर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुरुग्राम, हैदराबाद, जालंधर, कोच्चि, लुधियाना, नई दिल्ली, सूरत, वडोदरा, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में कार्यालय है। पिछले लगभग डेढ़ वर्ष कोरोना महामारी की आपदा में कोरोना गाइडलाइंस की पाबन्दियों के चलते स्टूडेंट्स उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अपने मनपसंद देश मे नही जा पाए। अब स्थिति में नियंत्रण होने से उनके सपने साकार होने जा रहे है। विदेशी शिक्षण संस्थानों ने अगले सत्र के लिए भारतीय स्टूडेंट्स के लिए अपने अपने संस्थानों के द्वार खोल दिये हैं। इसी को देखते हुए ए ई सी सी ग्लोबल संस्थान द्वारा जनवरी और मई इनटेक के लिए स्टूडेंट्स के लिए इन शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों से अवसर उपलब्ध करवाने की शुरुआत करने के उद्देश्य से सिलसिलेवार ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करने का तय किया है। जोकि 23 जुलाई से शुरू होकर 07 अगस्त तक चंडीगढ़ और पंजाब के विभिन्न शहरों में वर्चुअल एजुकेशन फेयर आयोजित किया जाएगा। छात्र कार्यक्रम के बारे में और अधिक समझने के लिए वॉक-इन भी कर सकते हैं। इस आयोजन में ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, यूएसए और कनाडा के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो विभिन्न डोमेन में अभिनव और अच्छी तरह से शोध किए गए स्नातक, मास्टर और डबल डिग्री कोर्स की विस्तृत श्रृंखला पेश करेंगे।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:

1. इस आयोजन में 200 से अधिक विश्वविद्यालय भाग ले रहे हैं

2. छात्र विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों से मिल सकते हैं और संस्थानों और उस पाठ्यक्रम/कार्यक्रम के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त कर सकते हैं जिसका वे अध्ययन करना चाहते हैं।

3. शिक्षण शुल्क पर संस्थानों द्वारा विभिन्न छात्रवृत्ति और बर्सरी की पेशकश की जाती है। पात्र छात्र उसी के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और उसी दिन अपनी छात्रवृत्ति सुरक्षित कर सकते हैं।

4. उसी दिन विश्वविद्यालयों में आवेदन करने वाले छात्र आवेदन और प्रसंस्करण शुल्क पर छूट का लाभ उठा सकते हैं।

5. छात्र अपने अकादमिक और पेशेवर (कार्य अनुभव) दस्तावेजों को ऑन-स्पॉट प्रोफाइल मूल्यांकन के लिए ले जा सकते हैं।

Thursday, July 22, 2021

न्यूज़पेपर क्राफ्टिंग में बीसीएम स्कूल के बच्चों ने दिखाया कमाल

 22nd July 2021 at 9:05 AM

पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों ने भाग लिया 


लुधियाना
: 22 जुलाई 2021: (कार्तिका सिंह//एजुकेशन स्क्रीन):: 

कोई ज़माना था जब घर परिवार के माहौल में भी  बच्चे बहुत कुछ सीखते थे और बहुत कुछ ऐसा करते जो रहती ज़िंदगी तक उनके लिए एक यादगार बना रहता था।  फिर परिवारिक माहौल बदले, परिवार छोटे होते चले गए। ऐसे में कुछ कर दिखाने के जूनून और शौंक भी बदलते चले गए। अब बीसीएम स्कूल ललतों  बच्चों में छुपी प्रतिभा को बाहर लाने के लिए बहुत से प्रयास किये हैं। 

बीसीएम आर्य स्कूल, ललतों  ने कक्षा   पहली से पाँचवी  तक के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन 'अखबार शिल्प कला का आयोजन किया। छात्रों को पुराने समाचार पत्रों का उपयोग कुछ उपयोगी और सुंदर सजावटी विधि' का  वस्तुओं को डिजाइन करने और बनाने के लिए कुछ करना था। कुछ कृतियों में पेंसिल होल्डर, कुआं, फूलदान, फूल, फोटोफ्रेम, खिलौने, तितलियां, दीवार पर लटकने वाली चीजें, घड़ी, पेपर बैग, सर्विंग ट्रे आदि शामिल हैं। सबसे अच्छी चीज थी कुँए और झूले का वर्किंग न्यूजपेपर मॉडल। आने वाले त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए कई बच्चों ने पार्टी प्रॉप्स भी तैयार किए।

कोरोना का माहौल ठीक होते ही इन बच्चों की प्रतिभा को और भी पंख मिलेंगे। जल्द ही इनके काम का नाम भी होगा। इनकी प्रतिभा इन्ही छोटे छोटे प्रयासों से एक दिन बहुत बड़ी छलांग लगाएगी। 


Tuesday, July 20, 2021

डी. डी. जैन कॉलेज ने कराई साईबर क्राईम पर चर्चा

 20th July 2021 at 01:58 PM

 विशेषज्ञों ने भी बतायीं इससे बचने को ख़ास ख़ास बातें 


लुधियाना: 20 जुलाई 2021: (एजुकेशन स्क्रीन ब्यूरो):: 

साईबर क्राईम की समस्या दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा  रही है। हालांकि पुलिस में भी इससे निपटने के लिए अलग विभाग और सेल बन चुके हैं फिर भी समस्या विकराल होती जा रही है। उसे ले कर एक चर्चा का आयोजन  किया लुधियाना के पुराने संस्थानों में से एक जैन शिक्षण संस्थान डी डी जैन कालेज ऑफ एजुकेशन ने। 

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डी. डी. जैन कॉलेज ऑफ एजुकेशन ने कोविद जैसे कठिन समय में भी 20 जुलाई, 2021 को दोपहर के सत्र में छात्रों और शिक्षकों के लिए वर्चुअल मोड के माध्यम से "साइबर अपराध" पर व्याख्यान का आयोजन किया। इस अवसर पर श्री पवन कुमार, प्रभारी साइबर यूनिट-1, लुधियाना मुख्य अतिथि थे। एस. जुझार सिंह और सुश्री हरकिरण कौर विशिष्ट अतिथि थीं। इन ख़ास मेहमानों ने बहुत ही अच्छी जानकारी प्रदान की। 

डॉ. विजय लक्ष्मी ने अध्यक्ष श्री नंद कुमार जैन और प्रबंध समिति के अन्य सभी सदस्यों की ओर से सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। 

श्री पवन ने साइबर अपराधों में नवीनतम रुझानों और उन्हें रोकने के लिए अपनाए जाने वाले विभिन्न निवारक उपायों के बारे में सभी को अवगत कराया। उन्होंने महिलाओं के बीच विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों की बढ़ती दर पर जोर दिया। उन्होंने नुकसान को कम करने के लिए उठाए जाने वाले विभिन्न तात्कालिक कदमों को बहुत खूबसूरती से समझाया।

एस. जुझार सिंह ने विभिन्न सोशल मीडिया पर हो रहे अपराधों के बारे में सभी को अवगत कराया और उन सभी को रोकने के वैकल्पिक तरीके प्रदान किए। इसके अलावा, सुश्री हरकिरन छात्रों को किसी को , यहां तक ​​कि निकटतम समूह में भी कोई व्यक्तिगत तस्वीर साझा नहीं करने का सुझाव दिया।

अंत में, छात्रों और शिक्षकों के विभिन्न प्रश्नों को विशेषज्ञ कर्मियों द्वारा संतुष्ट किया गया और औपचारिक धन्यवाद प्रस्तुत किया गया।

Thursday, July 15, 2021

सरकारी स्कूलों में और सहूलतें मुहैया करवाने के लिए और फंड

 Thursday 15th July 2021 at 10:38 PM

पंजाब सरकार ने  6.43 करोड़ रुपए मंज़ूर-विजय इंदर सिंगला

832 सरकारी स्कूलों के स्मार्ट क्लासरूमों में पेंट भी नया होगा 
कायाकल्प के लिए कई और नए काम भी होंगें 
इन पर खर्चे जाएंगे  ख़र्चे जाएंगे 73.38 लाख रुपए-स्कूल शिक्षा मंत्री
चंडीगढ़: 15 जुलाई 2021: (गुरजीत बिल्ला//एजुकेशन स्क्रीन)::
शिक्षा मंत्री विजय सिंगला
स्कूल शिक्षा मंत्री पंजाब श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार लाने के लिए लगातार ज़रुरी फंडों की व्यवस्था यकीनी बनाई जा रही है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि लगभग 13,000 सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में तबदील करने के इलावा, राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र की प्रभावशाली गतिविधियों के लिए अन्य सहूलतें देने और स्कूलों की छवि को आकर्षक बनाने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट स्कूल प्रोजैक्ट के अंतर्गत राज्य भर के सर्वोत्त्म स्कूलों में फाटकों के निर्माण और नवीनीकरण और रिसैपशन एरीए के निर्माण के लिए 6.43 करोड़ रुपए की राशि की ग्रांट को मंज़ूर किया गया है।
श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि हाल ही में नये स्मार्ट क्लासरूमों के लिए 117 करोड़ रुपए का बजट पहले ही मंज़ूर किया जा चुका है और अब शिक्षा विभाग की तरफ से 832 सरकारी स्कूलों के स्मार्ट क्लासरूमों के पेंट और अन्य नवीनीकरण कामों के लिए 73.38 लाख रुपए की अतिरिक्त ग्रांट देने का फ़ैसला किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि विभाग की तरफ से सरकारी स्कूलों के अन्य 14,853 क्लासरूमों में इसी तरह के कामों के लिए भी जल्द ही 4.46 लाख की ग्रांट जारी की जायेगी। उन्होंने आगे कहा कि इन ग्रांटों के उचित प्रयोग के लिए समूह जि़ला शिक्षा अधिकारियों को ज़रूरी हिदायतें पहले ही जारी कर दीं गई हैं। शिक्षा विभाग की तरफ से जि़ला शिक्षा अधिकारियों को हिदायत की गई है कि वह स्मार्ट क्लासरूमों के दरवाजों और खिड़कियों पर पेंट और प्रोजैक्टरों की सुरक्षा सम्बन्धी ज़रुरी कामों को यकीनी बनाएं।
श्री सिंगला ने बताया कि राज्य भर में से सबसे बढिय़ा 735 सरकारी स्कूलों का चयन किया गया है और इन स्कूलों में रिसैपशन एरीए का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि रिसैपशन एरीए का प्रयोग माता-पिता और अन्य व्यक्तियों के लिए आतिथ्य और मीटिंग रूम के तौर पर किया जायेगा जिससे क्लासों को परेशान किये बिना उनको स्कूल में उपलब्ध सहूलतों के प्रति जागरूक किया जा सके।

Monday, June 21, 2021

SCD सरकारी कॉलेज Ldh. में मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

लुधियाना के शिक्षा क्षेत्रों हुए विशेष आयोजनों में एक रहा 


लुधियाना: 21 जून 2021: (कार्तिका सिंह//एजुकेशन स्क्रीन)::

आज एक अदभुत और यादगारी आयोजन था। सतीश चंद्र धवन राजकीय कालेज का नाम ज़हन में आते ही याद आते हैं जनाब साहिर लुधियानवी साहिब। दुनिया को स्वर्ग से भी सुंदर बनाने के लिए उन्होंने बहुत से सपने देखे थे। उनके इन बहुत से सपनों में से एक सपना नए समाज के निर्माण का भी था। उस सपने पर उन्होंने एक गीत भी बुना था: 

जेलों के बिना जब दुनिया की सरकार चलाई जाएगी!                                                                                    वो सुबह कभी तो आएगी!

वो सुबह तो अभी तक कहीं नज़दीक भी नज़र नहीं आती लेकिन उस सपने को देखने वाले बहुत से लोग और बहुत से शायर ज़रूर पैदा हो गए। इस सपने को देखने वालों और इसे  साकार करने का संघर्ष करने वालों का एक काफिला बहुत बड़ा हो गया। इस काफिले के लोगों की नज़र रास्ते में बिछे काँटों और अंगारों पर भी रहती और आसमान छूने की चाहत भी जूनून की तरह बरकरार रहती। इस तरह ये लोग हर योग साधना में  ही रहते। मुसीबतों का सामना और सपने की ताबीर दोनों में तालमेल रहता। शायरी के साथ साथ ज़िंदगी की मुसीबतों के तूफ़ान का सामना करते हुए ये लोग कभी अपना सपना भी नहीं भोयोले और मंज़िल भी। इस काफिले में कोई न कोई शायर भी मिल जाएगा और कोई न को शायरा भी नज़र आ जाएगी। ये लोग आज के इस योग शिविर में भी थे। 

आज के योग शिविर में भी एक तरह से यही दृश्य था। एससीडी सरकारी कॉलेज लुधियाना की एनएसएस इकाई ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय योग संस्थान के सहयोग से योग शिविर का आयोजन किया। डॉ. गुरप्रीत कौर (प्रिंसिपल एससीडी सरकारी कॉलेज) ने प्रतिभागियों को संबोधित किया और कहा कि योग को एक सुखी और स्वस्थ जीवन जीने के लिए दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। प्रिंसिपल गुरपीत कौर भी बहुत  ही एकाग्रता से योग साधना में लीन थी। जानीमानी शायरा और इसी कालेज में प्रोफेसर इरादीप त्रेहन भी योग साधना में मगन थी। 

प्रोफेसर अश्विनी भल्ला (डीन अकादमिक मामलों), प्रो गुरशरण संधू,  प्रो गीतांजलि पबरेजा (संयोजक एनएसएस गर्ल्स यूनिट), प्रो अरुण कुमार (संयोजक एनएसएस बॉयज यूनिट), डॉ सजला, प्रो इरादीप त्रेहान,  प्रो मोहिंदर आदि ने  शिविर में भाग लिया, जबकि छात्रों ने वर्चुअल मोड में भाग लिया। एक वीडियो और फोटो प्रतियोगिता 'स्टे एट होम स्टे विद योगा' का आयोजन भी किया गया था।  जो विद्यार्थी अपने घरों में विभिन्न योग मुद्राएं कर रहे थे, उनके बीच अंजलि कुमारी ने प्रथम पुरस्कार जीता था। 

जबकि इशिता कात्याल और ऋतिक सोढ़ी ने दूसरा पुरस्कार जीता, तीसरा पुरस्कार अमित शर्मा और आकाश सचदेवा ने जीता।  सांत्वना पुरस्कार समीर सभरवाल ने जीता। लगभग 100 स्वयंसेवकों ने बड़े उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। 

इस दिन को चिह्नित करने के लिए 42 एनसीसी कैडेटों ने भी मंत्रालय द्वारा आयोजित ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी में भाग लिया। 50 कैडेटों ने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया तथा लेफ्टिनेंट नितिन सूद ने प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया। कुल मिलाकर आज का यह प्रोग्राम भी बहुत ही यादगारी रहा। 

Saturday, April 24, 2021

प्रताप कॉलेज द्वारा अंतराष्ट्रीय वैबिनार आयोजित

Saturday: 24th April, 2021 At 1:54 PM 

'पैडागोजिकल टैक्नोलॉजीस इन टीचिंग' रहा मुख्य विषय 

लुधियाना: 24 अप्रैल, 2021: (कार्तिका सिंह //पंजाब स्क्रीन) ::

डॉ मनप्रीत कौर 
प्रताप कालेज आफ एजुकेशन, लुधियाना तथा कज़ान फैडरल यूनिवर्सिटी(K.F.U),रशिया के इंस्टीट्यूट आफ फिलालोजी एंड इंटरकल्चरल कम्युनिकेशन के संयुक्त तत्वावधान में ,"अन्तर्राष्ट्रीय वैबीनार"आयोजित किया गया।इन दोनों संस्थाओं के मध्य मजबूत सांझ विकसित करने के लिए किए गये इस अंतरराष्ट्रीय वैबीनार का मुख्य विषय,' पैडागोजिकल टैक्नोलॉजीस इन टीचिंग एक्टीविटीज 'था।इस वैबीनार मे इंडिया, स्पेन, रशिया, इटली, सउदी अरब और पुर्तगाल से    60 से अधिक शिक्षकों व शोधार्थियों ने भाग लिया।

 प्रताप कालेज आफ ऐजुकेशन के डायरेक्टर डा.बलवंत सिंह के स्वागती सम्बोधन से वैबीनार की शुरुआत हुई।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में टैक्नोलॉजी  का प्रयोग शिक्षण संस्थानों के लिए अनिवार्य है परन्तु इसमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।प्रोफेसर रेडिफ आर.जमालेतदिनोव, डायरेक्टर, इंस्टीट्यूट ऑफ फिलालोजी एंड इंटरकल्चरल कम्युनिकेशन, के.एफ.यू.,रशिया ने भी नये तकनीकी माध्यमों द्वारा शिक्षण करवाने संम्बन्धित जानकारी सांझा की।  

सर्वप्रथम लारा सारा अगरती,(एसोसिएट प्रोफेसर, यूनिवर्सिटी ऑफ बरगिमो, इटली) ने 'ट्रेनिंग आफ टीचर्स इन टैक्नोलॉजी ऐस नेवर एंडिंग स्टोरी' विषय पर विचार व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि आनलाइन टीचिंग में अध्यापक को खुद सक्रिय भूमिका निभाते हुए शिक्षण करवाना चाहिए।आनलाइन उपलब्ध टूल्स  के लगातार प्रयोग से विद्यार्थियों में बढ़ रहे तनाव को दूर किया जाना अति आवश्यक है।एक शिक्षक की इस तनाव को दूर करने में विद्यार्थियों की मदद करना अति महत्वपूर्ण भूमिका है।इसके लिए अध्यापक को भी सक्रिय रहते हुए नये माध्यम सीखने की आवश्यकता है।    


 भारत से डा.मनप्रीत कौर (प्रिंसिपल, प्रताप कालेज आफ ऐजुकेशन)ने "ट्रेडिशन्स एंड इनोवेशन इन यूजिंग पैडागोजिकल टैक्नोलॉजिस इन इंडियन ऐजुकेशन" विषय संम्बन्धित प्रभावशाली वक्तव्य दिया।.उनके अनुसार भारतीय पारम्परिक शिक्षा प्रणाली के ढंग आज भी शिक्षण संस्थानों में अपनाने चाहिए।उन्होंने समृद्ध भारतीय शैक्षणिक व्यवस्था का वर्णन तक्षशिला, नालंदा आदि अति प्राचीन यूनिवर्सिटियों का हवाला देकर किया।उन्होंने कहा कि भले ही कोरोना काल में टैक्नोलॉजी का प्रयोग शिक्षण के लिए किया जा रहा है, परन्तु व्यक्तिगत तौर पर वह पारम्परिक शिक्षा व्यवस्था के हक में है।उन्होंने आशा प्रकट करते हुए कहा कि शीघ्र ही परिस्थितियों के सामान्य हो जाने पर छात्रों के विद्यालयों में आना शुरू होने पर वास्तविक क्लास रूम शिक्षण व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जा सकेगा।उनके अनुसार भारत जैसे विकासशील देश में लगभग आधी आबादी के पास नये टैक्नोलॉजी आधारित मोबाइल फोन या लैपटॉप आदि उपकरण उपलब्ध नहीं है, अतः उन्हें शिक्षित करना असंभव है।इसके अलावा नेटवर्क की समस्या के कारण भी शिक्षण सही तरीके से नहीं करवाया जा सकता।इसलिए कक्षाओं में अध्यापकों व विद्यार्थियों की उपस्थिति से ही सभी को सही तरीके से ज्ञान प्रदान किया जा सकता है।

 उन्होंने कहा कि असल में नवाचार से अभिप्राय नये-नये टूल विकसित करना नहीं होता, अपितु टूल चाहे नया हो या पुराना, उसे कुछ नया सीखने के लिए प्रयोग किया जाना ही नवाचार कहलाता है।उन्होंने सांइस आफ लर्निंग संम्बंधित कुछ टूल्स की जानकारी सांझा की। तदुपरान्त चिली देश की एबेल सी.ने तथा कज़ान फैडरल यूनिवर्सिटी की एलिना डी. ने अपने विचार पेश किए। सउदी अरब की ज़जान यूनिवर्सिटी से एसोसिएट प्रोफेसर मुनाज़ाह शेख तथा पुर्तगाल से पोलिटैक्निक आफ पोर्टो के प्रोफेसर मैनूल कार्लोस एफ. नेअपने अपने देशों में अपनाई जा रही टीचिंग एक्टीविटीज की जानकारी सांझा की।

  भारत से प्रताप कालेज आफ ऐजुकेशन की असिस्टेंट प्रोफेसर बलविंदर कौर ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में वर्तमान समय में अपनाए जा रहे शिक्षा माध्यमों के बारे बताया। इस सारे कार्यक्रम का संचालन कज़ान फैडरल यूनिवर्सिटी से स्वेतलाना वी.कारकिना(कैंडीडेट आफ पैडागाजी ,एसोसिएट प्रोफेसर आफ डिपार्टमेंट ऑफ टाटरिस्टिक्स एंड कल्चरल स्टडीज) ने अत्यंत सफलतापूर्वक किया। अंत में भारत से डा.मनप्रीत कौर ने वैबीनार के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर सभी को धन्यवाद दिया।